होली का त्यौहार आते ही बढ़ गई मिलावटी मावे की तस्करी


-मिलावट के कारोबार पर प्रशासन भी सुस्त
-रात में नहीं हो रही वाहनों की चैकिंग

By: Mohar Singh Lodhi

Published: 01 Mar 2020, 09:40 PM IST

गुना. होली का त्यौहार नजदीक आते ही शहर में मावा की खपत बढ़ गई है। यहां ग्वालियर और मुरैना से बड़ी मात्रा में मावे की तस्करी होने लगी है। इस तस्करी की जानकारी विभाग के अफसरों को है, लेकिन इस और अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। गुना में रात के समय एसी और सुपर फास्ट बसों में मावा की खेप आ रही है। इसके बाद भी यहां चैकिंग शुरू नहीं हो पाई। वहीं पिछले समय मारे गए छापे के बाद भी मिलावट का बाजार में गुना में बड़ी तेजी से चल रहा है। उधर, बाजार में भी मिलावटी दूध के अलावा कई मिलावटी खाद्य सामग्रियों का कारोबार चरम पर है। इसमें दूध, पनीर, घी, मावा और तेल शामिल है। जिले में १२० से अधिक डेयरी, ३०० से ज्यादा मिठाई की दुकान और एक हजार से ज्यादा किनारे की छोटी-बड़ी दुकानें हैं। इसके अलावा गुना होकर दूसरे शहरों के लिए भी माल की सप्लाई हो रही है। फिलहाल मावे की कीमत 28० से तीन सौ रुपए तक बिक रही है।
प्रशासन भी सुस्त
आठ माह पूर्व जुलाई और अगस्त में प्रशासन ने शहर में मिलावट पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी। एसडीएम शिवानी रायकवार भी सड़कों पर उतरी थीं। मिलावटी दूध, पनीर, मावा आदि के ६० से अधिक सै पल भरे थे। लेकिन ये कार्रवाई कुछ दिन चलने के बाद फिर सुस्त हो गई है। माफिया मुक्त प्रदेश बनाने में मिलावटी खाद्य सामग्री पर अंकुश लगाने भी कार्रवाई की थी, लेकिन कुछ दिनों के बाद ये कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई है। त्योहार आने पर भी स ती नहीं हो रही है।
दूध और मावा के अलावा दूसरी खाद्य सामग्री में भी मिलावट हो रही है। शहर में धनिया, मिर्च, आटा के अलावा तेल और मसाले भी मिलावटी आ रहे हैं। मिर्च और धनिया का गहरा रंग देने उसमें कलर किया जा रहा है। खुले तेल पर भी कोई रोक नहीं लग पाई है। शहर में पॉम तेल का उपयोग हो रहा है। हद तो यह है कि बेसन, मिर्च मसाले और तेल १०० रुपए किलो से ज्यादा कीमत होने पर भी नमकीन ६० से ७० रुपए किलो बेचने का मामला सामने आया है। इसके बाद भी ऐसी फैक्ट्रियों पर कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे मिलावट पर अंकुश नहीं है।
२४० सैम्पल, १२५ की आई रिपोर्ट, ३५ फेल
उधर, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में करीब २४० सै पल भरे। २४० नमूने रिकार्ड सै पल हैं। इनमें से १२५ की रिपोर्ट आ चुकी हैं, जिनमें से ३५ फेल हो गए हैं। २४० सै पल में ८० से ज्यादा दूध, पनीर, मावा और घी के हैं। फेल होने वाले नमूनों में २० सै पल दूध, पनीर और मावा के शामिल हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो दूध और दूध से बनी चीजें मानकों पर खरी नहीं हैं। यानी उनमें मिलावट हो रही है। गुना में मिलावट पर कार्रवाई के दौरान जगदीश कालोनी में एक फैक्ट्री पर केमिकल युक्त दूध मिलने की जानकारी विभाग के लोगों ने दी थी। जबकि बीजी रोड की एक नामी डेयरी का दूध नाली में बहा दिया था। इस कार्रवाई के बाद से प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है। रात के समय पुलिस बल के साथ एबी रोड और बाइपास पर कोई सर्चिंग नहीं हो रही है।
फैक्ट फाइल
१२० डेयरी संचालित हैं गुना सहित पूरे जिले हैं।
३०० मिठाई की दुकान हैं, जहां बड़ी मात्रा में मावा खपता है।
१००० से ज्यादा किराने की दुकान हैं, यहां से खाद्य सामग्री का विक्रय होता है।
इनका कहना है
&बसों से मावा आने की सूचना है। सर्चिंग कर रहे हैं। मिलावट पर अंकुश लगाने सै पल भरने की कार्रवाई चल रही है। ११ माह में २४० सै पल भरे हैं। आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
-नवीन जैन, खाद्य सुरक्षा अधिकारी

Mohar Singh Lodhi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned