मंडे मेगा स्टोरी : जिले में लगातार बढ़ रहा डेंगू का प्रकोप, कुल पॉजिटिव की संख्या 71 हुई

पड़ौसी जिले शिवपुरी में कोरोना के 4 एक्टिव केसों ने गुना की चिंता बढ़ाई
- डेंगू के बढ़ते प्रकोप से जूझ रहे प्रशासन के समक्ष कोरोना बन सकता बढ़ी परेशानी
- वायरल फीवर, मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड के मरीजों से पहले ही ओवर फ्लो हो चुका है जिला अस्पताल
- कोरोना मुक्त गुना जिलेवासी कोविड गाइड लाइन के प्रति हो चुके हैं लापरवाह

By: Narendra Kushwah

Updated: 04 Oct 2021, 12:06 PM IST

गुना. सावधान ! जिले में डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बीच एक और नया खतरा मंडराने लगा है। वह है कोरोना का संक्रमण, जिसने पड़ौसी जिले शिवपुरी में दस्तक तो पहले ही दे दी थी। लेकिन एक ही दिन में तीन नए मामले सामने आने के बाद गुना जिले वासियों की चिंता बढ़ गईहै। क्योंकि न सिर्फ अधिकांश लोग शिवपुरी के ही गुना में निवास करते हैंं। बल्कि कुछ लोगों का प्रतिदिन वहां आना जाना होता है। वर्तमान में दोनों ही जगह कोविड गाइड लाइन को लेकर लोग बहुत ज्यादा लापरवाह भी हो गए हैं। यात्रा के दौरान तो कोरोना से बचाव के लिए कोई भी एहतियात नहीं बरता जा रहा है। यहां तक कि मास्क भी लोग नहीं लगा रहे हंै। इन सबके बीच गुना जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में कुल पॉजिटिव मरीज की संख्या 71 तक पहुंच गई है।
जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में डेंगू का सबसे पहला केस 14 सितंबर को सामने आया था। इसके बाद महज 18 दिनों में कुल मरीजों की संख्या 71 पहुंच चुकी है। इनमें तीन मरीज ऐसे हैं जिनकी रिपोर्ट दूसरी बार भी पॉजिटिव आई है। डेंगू के मामले में चिंता की बात यह है कि इसका शिकार हर उम्र के लोग हो रहे हंै। जिनमें महिला, पुरुष के साथ-साथ छोटे बच्चे भी शामिल हैं। जिला अस्पताल में पहले से ही वायरल बुखार, मलेरिया, टाइफाइड, पीलिया तथा निमोनिया के मरीज भर्ती हैं। ऐसे डेंगू के गंभीर मरीजों को वार्ड में पलंग मिलने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति भी तब है जब जिला अस्पताल में जो वार्ड कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित किए गए थे, उनका उपयोग इन बीमारियों के मरीजों के लिए किया जाने लगा है।
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इसलिए चिंता की बात
वर्तमान समय में मौजूदा हालातों को देखते हुए आमजन के साथ-साथ शासन-प्रशासन के लिए सोचने का विषय है। वायरल फीवर, टाइफाइड, निमोनिया के बीच बढ़ते डेंगू के प्रकोप ने सरकारी तथा निजी अस्पतालों से लेकर अप्रशिक्षित डॉक्टरों की क्लीनिकों पर मरीजों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ा दी है। जिस तरह शिवपुरी जिले में अचानक से कोरोना के तीन नए पॉजिटिव मरीज सामने आ गए हैं। इनमें दो छोटे बच्चे भाई-बहन हैं जबकि एक बीए की छात्रा है। जो सिर्फ कोचिंग जाती थी। यदि ऐसा ही मामला इस समय गुना जिले में सामने आ जाए तो हालात बेहद चिंतनीय हो जाएंगे। क्योंकि इस समय पूरा प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा बढ़ते डेंगू के प्रकोप को थामने में लगा हुआ है।
चिंता की दूसरी बात यह है कि गुना जिला बीते काफी समय से कोरोना मुक्त बना हुआ है। यही वजह है कि जिलेवासी कोरोना गाइड लाइन को लगभग भूल चुके हैं। खासकर बसों व सार्वजनिक स्थानों पर सोशल डिस्टेंस तो क्या मास्क लगाए तक लोग नजर नहीं आ रहे हैं। यदि इसी तरह की अनदेखी आगे भी जारी रही तो कभी भी गुना में भी कोरोना संक्रमण की वापसी हो सकती है।
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डेंगू ने पूरे जिले को कवर किया
आमजन से लेकर स्वास्थ्य विभाग ने ऐसा नहीं सोचा था कि डेंगू का फैलाव इतने कम समय पूरे जिले में फैल जाएगा। सबसे पहला मामला आरोन क्षेत्र से सामने आया था। इसके बाद दो और मरीज भी इसी इलाके से आए। जो जिला अस्पताल में भर्ती होने के बाद स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हो गए। यह देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया और अगले 16 दिन में 50 तथा 2 दिन में कुल आंकड़ा 71 तक जा पहुंचा। गौर करने वाली बात है कि डेंगू का प्रकोप जिला मुख्यालय से लेकर जिले की सभी तहसील तथा ग्रामीण क्षेत्र में पहुंच चुका है।
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इन इलाकों में मिले चुके हें डेंगू के केस
डेंगू पॉजिटिव केसों की संख्या के हिसाब से जिला मुख्यालय पर हड्डी मिल क्षेत्र हाई रिस्क जोन बन चुका है। इसके अलावा बरवटपुरा, हड्डीमिल, पुरानी छावनी, बूढ़े बालाजी, बायपास स्थित गुप्ता कॉलोनी में डेंगू के केस सामने आ चुके हैं।
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हमारे घर में नहीं मिलेगा लार्वा, जांच की तो मांगनी पड़ी माफी
डेंगू पॉजिटिव मरीज सामने आने के बाद तलैया मोहल्ला एवं क्राइस्ट स्कूल के पास के घरों पर मलेरिया विभाग की टीम ने डोर टू डोर लार्वा सर्वे के साथ पेराथिरम का स्प्रे घरों में किया गया। मलेरिया डेंगू से बचाव के लिए पंपलेट चस्पा कर प्रचार प्रसार किया। डेंगू पेशेंट कमल दुबे के घर के छत पर बेकार पड़े बर्तनों में लार्वा मिला। जिसे कीटनाशक दवा डालकर नष्ट किया गया। टीम को तलैया मोहल्ले में कई फ्रिजों की ट्रे में लार्वा मिल रहा है। भुल्लनपुरा में टीम ने जब डोर टू डोर लार्वा सर्वे किया तो एक घर मालिक ने कहा कि हमारे यहां कहीं भी पानी भरा नहीं है। आपको कोई लार्वा नहीं मिलेगा। टीम ने सर्वे किया तो फ्रिज में तथा छत पर आटा पीसने बाली चक्की तथा बेकार बर्तनों में बरसात का पानी भरा होने पर लार्वा मिला। टीम के सदस्यों ने दिखाया तो गलती मानी।
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इनका कहना
जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 71 हो गई है। इमनें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत सामान्य है। मलेरिया विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में लार्वा सर्वे कर नष्ट कर रही हैं।साथ ही लोगों को भी विभिन्न माध्यमों से जागरुक किया जा रहा है। नागरिक फ्रिज ट्रे में भरे पानी को हर पांच दिन में साफ़ करें। कोई भी बुखार मलेरिया डेंगू हो सकता है इसलिए बुखार आने पर खून की जांच अवश्य करवाएं। हर डेंगू पेशेंटो के घरों में टीम को लार्वा मिल रहा है।
विष्णु रघुवंशी, सहायक मलेरिया अधिकारी
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तलैया मोहल्ला एवं क्राइस्ट स्कूल क्षेत्र में सर्वे की स्थिति
सर्वे घरों की संख्या। 77
कुल कमरे : 142
पात्रों संख्या : 103
लार्वा पात्रों की संख्या : 21
लार्वा घर : 18
स्पे कमरे : 71
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भुल्लन पुरा क्षेत्र में
सर्वे घरों की संख्या : 94
कुल कमरे संख्या : 151
पात्रों की संख्या : 132
लारवा पात्र संख्या : 19
लारवा घर संख्या : 16
स्पे कमरे संख्या : 108
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फैक्ट फाइल
जिले में कुल डेंगू मरीज : 71
प्रतिदिन संैपलिंग : 25 से 30

Narendra Kushwah Reporting
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