swachh survekshan 2020: दुकानों के आगे मिले कचरे के ढेर, डस्टबिन नहीं हो सके खाली, सड़क पर 'दुकानदारी

कलेक्टर ने लिया सफाई व्यवस्था का जायजा

By: Manoj vishwakarma

Updated: 06 Jan 2020, 10:32 AM IST

गुना. स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के लिए इसी माह सर्वे होना है। स्वच्छता में गुना को टॉपटेन में शामिल कराने कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार ने एक दिन पहले ही नपा जाकर कर्मचारी अधिकारियों की बैठक ली और अच्छे से काम करने की हिदायद थी। लेकिन दूसरे दिन ही नपा के कर्मचारी उनके निर्देशों की हवा निकालते नजर आए।

कलेक्टर ने सफाई का जायजा लेने शहर के मुख्य मार्ग एबी रोड का भ्रमण किया तो कई जगह सफाई का अभाव मिला। कलेक्टर लाक्षाकार ने इस बात की पीड़ा को मिशन-10 के एक गु्रप पर भी शेयर किया। दरअसल, रविवार को सुबह ८ बजे कलेक्टर एबी रोड पर सफाई व्यवस्था देखने पहुंचे। उन्होंने बताया कि एबी रोड पर लगभग सभी दुकानों के आगे कचरा पड़ा हुआ है।

 

दुकानदारों द्वारा कचरा फेंकने की आदत को नहीं बदला है। सफाई कर्मचारी भी एप्रिन और दस्ताने पहने नहीं मिले। कलेक्टर का कमेंट शेयर होते ही नपा का अमला हरकत में आया और एबी रोड पर सफाई करने के बाद कचरे को एकत्रित किया गया। दुकानदारों को भी कचरा गाड़ी में डालने समझाइश दी। दरअसल, ये सफाई का अंतिम चरण है। कलेक्टर खुद मानीटरिंग कर रहे हैं।

कचरादान नहीं हो रहे हैं नियमित खाली

उधर, शहर में कई जगह डस्टबिन लगाए हैं। लेकिन उनको खाली करने के लिए काम नहीं हो रहा है। एबी रोड, हाट रोड के अलावा बस्तियों से भी कचरा एकत्रित नहीं हो रहा है। जबकि इसके 1500 नंबर हैं और इसमें नपा सबसे कमजोर है। इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सड़कों पर पसर रहा अतिक्रमण

उधर, प्रशासन ने शहर की सड़कों को साफ सुथरा रखने के लिए दिसंबर में ही कई जगह से अस्थाई अतिक्रमण हटवाया था। लेकिन कुछ दिनों बाद ही फिर से सड़कों पर अतिक्रमण पसर गया है। एबी रोड, हाट रोड पर ही हर दिन सड़क को घेरकर दुकान लगाई जा रही हैं और कचरा सड़क पर फेंका जाता है। इस वजह से सदर बाजार, हाट रोड सहित एबी रोड पर साफ नहीं हो पाती है। यहां ट्रैफिक और नपा ने कार्रवाई करते हुए लोगों को हटाया था। लेकिन उनके द्वारा फिर से अतिक्रमण कर लिया है। इस तरह की स्थिति पूरे शहर में देखने मिल रही है। एबी रोड पर कब्जे की वजह से हादसे का भय रहता है।

इनके मिलेंगे अंक

6000 अंकों में से गुना की रैंकिंग बनना है। इनमें 1500 अंक कचरा कलेक्शन हैं। लेकिन नपा इसमें ही सख्ती नहीं कर पाई है। दुकानों के आगे कचरा डाला जा रहा है। डस्टबिन भी लगाए हैं, लेकिन उनको खाली नहीं किया जाता है। कई जगह से तो डस्टबिन ही गायब हैं। 1500 अंक पालीथिन रिसायकल और 1500 अंक फीडबैक से मिलना है।

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Manoj vishwakarma Desk
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