असुरक्षित शिक्षा का मंदिर, नौनिहालों की जान को खतरा

कैंट मातापुरा के शासकीय स्कूल के एक कक्ष की छत और दीवार गिरी
कभी भी गिर सकता है पूरा भवन, गेट में लगाया ताला असमाजिक तत्वों ने तोड़ा
चोरी की डर इतना कि बिजली लाइन भी करनी पड़ रही अंडर ग्राउंड
पर्याप्त जगह होने के बाद भी आज तक नहीं रोप पाए एक भी पौधा

By: Narendra Kushwah

Published: 07 Sep 2021, 12:25 AM IST

गुना. सरकार की अनुमति के बाद एक सितंबर से कक्षा 6 से 12 तक के स्कूल खुल चुके हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालय भी जल्द ही खुलने जा रहे हैं। यह संकेत शासन ने दे दिए हैं। आगामी 15 सितंंबर से इन स्कूलों के खुलने की संभावना है। जिसे लेकर स्कूल भवनों की रंगाई-पुताई से लेकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम शुरू हो गया है। वर्तमान में इन स्कूलों की क्या हालत है, यहां बच्चो के लिए जरूरी सुविधाएं हैं या नहीं, यह जमीनी हकीकत जानने लिए पत्रिका ने स्कूल जाकर व्यस्थाओं की पड़ताल की। इस दौरान जिला मु?यालय पर कैंट क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक विद्यालय मातापुरा की हालत बेहद गंभीर मिली है।
स्कूल परिसर में बना एक कक्ष बेहद क्षतिग्रस्त हालत में मिला। स्कूल स्टाफ ने बताया कि अगस्त माह में जब तेज बारिश हुई तो उसी दौरान इस कक्ष की छत और दीवार भरभराकर गिर गईं। जब वे स्कूल आए और उन्होंने कक्ष की यह हालत देखी तो इसके गेट पर ताला लगा दिया था ताकि कोई भी बच्चे इस कमरे में न जा सकें। लेकिन अगले दिन ही यह ताला टूटा मिला। यही नहीं स्कूल के मेन गेट का जब भी ताला लगाकर जाते हैं तो आसपास के असमाजिक तत्व ताला तोड़कर अंदर घुस आते हैं और यहां अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। इसके अलावा मातापुरा सहित आसपास रहने वाले बच्चे इस क्षतिग्रस्त कक्ष में आ जाते हैं, जहां कभी भी गंभीर हादसे का शिकार हो सकते हैं। इस तरह की घटना न हो इसके लिए स्कूल प्रबंधन ने पहले ही शिक्षा विभाग सहित संबंधित विभाग के जि?मेदार अधिकरियों को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। जिसमें यह भी कहा गया है कि इस क्षतिग्रस्त भवन को पूरी तरह से गिरा दिया जाए ताकि भविष्य में जानमाल का नुकसान न हो जाए। चिंता की बात है कि पत्र भेजे करीब एक माह होने को है लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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पहला स्कूल जहां बिजली कनेक्शन अंडर ग्राउंड
शासकीय प्राथमिक विद्यालय मातापुरा पिछले काफी समय से असुरक्षित हालत में है। यहां कुछ भी सुरक्षित नहीं है। यहां कि बिजली के तार। यही वजह है कि जब स्कूल परिसर में स्थित दूसरे कक्ष तक बिजली सप्लाइ्र्र पहुंचाने की जरूरत महसूस हुई तो प्रबंधन के समक्ष सबसे बड़ी परेशानी बिजली के तारों को चोरी होने से रोकने की आई। जिसके लिए एक शिक्षक ने आइडिया दिया कि क्योंकि न हम इसे सप्लाई को अंडर ग्राउंड करवा दें।इस तरह जमीन में खुदाई कर प्लास्टिक का पाइन डालकर बिजली लाइन दूसरे कक्ष तक पहुंचाई गई।
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पर्याप्त जगह है और पानी भी फिर भी नहीं लगा पाते पौधे
मातापुरा का यह स्कूल कितना असुरक्षित है, इसका अंदाजा प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी से हुआ। उन्होंने बताया कि स्कूल परिसर में असमाजिक तत्वों का जमावड़ा इतना ज्यादा है कि वे अपने आपको तक असुरक्षित महसूस करते हैं। पहले कइ्र्र बार उन्होंने लिखित रूप से शिक्षा विभाग सहित प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यही वजह है कि स्कूल को सुधारने के प्रयास की मंशा को झटका लगा है। स्कूल परिसर में पौधरोपण के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है तथा पानी का इंतजाम भी है, इसके बावजूद वे यहां आज तक एक भी पौधा नहीं रोप पाए।

Narendra Kushwah Reporting
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