pond latest news : सरपंच ने सरकार जमीन पर बनवा दिया तालाब, लाखों रुपए की हड़पी राशि

मामले को दबाने का किया जा रहा प्रयास
कूटरचित मस्टर रोल लगाकर हड़प ली लाखों की राशि
रसोईया तक को तालाब निर्माण में बता दिया मजदूर

By: Narendra Kushwah

Published: 01 Jul 2019, 02:00 PM IST

गुना. ग्राम पंचायत Gram Panchayat मानपुर में तालाब pond निर्माण construction में सरपंच-सचिव Sarpanch-Secretary द्वारा भ्रष्टाचार corruption किया जाना सामने आया है। स्थिति यह है कि तालाब बना नहीं फिर भी जिम्मेदारों ने फर्जी मस्टर रोल muster roll लगाकर लाखों millions रुपए amount की राशि हड़प ली है। गौर करने वाली बात है कि स्थानीय ग्रामीण की शिकायत complaints के बाद भी उक्त मामले में जिम्मेदार अधिकारियों responsible officials द्वारा कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं की गई है जबकि शिकायतकर्ता Complainant ने अधिकारियों officials के समक्ष फर्जीबाड़े के सबूत proof भी पेश किए थे।

 

जानकारी के मुताबिक गुना जनपद की ग्राम पंचायत मानपुर में सरपंच सुगन बाई यादव एवं प्रभारी पंचायत सचिव रामकुमार यादव आपस में परिवारजन हैं। इन दोनों ने ही अधिकारियों से सांठगांठ कर अत्यंत घटिया किस्म का तालाब निर्माण ट्रेक्टरों से कराकर लाखों रुपए हड़प लिए गए हैं।

 

मनरेगा निमयों को रखा ताक पर
यही नहीं कार्य के दौरान ही वर्ष 2017 में स्थानीय ग्रामीण की शिकायत पर काम को रोक दिया गया था। क्योंकि अहमदपुर पुलिया के पास बनाए गए उक्त तालाब की सरपंच-सचिव द्वारा नींव ही नहीं खुदवाई गई थी। शिकायकर्ता के मुताबिक करीब 17 दिन पहले कथित भ्रष्टाचारियों द्वारा राजस्थान से 4 मैसी ट्रेक्टर मंगाकर उक्त तालाब का निर्माण कार्य किया गया लेकिन इस कार्य में भी एक भी मजदूर नहीं लगाया गया, जबकि मनरेगा निमयों के तहत ऐसा नहीं किया जा सकता है।

 

हरवाये की जमीन पर ही बनवा दिया तालाब
ग्राम पंचायत मानपुर के सरपंच ने तालाब निर्माण में मनमानी इस हद तक की है कि उक्त तालाब अपने हरवाये रतना बंजारा के कब्जे की शासकीय भूमि पर ही बनवा दिया। जिससे ग्रामवासियों को कोई भी लाभ नहीं होने वाला है। गौर करने वाली बात है कि उक्त तालाब के आसपास सभी कृषकों की निजी भूमियां हैं तथा तालाब पर पहुंचने का कोई भी रास्ता ही नहीं है।


यहां भी हुआ भ्रष्टाचार
ग्राम पड़रिया में वर्ष 2017 में प्लांटेशन के नाम पर 114738 रुपए फर्जी बिल, व्हाउचर एवं मस्टर रोल भरकर हड़प लिए गए। उक्त प्लांटेशन शासकीय दस्तावेजों में शासकीय भूमि पर बनाया जाना बताया गया है जबकि वास्तव में उक्त भूमि जगराम सिंह पुत्र गुमान सिंह यादव निवासी ग्राम पडरिया एवं उनकी पत्नी व पुत्र के नाम पर पूरी तरह से निजी भूमि है। ग्राम पड़रिया से लगभग 5 किमी दूर पथरीली भूमि पर प्लांटेशन के नाम पर शासकीय धन को हड़पा गया है।


ग्राम पड़रिया में ही सामुदायिक भवन के पास प्लांटेशन के नाम पर 108920 रुपए वर्ष 2017 में फर्जी बिल व्हाउचर एवं मस्टर रोल भरकर हड़प लिए गए हैं। ग्राम रोजगार सहायक द्वारा अपने बहनोई सुनील यादव, बहन अर्चना यादव एवं मध्यान्ह भोजन की रसोईया रामदेवी यादव व अन्य के नाम पर फर्जी मस्टर भरकर शासकीय धन हड़पा गया है। गौर करने वाली बात है कि रामदेवी रसोईया के रूप में भी काम करती रही एवं उक्त प्लांटेशन में फर्जी तौर पर मजदूरी भी कर ली। उक्त प्लांटेशन शासकीय भूमि पर न होकर ग्राम रोजगार सहायक द्वारा अपने रिश्तेदार नथन सिंह यादव एवं अन्य की निजी भूमि पर दर्शाते हुए राशि हड़पी गई है। यही नहीं मौके पर मौजूद पौधे वर्षों पुराने हैं।


यह बोले ग्रामीण
ग्राम पंचायत मानपुर के अंतग्रत तालाब निर्माण की जो टीएस बनी है, वह मानपुर पुलिया के पास अहमदपुर के नाम से है। मस्टर रोल में मेरे नाम से व मेरी पत्नी कृष्णबाई के नाम से फर्जी डिमांड 8 जून 2019 से 21 जून 2019 तक 14-14 दिन की डाली गई है। जबकि मेरे पास 40 बीघा जमीन व टे्रक्टर है। तालाब का सारा काम शुरू से लेकर अभी तक टे्रक्टरों से किया गया है। तालाब की नींव भी नहीं खोदी गई है।
जयपाल सिंह यादव, ग्राम पड़रिया

 


मस्टर रोल में मेरा व मेरी पत्नी धनकुंवर बाई की फर्जी डिमांड 31 दिसंबर 2016 से 27 जनवरी 2017 तक 24-24 दिन की डाली गई है। जबकि मेरे पास 40 बीघा जमीन व ट्रेक्टर है।
माधौसिंह यादव, ग्राम मानपुर


अपनों को उपकृत करने भर दिए फर्जी मस्टर रोल
सरपंच सचिव ने अपने लोगों को उपकृत करने के लिए सारी सीमायें तोड़ दी और अपने धनाढ्य व साधन संपन्न परिवारजन पहलवान सिंह यादव, मन्ना सिंह, बुंदेल सिंह, रामवीर, कृष्णभान, रामभान, रामबाबू, कृपान सिंह एवं उनकी पत्नियों के नाम से 8 जून 2019 से 21 जून 2019 तक की मनरेगा की 14 दिन की फर्जी डिमांड करते हुए लगभग 80-90 मस्टर रोल जारी कर लिए हैं।


जिम्मेदार ने नहीं किया फोन रिसीव
ग्राम पंचायत मानपुर व पड़रिया में सामने आए भ्रष्टाचार के मामले में जब जिला पंचायत सीईओ से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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Narendra Kushwah Reporting
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