स्टेट हाइवे पर क्षतिग्रस्त पुलिया में कार गिरी, चालक बाल-बाल बचा

फतेहगढ़ के ग्राम कपासी के पास हुई घटना
हाइवे प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर, न चेतावनी बोर्ड लगाया और न बैरिकेड

By: Narendra Kushwah

Published: 10 Sep 2021, 12:13 AM IST

गुना/फतेहगढ़ . गुरुवार सुबह गुना-फतेहगढ़ स्टेट हाइवे पर एक बड़ी दुर्घटना घटित हुई। ग्राम कपासी के पास क्षतिग्रस्त पुलिया में एक कार गिर गई। जिसमें वाहन चालक को मामूली चोट आई है। दुर्घटना का सुखद पहलु रहा कि इतने भीषण एक्सीडेंट में वाहन चालक सुरक्षित बच गया। सूचना लगने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि जिस हालत में कर गिरी है, ऐसे में वाहन चालक की जान भी जा सकती थी।
जानकारी के मुताबिक यह हादसा सुबह के करीब 7 से 8 बजे के बीच का है। फतेहगढ़ निवासी जीतू नागर के पिता आर्टिका कार चलाकर जा रहे थे, इसी दौरान वे जैसे ही ग्राम कपासी के पास बनी पुलिया पर पहुंचे तो अचानक उनकी कार क्षतिग्रस्त पुलिया में धस गई। हादसे के बाद वह घबरा गए थे। थोड़ी देर बाद उन्होंने अपने परिवार वालों को फोन कर घटना की जानकारी दी तब जाकर वे लोग मदद के लिए मौके पर आए और उन्हें सुरक्षित कार से निकाला। उनका कहना था कि यह पुलिया दूर से नजर ही नहीं आती, जब पास आकर क्षतिग्रस्त पुलिया देखी तो बहुत देर चुकी थी। किसी तरह हैंड बैंक लगाकर कार को कंट्रोल किया।
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पुलिया क्षतिग्रस्त तो फिर चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं
इस घटना ने स्टेट हाइवे प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को उजाकर कर दिया है। स्थानीय ग्राीमणों के अनुसार उक्त पुलिया को क्षतिग्रस्त हुए एक माह से भी ज्यादा समय हो चुका है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने यहां न तो चेतावनी बोर्ड लगाना उचित समझा और न ही बेरिकेड। इसी लापरवाही की वजह से यह दुर्घटना हुई है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि दो हफ्ते पहले एक बाइक सवार भी इसी पुलिया में गिरकर घायल हो चुका है। जो राजस्थान का रहने वाला था। चिंता की बात तो यह है कि बाइक गिरने की यह घटना रात के समय हुई थी।
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टोल वसूलने पर ध्यान मरम्मत पर नहीं
अगस्त माह में हुई जोरदार बारिश से स्टेट हाइवे की सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वहीं इस मार्ग पर स्टेट कालीन समय की एक दर्जन से अधिक पुल-पुलिया हैं। जिनकी पिछले कई सालों से मरम्मत नहीं की गई हैं। जो वर्तमान में गंभीर हालत में पहुंच चुकी हैं। गौर करने वाली बात है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी है। ऐसे में कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। वाहन चालकों का कहना है कि इस रोड पर वाहनों से लगातार टोल वसूला जा रहा है फिर इसे सुधारने की ओर क्यों ध्यान नहीं दिया जा रहा। ऐसे क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग से वाहनों में टूट फूट बढ़ गई है।
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पत्रिका पब्लिक इश्यु :
सड़क निर्माण में धीमी गति बन रही आमजन के साथ स्कूली बच्चों के लिए परेशानी का कारण
- रहवासी बोले, अधिकारी नहीं समझते जनता का दर्द, लग्जरी वाहन से हर दिन निकलते हैं इसी मार्ग से
-मामला नानाखेड़ी मंडी गेट से सेट्रल स्कूल तक एक किमी लंबे मार्ग का
गुना. जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रशासनिक स्तर पर मॉनीटरिंग नहीं हो रही है। यही वजह है कि न तो काम समय पर पूरे हो रहे हैं और न ही गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है। ताजा मामला शहर की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी से केंद्रीय विद्यालय तक के मार्ग का सामने आया है। जिसका निर्माण कार्य शुरू हुए 6 माह से भी अधिक का समय गुजर चुका है लेनिक अभी तक यह काम पूरा नहीं हो सका है। जिसका खामियाजा आम जनता को परेशानी के रूप में उठाना पड़ रहा है। चिंता की बात तो यह है कि इन दिनों स्कूल खुल चुके हैं इसलिए बच्चों को भी आने जाने में खासी परेशानी आ रही है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि वे कई बार अधिकारियों से लेकर नेताओं को मामले से अवगत करा चुके हैं लेकिन कुछ नहीं हुआ।
जानकारी के मुताबिक नानाखेड़ी मंडी गेट से लेकर केंद्रीय विद्यालय तक का मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि यह ऊमरी सहित कई गांवों को पहुंचाने वाला एक मात्रा रास्ता भी है। इसलिए इस मार्ग पर ट्रेफिक भी अधिक रहता है। खासकर ट्रेक्टर ट्रॉली से लेकर लोडिंग वाहन बहुत गुजरते हैं। वहीं आसपास कई सरकारी और प्राइवेट स्कूल भी हैं। इसके अलावा वार्ड क्रमांक एक अंतर्गत आने वाला एक बड़ा हिस्सा भी सड़क की दूसरी साइड है। जिनके आने जाने का भी यही रास्ता है।
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धूल से दुकानदार परेशान, बच्चों को गिट्टी लगने का डर
इस अधूरे सड़क मार्ग से हर कोई परेशान है सिर्फ अधिकारियों को छोड़कर। क्योंकि वे तो अपने लग्जरी वाहन में बैठकर निकल जाते हैंं। यह कहना है स्थानीय दुकानदार और रहवासियों का। सड़क के एक ओर दुकानदार धूल उडऩे से परेशान हैं तो वहीं स्कूली बच्चों को हर समय गिट्टी उचटकर लगने का डर रहता है। वहीं कुछ बच्चे बाइक व साइकिल से भी स्कूल जाते हैं उन्हें सड़क पर डली गिट्टी से फिसलने का डर रहता है। गौर करने वाली बात है कि कृषि उपज मंडी से लोड होकर ट्रक, मेटाडोर तथा ट्रेक्टर ट्रॉली निकलती है, इसी दौरान बच्चों का स्कूल जाना होता है। यह संयोग गंभीर दुर्घटना का कारण भी बन सकता है। उल्लेखनीय है कि राघौगढ़ के भरसूला में एक स्कूली बच्चे की ट्रक दुर्घटना में मौत हो चुकी है। जिसके बाद गुस्साए लोगों ने ट्रक को आग के हवाले कर दिया था।

Narendra Kushwah Reporting
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