होम डिलेवरी की छूट, सामान उठाने पहुंचा दुकानदार, बनाया दो हजार का चालान

-मामला बोहरा मस्जिद चौक का, मीडिया कर्मी को भी रोका कवरेज करने से

By: praveen mishra

Published: 15 May 2021, 12:35 AM IST

गुना। कोरोना कफ्र्यू के दौरान जिलेभर में किराना व्यापारियों को दुकानों से होम डिलेवरी करने की छूट मिली है। इसके बावजूद नियमों का पालन करने पर भी दुकानदार प्रशासनिक अमले की मनमानी का शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही मामला बोहरा मस्जिद चौक पर गुरुवार को देर शाम को देखा गया जब एक दुकानदार अपनी दुकान से किराना सामान भरकर होम डिलेवरी कर रहे थे। ठीक इसी समय प्रशासनिक का एक उडऩदस्ता सामने से गुजरा और दुकानदार का 2 हजार रुपए का चालान बना दिया। इतना ही नहीं मौके पर मौजूद कुछ मीडियाकर्मियों को कवरेज करने से भी रोका गया।
ये है मामला
गुना शहर के सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाले बोहरा चौक का है। यहां एक किराना दुकान के संचालक ऑर्डर मिलने बाद उपभोक्ता राशन की डिलेवरी करने के लिए जा रहे थे। दुकानदार ने राशन सामग्री बोरे में भरकर बाहर ले जाने के लिए आधी शटर खोली ही थी कि वहां एक नायब तहसीलदार के साथ प्रशासन का अमला गया। मौके की परिस्थितियों को समझने के बजाए दुकानदार पर कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। दुकानदार ने पूरी परिस्थिति और नियमों का हवाला दिया, लेकिन अमले ने उनकी एक नहीं सुनी। दल का नेतृत्व कर रहे एक नायब तहसीलदार ने दुकानदार से सख्त लहजे का इस्तेमाल किया। किराना दुकान संचालक बार-बार समझाते रहे कि जब कलेक्टर द्वारा होम डिलेवरी की अनुमति है तो उनका चालान क्यों बनाया जा रहा है। लेकिन अधिकारी चालान बनाने की बात पर अड़े रहे और किराना व्यापारी का दो हजार रुपए चालान लगा दिया। इस दौरान घटनाक्रम का कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों को भी नायब तहसीलदार ने जाने के लिए ही नहीं कहा बल्कि उनको अपशब्द भी कहे। इस दौरान नियम का पालन करने वाले किराना दुकानदार और दायित्व निभाने वाले मीडियाकर्मी के साथ अधिकारियों का रवैया हैरान करने वाला था। मौके पर मौजूद लोगों ने भी इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए और कहा कि आखिर होम डिलेवरी के लिए कुछ समय के लिए दुकान को खोलनी होगी। लेकिन अधिकारी अपनी मनमानी पर अड़े रहे और दुकान सील करने तक की चेतावनी दे दी। इस मामले में एसडीएम अंकिता जैन का कहना था कि उस समय दुकान पर कुछ ग्राहक भी थे, इसलिए चालान किया, मीडिया के प्रति अपशब्द बोलने की जानकारी नहीं हैं,फिर भी हम दिखवा लेते हैं।

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