आरटीई प्रवेश मामला: 39 दिन बीते 4 हजार भी नहीं आए आवेदन

आवेदन करने तीन दिन और शेष

By: Amit Mishra

Published: 09 Jun 2019, 06:32 PM IST

गुना @मोहर सिंह लोधी की रिपोर्ट...

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में 7 हजार सीटों पर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए एक मई से फार्म भरे हो रहे हैं। लेकिन अब तक 4 हजार भी फार्म भरे नहीं हो पाए हैं। आवेदन करने के लिए 12 दिन और बढ़ाने के बाद भी फार्म भरने वालों की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा है। 12 जून अंतिम तिथि रखी है।


आवेदनों की लॉटरी 20 को खुलेगी
दरअसल, शिक्षा सत्र 2019-20 में 587 प्राइवेट स्कूलों में पहली क्लास की 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। 6999 सीटों पर प्रवेश दिया जाना है। लेकिन अब तक मुश्किल से 3950 आवेदन ही आए हैं। इन आवेदनों की लॉटरी 20 जून को खुलेगी। इस दिन बच्चों को स्कूल आवंटित किया जाएगा।


सत्यापन की रफ्तार भी काफी धीमी
फार्म भरने के बाद से ही सत्यापन की रफ्तार काफी धीमी चल रही है। अभी 80 प्रतिशत आवेदनों का ही सत्यापन हुआ है। सत्यापन करने की अंतिम तिथि 13 जून निर्धारित है। इसके बाद भी विभाग सत्यापन पर जोर नहीं दे रहा है। अगर, बच्चों के दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हो पाया तो वे प्रवेश प्रक्रिया से वंचित हो सकते हैं।

 

 

बढ़ रही हैं सीटें घट रहे हैं आवेदक

आरटीई के तहत प्रवेश के लिए हर साल जिले में सीटें तो बढ़ रही हैं, लेकिन आवेदक कम होते जा रहे हैं। जिससे सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना खटास में पड़ती नजर आ रही है। पिछले वर्ष जहां जिले भर में कुल 6 हजार 500 सीटें थी, वहीं इस बार इनकी संख्या 6 हजार 999 हो गई है। पिछले सत्र में 4 हजार 419 अभिभावकों ने इसके तहत आवेदन किया था, जिनमें से करीब 3 हजार 300 बच्चों को प्रवेश दिया गया था। लेकिन इस बार यह आंकड़ा कम होता दिखाई दे रहा है।

 

जटिलताओं और लंबे इंतजार ने किया परेशान
हर मां-बाप अपने बच्चे को प्राईवेट स्कूल में अच्छी शिक्षा दिलावाना चाहते हैं। तो फिर क्या कारण है कि वे सरकारी योजना के तहत मिलने वाले निशुल्क एडमीशन के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं। अधिकांश लोगों को या तो प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में जानकारी नहीं है, या फिर लोग योजना के नियम शर्तों व जटिलताओं से परेशान हैं।

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