सड़कों पर उतरा रघुवंशी समाज और बोला : हमको पिछड़े वर्ग में करो शामिल

-समाज का नेतृत्व करने आए भाजपा विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी, पहले तहसीलदार फिर डिप्टी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

By: praveen mishra

Published: 16 Sep 2021, 01:05 AM IST

गुना। पिछड़े वर्ग में शामिल कराए जाने की मांग को लेकर रघुवंशी समाज ने अपनी लड़ाई तेज कर दी है। इसके चलते रघुवंशी समाज बुधवार को एक बार फिर गुना की सड़कों पर उतरा और एक रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार मोहित जैन और फिर डिप्टी कलेक्टर संजीव पांडे को सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए रघुवंशी समाज ने कहा कि हमारे समाज की साक्षरता स्तर निम्न है, शासकीय सेवाओं में उच्च पदों पर प्रशासनिक एवं तकनीकी सेवाओं में रघुवंशियों का प्रतिशत लगभग शून्य है, उच्च तकनीकी तथा चिकित्सा समाज में प्रतिनिधित्व नगण्य है, अर्थात रघुवंशी जाति अत्यन्त पिछड़ी अवस्था में है। इसलिए रघुवंशी जाति को पिछड़े वर्ग में शामिल किया जाए। इस रैली का नेतृत्व करने कोलारस के भाजपा विधायक व रघुवंशी समाज के प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र रघुवंशी गुना आए थे।उधर स्थानीय स्तर पर समाज के जिला अध्यक्ष सुरेश रघुवंशी, अर्जुन सिंह रघुवंशी,रविन्द्र रघुवंशी, सीपी रघुवंशी,महिला परिषद की प्रदेशाध्यक्ष अनुसुईया रघुवंशी नेतृत्व कर रहे थे। कलेक्ट्रेट पहुंचने से पूर्व रघुवंशी समाज एबी रोड स्थित प्रीतम वाटिका में एकत्रित हुआ था।
रघुवंशी समाज को मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग की सूची में सम्मिलित कराए जाने की मांग को लेकर पिछले दिनों रघुवंशी समाज गुना की एक बैठक हुई थी, उसमें इस मांग को लेकर 15 सितंबर को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया था। इस निर्णय के तहत ज्ञापन देने के लिए रघुवंशी समाज के लोग दोपहर में गुना शहर में आकर प्रीतम वाटिका पहुंचे थे। यहां हुई बैठक में वक्ता के रूप में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
एबी रोड से चला जुलूस
इस बैठक के बाद रघुवंशी समाज का जुलूस एबी रोड प्रीतम वाटिका के सामने से शुरू हुआ, जो हनुमान चौराहे से कैंट होता हुआ कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
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ये कहा ज्ञापन में
मध्यप्रदेश में रघुवंशी समाज सामाजिक और शैक्षणिक रूप से अत्यन्त पिछड़ी अवस्था में है एवं रघुवंशी समाज, रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग आयोग से लेकर अभी तक रघुवंशी जाति को पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित करने के लिए संघर्षरत है। मप्र का रघुवंशी समाज अशोकनगर, गुना, विदिशा, रायसेन, होशंगाबाद, नरसिंहपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल, खरगौन, धार, इंदौर आदि जिलों में अधिक संख्या में हैं एवं ग्वालियर, शाजापुर, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर,खण्डवा, बुरहानपुर, हरदा, शिवपुरी, सागर इत्यादि जिलों में भी रघुवंशी समाज प्रयासरत है।
ज्ञातव्य है कि पूर्व से ही गठित राष्ट्रीय आयोगों ने मप्र सहित पूरे देश में रघुवंशी जाति की सामाजिक एवं शैक्षणिक स्थिति को देखते हुए रघुवंशी जाति को अपनी रिपोर्ट में पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की अनुशंसा की है। जिसकी रिपोर्ट को प्रशासन द्वारा स्वीकृति प्रदान कर रघुवंशी जाति को पिछड़ा वर्ग में मान्य किया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश अनुसार एवं मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा रघुवंशी जाति को पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित करने हेतु पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव 9 अगस्त 2004 के अनुसार में मंत्री मण्डल का अनुमोदन प्रदान कर विंध्य एवं बुन्देलखण्ड के जिलों को छोड़कर समस्त रघुवंशी जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल कर रघुवंशी जाति को अनुग्रहित करें।
ये रहे ज्ञापन और जुलूस में शामिल
विश्वनाथ रघुवंशी, रमेश सिंह रघुवंशी, देवेन्द्र रघुवंशी, सुरेश रघुवंशी, राकेश रघुवंशी, दिनेश रघुवंशी, हेमंत रघुवंशी,पीपीएस रघुवंशी, राजीव रघुवंशी,शिवकुमार रघुवंशी आदि।
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रघुवंशी परिषद ने भी दिया था ज्ञापन
बीते रोज अखण्ड रघुवंशी समाज कल्याण महा परिषद की ओर से पिछड़े वर्ग में शामिल कराए जाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर ज्ञापन दिया था।

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