भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में सिंधिया का दबदबा,सांसद के किसी भी समर्थक को नहीं मिली जगह

-कार्यकारिणी में महेन्द्र, अरुण, ममता, पारीख, संजय, लुम्बा शामिल

By: praveen mishra

Published: 09 Jun 2021, 10:28 PM IST

गुना।भारतीय जनता पार्टी ने बहुप्रतिक्षित कार्यसमिति की सूची मंगलवार को देर रात जारी कर दी। इस सूची में गुना के पूर्व सांसद राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों को भी जगह मिल गई है। इस बार कार्यसमिति में इंजीनियर ओएन शर्मा को शामिल नहीं किया गया है। पूर्व में कार्यकारिणी में दो या तीन कार्यकर्ता शामिल रहते थे, इस बार भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में गुना जिले से 11 भाजपा नेताओं को स्थान मिला है। इससे तय है कि भाजपा की जिला कार्यकारिणी में भी सिंधिया समर्थकों का दबदबा रह सकता है। जिन लोगों को शामिल किया गया है वे ज्यादातर जिला मुख्यालय पर रहते हैं।
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में कार्यसमिति सदस्य के रूप में गुना से अरुण चतुर्वेदी, गोविन्द राठी, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया और पूर्व विधायक ममता मीणा को शामिल किया गया है। अरुण चतुर्वेदी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा के साथ विद्यार्थी परिषद की राजनीति करने का लाभ मिला है। गोविन्द राठी आरएसएस में रहे हैं और महेन्द्र सिंह सिसौदिया राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया की व पूर्व विधायक ममता मीणा को पार्टी की पसंद बताई गई है। गुना सांसद डा. केपी एस यादव को कार्यसमिति में अशोकनगर जिले से जगह मिली है। वे अपने किसी समर्थक को कार्यसमिति में जगह नहीं दिला पाए हैं।
भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में गुना से पूर्व जिला अध्यक्ष हरिसिंह यादव, राधेश्याम पारीख, विठ्ठल दास मीणा, योगेन्द्र लुम्बा, नीरज निगम, संजय देशमुख और नगर पालिका ेके पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सलूजा को शामिल किया गया है। इस कार्यकारिणी में सिंधिया समर्थक के रूप में विठ्ठल दास मीणा, योगेन्द्र लुम्बा, नीरज निगम, संजय दे
शमुख को जगह मिली है। लुम्बा कांग्रेस पार्टी में लंबे समय तक पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे, बाद में पार्टी के प्रदेश महासचिव भी रहे। इनके बाद विठ्ठल दास मीणा को कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनाया गया था। देशमुख को सिंधिया का काफी नजदीकी माना जाता है। नीरज निगम भी एक बार कांग्रेस से गुना विधानसभा क्षेत्र से विधायकी का चुनाव लड़ चुके हैं।
सूची की विशेषता यह है की इसमें एक नाम छोड़ कर सभी नाम जिला मुख्यालय से लिए गए है । बाकी तीन विधान सभाओं में से किसी को भी प्रतिनिधित्व नही दिया गया । क्यों की वि_ल दास मीणा का निवास भी गुना में ही माना जाता है ।जारी की गई सूची में पहले पदाधिकारियों के सामने उनकी जाति का उल्लेख भी किया गया था किन्तु मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात को अचानक सूची से जाति वाला कॉलम हटा दिया गया। इस परिवर्तन को भी लोग अपने अपने नजरिए से देख रहे हैं।

praveen mishra
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned