एक ऐसा धाम, जहां प्रकृति खुद हर दिन करती है शिवलिंग का जलाभिषेक

केदारनाथ धाम पर लगेगा मेला, तीन लाख से ज्यादा पहुंचेंगे भक्त

By: Amit Mishra

Published: 03 Mar 2019, 11:45 PM IST

गुना @मोहर सिंह लोधी की रिपोर्ट...

महाशिवरात्रि पर्व सोमवार को शिवालयों में मनेगा। जहां शिव भक्त भगवान भोले का जल, दूध, दही, बेलपत्र, धूप बत्ती आदि से अभिषेक करेंगे। लेकिन शहर से 45 किमी दूर भोलेनाथ का धाम केदारनाथ ऐसा स्थान है, जहां प्रकृति खुद शिवलिंग का जलाभिषेक करती है। दरअसल, केदारनाथ में भगवान शिव गुफा में विराजमान हैं और शिवलिंग पर ऊपर से पानी रिसता रहता है। यह नजारा बारिश के साथ गर्मी और सर्दियों में भी देखने मिलता है। यह स्थान जितना प्राचीन है, लोकप्रियता भी उतनी ज्यादा है। शिवरात्रि पर यहां पर करीब तीन लाख भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। इस वजह से एसपी राहुल कुमार और पुलिस ने मेला स्थल को देखा। यहां सुरक्षा में दो दर्जन से अधिक पुलिस जवान तैनात होंगे।

 

भक्त यहां से पहुंचे केदारनाथ धाम
जिला मुख्यालय से केदारनाथ धाम जाने दो रास्ते हैं। गुना से ऊमरी, हाथीकूंदन और महोदरा गांव से धाम पर पहुंच सकते हैं। ये सबसे सीधा रास्ता है। करीब 20 किमी दूरी तय करने पर शिवलिंग के दर्शन हो सकते हैं। दूसरा रास्ता चार पहिया वाहनों के लिए जो गुना से ऊमपरी, खेतीखता गांव होते हुए महोदरा जाकर भगवान के दर्शन होंगे। ये दूरी करीब 45 किमी की है।


भोले के इन स्थानों की महिला भी अपरम्पार
बाघ बागेश्वर: गुना से 60 किमी दूर चांचौड़ा ब्लाक में यह स्थान भी प्राचीन है। यहां पर तीन दिन मेला लगेगा। 20 हजार से ज्यादा लोग पहुंचेंगे। इसी ब्लाक में चौड़ारेश्वर मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है।

गादेर गुफा: गुना शहर के पास भगवान भोलेनाथ की गुफाओ में गादेर और मालपुर की गुफाएं काफी महत्व रखती हैं। शिवरात्रि पर यहां भी भक्तों का तांता लगेगा। यहां भी शिवरात्रि की तैयारी की गई है।

 

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मधुसूदनगढ़ में निकलेगी शिव बारात
मधुसूदनगढ़ में महाशिवरात्रि पर शिव बारात का आयोजन किया जाएगा। रेस्ट हाउस गुना रोड से गाजे बाजे के साथ सदर बाजार होते हुए लटेरी रोड स्थित शिवालय पहुंचेगी। यहां पर शिव अभिषेक, महाआरती, प्रसादी का वितरण होगा। कस्बे के व्यवसायी रामप्रसाद कैलाश नारायण अग्रवाल द्वारा बारात का स्वागत किया जाएगा।


सत्संग और संगीतमय शिवकथा होगी
गुना टेकरी रोड स्थित बूढ़े बालाजी मंदिर प्रांगण में सत्संग समारोह व संगीतमय शिवकथा होगी। मानव उत्थान सेवा समिति के लक्ष्मीनारायण ओझा ने बताया कि कार्यक्रम 3 व 4 मार्च को दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक होंगे। कार्यक्रम में सतपाल महाराज की शिष्या अंबालिकाबाई, धर्मावती बाई, सुनिधि बाई विचार रखेंगी।


बिजली एवं पेयजल की उठाई मांग
विराट हिन्दू उत्सव समिति के तहत प्राचीन स्थलों पर 4 मार्च को महाशिवरात्रि के अवसर पर लगने वाले मेलों की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने मेले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की मांग करते हुए पहुंच मार्गों के दुरूस्तीकरण की मांग की है। जंगली क्षेत्रों में बसे ग्रामों में बिजली की लगातार कटौती के चलते हादसे घटित हो सकते हैं। बसों, जीपों एवं अन्य यात्री वाहनों के किराया में अंकुश लगाया जाए।

Amit Mishra
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