विद्यार्थियों को एप के माध्यम से देने होंगे सवालों के जवाब, ये है पूरी प्रक्रिया

विद्यार्थियों को एप के माध्यम से देने होंगे सवालों के जवाब, ये है पूरी प्रक्रिया

Yogendra Sen | Publish: Feb, 15 2018 02:38:33 PM (IST) Guna, Madhya Pradesh, India

विद्यार्थियों से टेस्ट के जरिए पूछेंगे पसंद का विषय, परीक्षा आज से

गुना। दसवीं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से मोबाइल एप के माध्यम से 140 सवाल पूछे जाएंगे, कि उनका 11 वीं में कौन सा विषय पसंद रहेगा। उनकी आगे की राह क्या होगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक एप बनाया है, इससे जिले के दसवीं कक्षा में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को जोड़ा जा रहा है। विद्यार्थियों का अभिरूचि परीक्षण 15 से 17 फरवरी तक जिले के एमएलबी कन्या विद्यालय समेत अन्य विद्यालयों में होगा। मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों और अपने कैरियर के विकल्पों की जानकारी देने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष 6 लाख विद्यार्थियों को अभिरूचि परीक्षण टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। यह टेस्ट एक एजेन्सी के माध्यम से किया जाएगा।

ग्रुप में भी ली जा सकती है परीक्षा
दसवीं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को यह परीक्षा देने के लिए नेटयुक्त और एन्ड्रोयड मोबाइल लाना अनिवार्य होगा। जिन बच्चों पर एन्ड्रायड मोबाइल नहीं होगा इस परिस्थिति में बच्चों का एक ग्रुप बनाया जाएगा, जिसके जरिए परीक्षा ली जाएगी।

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विद्यार्थियों को क्या पसंद है पूछेंगे

स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार टेस्ट के लिए बनाए गए मोबाइल एप के माध्यम से विद्यार्थियों से 14० सवाल पूछे जाएंगे। इसमें कई विभागों के बारे में भी जानकारी होगी। इस टेस्ट के माध्यम से यह पता लगता है कि विद्यार्थी को क्या पसंद है और उनमें मौजूद क्षमता के अनुरूप वह किस दिशा में बढ़ सकते हैं। इनमें कला, विज्ञान, नृत्य, संगीत, खेल और पेंटिंग के विषय हो सकते हैं। एप्टीट्यूड के माध्यम से विद्यार्थी किस विषय का अध्ययन करें, इसके लिए भी टेस्ट लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज ने की थी घोषणा
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को उनकी अभिरूचि के अनुसार विषय चयन के लिए प्रति वर्ष एक लाख विद्यार्थियों को एप्टीट्यूड टेस्ट और कैरियर काउंसलिंग कराने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद एजेन्सी द्वारा विद्यार्थियों के अभिरूचि परीक्षण और एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए मोबाइल पर एप तैयार किया है।

शिक्षा के स्तर के लिए हो चुकी है परीक्षा
बताया जाता है कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई की गुणवत्ता की जांच करने विगत दिनों केन्द्र सरकार के निर्देश पर स्कूलों में एक परीक्षा कराई गई थी, जिसमें बच्चों से स्कूल में होने वाली पढ़ाई और वहां की सुविधा आदि के बारे में सवाल पूछे गए थे।इसके बाद उन विद्यालयों में पढ़ाने वाले अध्यापकों का भी अलग-अलग विषयों के बारे में पूछकर टेस्ट लिया था।

बोर्ड परीक्षा की एक मार्च से, तैयारियां तेज
गुना. हाईस्कूल और इन्टर की परीक्षाएं अगले माह एक मार्च से शुरू हो जाएंगी। इन परीक्षाओं की तैयारियां शिक्षा विभाग ने तेज कर दी हैं। इन परीक्षा केन्द्रों के लिए गोपनीय सामग्री का वितरण 22 और 23 फरवरी को किया जाएगा। 17 फरवरी तक परीक्षा समन्वयक संस्था तक बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री पहुंच जाएगी। इसके साथ ही परीक्षा सेन्टर के 100 मीटर के दायरे में कोई भी अधिकारी-कर्मचारी मोबाइल नहीं रख सकेगा। इसके अलावा परीक्षा केंद्र में बाहर से जाने वाले व्यक्ति को भी मोबाइल बाहर ही रखना होगा। केंद्राध्यक्ष और परिवेक्षकों के मोबाइल बीती साल भी प्रतिबंधित थे, लेकिन इस साल मीडिया कर्मियों और अफसरों पर पर भी सख्ती रहेगी।

16 केंद्र संवेदनशील
जिले में 64 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इनमें से 16 संवेदनशील, कुंभराज में अति संवेदनशील परीक्षा केंद्र बनाया है। केंद्रों पर स्वाध्यायी छात्रों की परीक्षा होगी। परीक्षा में 20 छात्रों पर एक पर्यवेक्षक की ड्यूटी लगाई जाएगी और 64 परीक्षा केंद्रों पर 1-1 केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्ष नियुक्ति के लिए सूची बोर्ड के लिए आनलाइन भेज दी है। डीईओ संजय श्रीवास्तव ने बताया, बोर्ड परीक्षा की तैयारी पूर्ण चल रही है।

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