क्षतिग्रस्त सड़क तीन साल बाद भी नहीं हुई दुरुस्त

- सिंगवासा क्षेत्र सहित प्रमुख मार्गों में गहरी खाई खोदकर छोड़ी
शाम के समय घूमने जाते हैं लोग, हर समय रहता है हादसे का डर
- खाई इतनी गहरी कि इंसान हो या जानवर निकलना नामुमकिन

By: Narendra Kushwah

Published: 09 Jun 2021, 10:17 PM IST

गुना. शहर में विकास कार्य भगवान भरोसे चल रहे हैं। काम गुणत्तापूर्वक हो रहा है या नहीं। निर्माण के दौरान जरूरी सावधानी बरती जा रही है या नहीं, यह सब कुछ देखने वाला कोई नहीं है। यही कारण है कि निर्माण कंपनी के लोग अपने तरीके से मनमाने पूर्वक काम कर रहे हैं। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। हम बात कर रहे हैं शहर में चल रही गैस पाइप लाइन बिछाने के काम की। जो बीते दो साल से भी अधिक समय से चालू है लेकिन अब तक किसी भी हिस्से में पूर्ण नहीं हो सका है। जब चाहे जिधर खुदाई कर दी जाती है और उसे उसी हालत में लंबे समय के लिए छोड़ दिया जाता है। ताजा मामला शहर के सिंगवासा तालाब क्षेत्र व गुना-अशोकनगर रोड का सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक इस एरिए में निर्माण कंपनी ने गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए जो खुदाई की है उसकी गहराई करीब 9 फुट तथा चौड़ाई 6 फुट है। इसमें कई जगह पाइप लाइन डाल दी है तो कई जगह शेष है। काम की गति बेहद धीमी है इसलिए सिंगवासा क्षेत्र में 15 दिन से भी ज्यादा समय से इस तरह के गहरे गड्ढे खुदे पड़े हैं। जिसके कारण एक तरफ जहां लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं हर समय गंभीर दुर्घटना का भय भी बना हुआ है। खासकर रात के समय सबसे ज्यादा खतरा रहता है। सिंगवासा तालाब के आसपास पार्क भी है। जहां शाम के समय लोग बच्चों के साथ घूमने भी आते हैं। इस दौरान इन गहरे गड्ढों में फिसलकर गिरने का हमेशा डर बना रहता है।
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सिंगवासा अंडर ब्रिज सड़क बेहद क्षतिग्रस्त
गुना-अशोकनगर रोड पर सिंगवासा और पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास रेलवे अंडर ब्रिज है। इसके दोनों ओर का आधा किमी का हिस्सा पिछले तीन सालों से क्षतिग्रस्त हालत में है। लेकिन इसे सुधारने की सुध अब तक किसी भी विभाग ने नहीं ली है। जिसके कारण वाहन चालक पूरे साल परेशान होते हैं। बारिश के दिनों में यह मार्ग काफी ज्यादा खतरनाक हो जाता है। क्योंकि ब्रिज के नीचे सड़क के गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे गड्ढे नजर नहीं आते। वहीं सड़क में से लोहे के सरिए भी निकल आए हैं। यह वाहन चालकों के लिए गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इस रोड से जब भारी वाहन गुजरते हैं तो उन्हें हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जिन वाहनों की ऊंचाई कम है वह तो जमीन से टकरा भी जाते हैं।
ुसुविधा नहीं तो टैक्स किस बात का
हर रोज माल ढोने वाले वाहन चालकों का कहना है कि उनसे सड़क पर चलने का जगह-जगह टैक्स लिया जा रहा है लेकिन सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है। न ही इन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर टैक्स किस बात का लिया जा रहा है। जर्जर सड़कों की वजह से उनके वाहनों में टूट फूट बढ़ रही है। इस तरह से उन्हें दोहरा नुकसान हो रहा है।

Narendra Kushwah Reporting
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