पांच माह से पोर्टल बंद, नहीं हो पा रहा अपडेशन कार्य

- जिले के सैकड़ों पात्र उपभोक्ता राशन से वंचित
- खाद्य विभाग और नगरीय निकाय कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर

By: praveen mishra

Published: 19 Jan 2021, 09:33 PM IST

गुना. शासन-प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी गरीब व जरुरतमंदों को राशन नहीं मिल पा रहा है। इसकी बजह पीडीएस सिस्टम को सुधारने के लिए अपनाई गई नई तकनीक है। जिसके कारण जिले के सैकड़ों उपभोक्ता पात्र होने के बावजूद भी शासन की जनहितैषी योजना से वंचित बने हुए हैं। यह उपभोक्ता आए दिन नगरीय निकाय से लेकर खाद्य विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उनका सही मार्गदर्शन नहीं किया जा रहा है। जिससे उपभोक्ता परेशान हैं।
जानकारी के मुताबिक पीडीएस सिस्टम में आवश्यक सुधार लाने व पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए सरकार ने इसे पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है। खाद्यान्न का आवंटन से लेकर वितरण के कार्य को भी ऑनलाइन कर दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को ठीक से अंजाम देने के लिए उपभोक्ताओं का भी फिर से ऑनलाइन वेरिफिकेशन किया जा रहा है। जिसके तहत प्रति परिवार के पूरे सदस्यों का अपने क्षेत्र की पीडीएस दुकान की पीओएस मशीन में फिंगर सहित आधार नंबर दर्ज होना जरूरी है। वहीं समग्र आईडी में भी सभी सदस्यों का आधार अपडेट होना जरूरी है। इस प्रक्रिया को अधिकांश उपभोक्ताओं ने अपनाया है। लेकिन पोर्टल पर अधिकांश उपभोक्ताओं की जानकारी अब तक अपडेट नहीं हो सकी है। इसी तरह की परेशानी जिले के अन्त्योदय उपभोक्ता झेल रहे हैं। जो आए दिन नगरीय निकाय व खाद्य विभाग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अधिकारी उन्हें सही जानकारी से अवगत नहीं करा रहे हैं। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह राशन फिर से प्राप्त करने क्या करें। मंगलवार को जब ऐसे ही हितग्राही नगर पालिका पहुंचे तो उन्हें अधिकारियों ने पोर्टल न खुलने की बात कहकर कलेक्ट्रेट जाने के लिए कह दिया।
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हितग्राही की परेशानी उनकी जुबानी
मुझे पांच माह से राशन नहीं मिला है। परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है। मैं मजदूरी कर अपने बच्चों को पाल रही है। पांच माह से नगर पालिका व खाद्य विभाग के चक्कर लगा रही हूं। अधिकारी इधर से उधर जाने के लिए कह देते हैं। लेकिन यह कोई नहीं बता रहा कि राशन प्राप्त करने मुझे क्या करना पड़ेगा।
कपूरी बाई, श्रीराम कालोनी
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यह बोले जिम्मेदार
हां यह बात सही है कि अन्त्योदय योजना का पोर्टल पिछले काफी समय से बंद चल रहा है। लेकिन इसकी बजह शासन द्वारा निर्धारित टारगेट हासिल करना बताया जा रहा है। निर्धारित संख्या से जो बाहर के उपभोक्ता हैं उन्हें प्रथम पात्रता की श्रेणी में जोड़ा जाना है।
तुलेश्वर कुर्रे, सहायक आपूर्ति अधिकारी

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