पत्रिका अलर्ट : डेंगू के प्रकोप से बचना है तो विशेष सफाई अभियान और जागरुकता जरूरी

  • मलिन बस्तियों में ज्यादा फोकस, नागरिकों को बताएं बचाव के उपाय
    जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से हो रहा जल जमाव
    - अब तक डेंगू के सबसे अधिक मामले जिला मुख्यालय पर
    - चिकित्सक बोले, जरा-सी लापरवाही अन्य स्वस्थ व्यक्ति को भी कर सकती है संक्रमित
    - ग्रामीण क्षेत्र में जागरुकता का अभाव बढ़ा सकता है डेंगू का प्रकोप

By: Narendra Kushwah

Published: 25 Sep 2021, 12:22 AM IST

गुना. जिले में इन दिनों विशेष सफाई अभियान की जरुरत महसूस की जा रही है। इसकी मुख्य वजह है जिले में बढ़ता डेंगू का प्रकोप। अब तक डेंगू पॉजिटिव के 16 मामले सामने आ चुके हंै। इनमें सबसे ज्यादा जिला मुख्यालय पर सामने आए हैं। शेष राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के आरोन नगर व आसपास के गांव में निकले हैं। वहीं गुना शहर में जिन इलाकों में डेंगू के मरीज पाए गए हैं यह सभी मलिन बस्तियां हैं। चिंता की बात यह है कि जब से जिला अस्पताल में डेंगू की जांच होना शुरू हुई है तब से पॉजिटिव मरीज निकलना शुरू हो गए हंै। हर दिन जिले के किसी न किसी इलाके से लोग बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। लेकिन इन मरीजों में सिर्फ उन्हीं लोगों में डेंगू की पुष्टि हो रही है जो सरकारी जिला अस्पताल में जा रहे हैं तथा डॉक्टर उन्हें डेंगू की जांच लिख रहे हैं। शेष जो मरीज निजी डॉक्टर को दिखा रहे हैं वे जांच के लिए जिला अस्पताल न भेजकर सीधे लक्षण के आधार पर बुखार का इलाज शुरू कर रहे हैं। ऐसे में कई मरीजों का डेंगू बुखार बिगड़ चुका है। जिन्हें बाद में जिला अस्पताल में ही भर्ती होना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर चिंता का एक और कारण वार्डों, कॉलोनियों में ठीक से सफाई न होना है।
जानकारी के मुताबिक गुना जिला पिछले तीन सालों से डेंगू के प्रकोप से बचा हुआ था। इस दौरान कोरोना की पहली और दूसरी लहर भी आकर निकल चुकी लेकिन एक भी डेंगू का मरीज सामने नहीं आया था। लेकिन इस बार सितंबर माह की शुरूआत में ही डेंगू ने दस्तक दे दी है। हालांकि जिला अस्पताल में जांच की सुविधा न होने के कारण डेंगू के मरीज काफी देर से सामने आ सके हैं। इस दौरान कई मरीजों ने जिले से बाहर जाकर निजी अस्पतालों में अपना इलाज कराया है। जो डेंगू पॉजिटिव भी पाए गए लेकिन इनकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में दर्ज नहीं है। इसी तरह गुना शहर के लूशन का बगीचा क्षेत्र में रहने वाली एक महिला की मौत भी डेंगू से हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसे सीवियर निमोनिया से पीडि़त बताया था।
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इसलिए वार्डों में विशेष सफाई अभियान की जरुरत
जुलाई माह में जिले में अतिवर्षा हुई थी। तब से लेकर अब तक बारिश का सिलसिला थमा नहीं है। रुक-रुककर आए दिन बारिश हो रही है। यही वजह है कि आज भी नगर के वार्डों व कॉलोनियों में जल जमाव के हालात बने हुए हैं। वहीं दूसरी ओर शहर की कई कॉलोनियों में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण घरों से निकला गंदा पानी आसपास पड़े खाली प्लाटों में जमा हो रहा है। शहर की कई कॉलोनियां ऐसी हैं जहां अब तक न तो नगर पालिका की टीम पहुंची है और न ही मलेरिया विभाग की लार्वा सर्वे टीम। पत्रिका पड़ताल में सामने आया है कि मलेरिया विभाग की टीम अब तक सिर्फ उन्हीं घरों तक पहुंची है जहां डेंगू पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं।
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लोगों को जागरुक होना जरूरी
डेंगू से बचने के लिए सफाई के साथ-साथ लोगों को जागरुक होना जरूरी है। वे अपने घरों में टूटा फूटा ऐसा सामान हटा दें जहां बारिश का पानी भरने की संभावना हो। वहीं जिन टंकियों में पानी भरा हुआ है, उन्हें ढककर रखें। फिलहाल कूलरों को हटा दें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कहीं भी ज्यादा दिनों तक पानी भरा न रहें। साथ ही शरीर को पूरा ढकने वाले ही कपड़े पहनें। रात के समय मच्छरदानी का उपयोग जरूर करें। डेंगू के लक्षण होने पर जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाकर जांच अवश्य कराएं।
विष्णु रघवुंशी, सहायक मलेरिया अधिकारी
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अब तक इन क्षेत्रों में मिल चुके हैं डेंगू मरीज
बूढ़े बालाजी, कर्नलगंज, हड्डी मिल, बजरंगगढ़ रोड, गुलाबगंज, पवन कॉलोनी, रसीद कॉलोनी आदि।
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नपा ने इन क्षेत्रों में कराई फोगिंग
राधा कालोनी, बौहरा मस्जिद एरिया, तलैया मोहल्ला, एक्सीलेंस स्कूल, पठार मोहल्ला, सदर बाजार, हाट रोड, बोहरा कॉन्प्लेक्स, बूढ़े बालाजी क्षेत्र, भगत सिंह कॉलोनी, ख्याल बाग, लायंस क्लब हॉस्पिटल में फागिंग कराई गई है। अभी भी नगर में काफी क्षेत्र फोगिंग से छूटा हुआ है।

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डेंगू के 4 नए पॉजिटिव मरीज मिले
गुना. जिले में डेंगू के नए मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को शहरी क्षेत्र में ही डेंगू के 4 नए मरीज मिले हैं। सहायक जिला मलेरिया अधिकारी विष्णु रघुवंशी के अनुसार दो केस हड्डी मिल क्षेत्र में, एक गुप्ता कालोनी तथा एक खैजरा रोड इलाके में मिला है। जिसके बाद मलेरिया विभाग की टीम ने डेंगू पॉजिटिव मरीज के घर पर पहुंच कर लार्वा सर्वे किया। इस दौरान मरीज के घर की छत पर पानी की टंकी में काफी मात्रा में लार्वा मिला। जिसे टीम ने कीटनाशक दवा डाल कर नष्ट कर दिया। टीम ने समझाइश देते हुए बताया कि डेंगू मच्छर दिन में ही काटते हैं, जैसे कि सुबह एवं शाम इसलिए इसी समय पर सावधानी रखें। फुल आस्तीन के कपड़े पहनें तथा नीम की पत्तियों का धुआं करें। कूलरों में लगी जाली (टटियां) को फेंकना नहीं है। या फिर जलाना है। क्योंकि डेंगू मच्छर के अंडे एक वर्ष तक जीवित रहते हैं। इसी क्रम में टीम ने आसपास के क्षेत्र में लार्वा डोर टू डोर सर्वे एवं डेंगू मलेरिया के पंपलेट वितरण किए गए। पैराथिरम का स्प्रे पॉजिटिव घर के आसपास घरों में किया गया। कई घरों के अंदर फ्रिज एवं कूलर तथा टूटे बर्तनों एवं टायरों में लार्वा पाया गया।
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सर्वे घरों की संख्या : 73
कुल कमरे संख्या : 140
पात्र संख्या : 179
लार्वा पत्र संख्या: 27
लार्वा घरों की संख्या : 19
रक्त पट्टी संख्या : 04
स्प्रे कमरों की संख्या : 73

Narendra Kushwah Reporting
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