पत्रिका पड़ताल : बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अस्पताल और थानों में नहीं किए बचाव के इंतजाम

- दोनों ही जगह बंद मिली हैंड वॉश मशीन, न सेनेटाइजर की व्यवस्था
- सार्वजनिक स्थल व कार्यालयों में हैंड सेनेटाइज, थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने कलेक्टर ने दिए थे आदेश

By: Narendra Kushwah

Published: 05 Apr 2021, 12:06 AM IST

गुना. कोरोना संंक्रमण को समय रहते काबू करने के लिए भीड़ वाले स्थान व कार्यालयों में कोविड नियमों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना बेहद आवश्यक है। जो भी इनका पालन करते नहीं पाया जाएगा उसके खिलाफ धारा 144 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इन निर्देशों का पालन अब तक सरकारी संस्थाओं में ही नहीं हो सका है। यह जानकरी पत्रिका पड़ताल में सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा भीड़ और संपर्क वाले स्थान हैं बस स्टैंड व पुलिस थाने। जहां बाहरी लोगों का पूरे समय आना जाना बना रहता है। इन दोनों ही स्थानों पर जाकर पत्रिका ने कोविड नियमों के पालन की हकीकत जानी। इस दौरान सामने आया कि बस स्टैंड पर सबसे ज्यादा कोविड नियमों की अवहेलना हो रही है। ज्यादातर न तो बस स्टाफ इसका पालन कर रहा है और न ही यात्री। जबकि बसों में सवार होने वाले यात्री कई जिलों से होकर आ रहे हैं। ऐसे में न तो यात्री मास्क लगा रहे हैं और न ही बस स्टाफ। गौर करने वाली बात है कि बसों को समय-समय पर सेनेटाइज भी नहीं किया जा रहा है। यह अनदेखी कभी भी भारी पड़ सकती है। पत्रिका टीम जब यहां पहुंची तो चौकी बंद थी। गेट पर ताला लगा हुआ था। आसपास कहीं भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। इसके अलावा बिना मास्क वाले लोगों को रोकने टोकने या चालानी कार्रवाई करने के लिए भी कोई अमला यहां नहीं मिला। इसके उलट रेलवे स्टेशन पर कर्मचारी मौजूद मिला। जबकि यात्रियों की संख्या न के बराबर है।


शहर के सिटी कोतवाली व कैंट थाने की भी पड़ताल की। यहां सामने आया कि बीते साल जो हैंड वॉश के लिए पैडल मशीन लगाई थी, वह बंद मिली। ऐसे में जो भी व्यक्ति बाहर से आएगा वह चाहकर भी हाथ नहीं धो पाएगा। यहां बता दें कि इस मशीन में दो तरह का पानी मौजूद रहता है। एक टोंटी से सादा पानी आता है तो दूसरी से साबुन का पानी। कलेक्टर के निर्देश के तहत यहां न तो थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था मिली और न ही हैंड सेनेटाइजर। चिंताजनक बात है कि थाने में शिकायत लेकर आए लोग भी बाहर से आते हैं और थाने का अमला भी फील्ड में कई लोगों से संपर्क के बाद वापस थाने आता है। यहां यदि वह प्रवेश होने से हैंड वॉश व सेनेटाइज नहीं होगा तो वह ऑफिस स्टाफ को संक्रमित कर सकता है। इसके अलावा पत्रिका टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों के तीन-चार थानों का और भ्रमण किया तो वहां भी कोरोना से बचाव के लिए न तो हैंड वॉश मिला न सेनेटाइज।
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जहां सबसे ज्यादा जरूरत वहां नहीं कोई इंतजाम
संक्रमण फैलने की दृष्टि से सबसे ज्यादा संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है जिला अस्पताल। जहां गुना ही नहीं बल्कि दूसरें जिलों से भी विभिन्न गंभीर बीमारी से पीडि़त मरीजों के साथ-साथ उनके अटैंडर भी आते हैं। इन दिनों कोरोना के संदिग्ध मरीज भी बड़ी संख्या में अपना सैंपल कराने यहां आ रहे हैं। ऐसे में यहां संक्रमण फैलने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है। यह स्थिति होने के बावजूद भी अस्पताल में हैंड वॉशिंग पैडल मशीन काफी समय से बंद पड़ी है। यही नहीं फीवर क्लीनिक व कोरोना सैंपल कलेक्शन सेंटर के आसपास भी हैंड सेनेटाइज की कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पताल परिसर में मरीज अटैंडर के अलावा ऑटो चालक बिना मास्क के घूमते नजर आते हंै लेकिन आज तक किसी पर कार्रवाई नहीं की गई है।

Narendra Kushwah Reporting
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