छात्राएं बोलीं- हॉस्टल में पीने भी पानी नहीं शिकायत पर पड़ती है डांट

छात्राएं बोलीं- हॉस्टल में पीने भी पानी नहीं शिकायत पर पड़ती है डांट

Manoj Awasthi | Updated: 25 Jun 2018, 03:01:53 PM (IST) Guna, Madhya Pradesh, India

छात्राएं बोलीं- हॉस्टल में पीने भी पानी नहीं शिकायत पर पड़ती है डांट

गुना/झागर. सर्व शिक्षा अभियान के तहत बालिकाओं के लिए संचालित हॉस्टल में छात्राओं को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। बमोरी के रामपुर टेंक छात्रावास में पीने तक का पानी नहीं है। छात्राओं को एक किमी दूर गांव से पानी लेकर आना पड़ रहा है। इसके अलावा न तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं और ना ही छात्राओं को ठीक से भोजन दिया जा रहा है। कभी कच्ची रोटी दी जाती हैं तो कभी सब्जी में पानी ज्यादा कर दिया जाता है।

छात्राएं अगर हॉस्टल की समस्याओं के बारे में शिकायत करती हैं, तो उनको डांटा और फटकारा जाता है। इस वजह से छात्राएं सहमी रहती हैं। बावजूद न तो अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही प्रशासन छात्राओं की सुविधाओं और बालिकाओं की सुरक्षा जायजा लेता है। पत्रिका ने रविवार को हॉस्टल की छात्राओं से बात की तो उन्होंने कई समस्याएं बताईं। उनका कहना है कि जब समस्याओं को बताया जाता है तो जिम्मेदार उनको हल करने के बजाय हमें डांटने लगते हैं।

उधर, हास्टल में तैनात कर्मचारी भी अव्यवस्थाओं को लेकर परेशान हैं। जबकि कस्तूरबा गांधी छात्रावास हर ब्लाक में है और सुविधाएं भी बेहतर स्तर की दी जाना थी, लेकिन सुविधाएं देने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। छात्रावास में भी अधीक्षक नहीं मिलीं। इसके अलावा कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं था। इस संबंध में एपीसी मुकेश श्रीमाल को फोन लगाया, लेकिन उनका फोन नहीं लगा।

हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं
छात्राओं ने बताया, हॉस्टल में उनको ठीक से भोजन नहीं मिल रहा है। अधपका भोजन दिया जाता है। इस कारण से छात्राओं को काफी परेशानी होती है। शिकायत करते हैं, तो कोई सुनता नहीं है। कभी रोटी कच्ची दे दी जाती है तो कभी सब्जी में ज्यादा पानी डाल दिया जाता है। इस कारण से उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा छात्राएं अप्रैल से हॉस्टल में रह रही हैं, लेकिन उनको अब तक ड्रेस आदि नहीं मिल पाई है। न तो हॉस्टल में पहनने के लिए कोई ड्रेस मिली है और न ही स्कूल जाने के लिए। छात्राओं को कोई शिकायत हाेती है तो वह बताना भी चाहती हैं, मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं करता है। उधर, सुविधाएं नहीं मिलने से कई छात्राएं हॉस्टल नहीं आई हैं।

 

कस्तूरबा छात्रावास में सुरक्षा का अभाव
हॉस्टल मे सुरक्षा का अभाव है। जब से हॉस्टल बना है, तब से बाउंड्रीवाल नहीं हो सकी है। इस कारण से आवारा जानवर हॉस्टल परिसर में आ जाते हैं। रात के समय सुरक्षा का भी अभाव रहता है। इस संबंध में कई बार बताया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं किया जा रहा है। बताया जाता है कि कई बार कर्मचारी और छात्राओं ने भी मांग उठाई, लेकिन उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इसके अलावा छात्राओं के लिए सामग्री आदि भी नहीं दी जा रही है। इस वजह से उनको काफी अभाव में हॉस्टल में रहना पड़ रहा है। इससे वह परेशान हैं।

यहां पानी की सबसे ज्यादा परेशानी
छात्रावास में पानी की सबसे ज्यादा समस्या है। कई बार तो रात के समय गांव में से पानी लेकर आना पड़ता है। हॉस्टल प्रबंधन ने पानी का कोई इंतजाम नहीं किया है। छात्राओं से ही पानी भराया जाता है। स्टाफ समस्या बताता है तो उनको कह दिया जाता है कि बच्चों की भी भाषा मत बोलो। कर्मचारी कुछ बोलते हैं तो उनको नौकरी छोडक़र चले जाने के कह दिया जाता है। हास्टल में साफ सफाई की समस्या है। फिर भी शिक्षा विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।

रामपुर छात्रावास में हैं समस्याएं
रामपुर टेंक गांव का कस्तूरबा गांधी छात्रावास100सीटर है, लेकिन छात्राओं को सुविधाएं नहीं है।
6 साल हो गए, मगर अब तक हास्टल की बाउंड्रीवाल नहीं बन सकी, सुरक्षा का अभाव है।
छात्रावास परिसर में एक हैंडपंप है, उसमें पानी नहीं है। छात्राओं को पानी की समस्या आ रही है। रामपुर गांव से पानी लेकर आना पड़ता है।Q
भोजन ठीक से नहीं मिल रहा है, कच्छी रोटी और पानी वाली सब्जी दी जाती है। मीन्यू अनुसार भोजन को छात्राएं तरस गई हैं।

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