किराना दुकानों को पूरी तरह से बंद करने के फैसले ने बढ़ाई आमजन की चिंता

- प्रशासन की सख्ती के बीच होम डिलेवरी व्यवस्था दुकानदार व ग्राहकों के लिए नहीं आ रही रास

बढ़ता कोरोना संक्रमण हर दिन बढ़ा रहा बंदिशों का दायरा भी

By: Narendra Kushwah

Published: 20 Apr 2021, 01:10 AM IST

गुना. हर दिन बढ़ते जा रहे कोरोना संक्रमण के साथ-साथ बंदिशों का दायरा भी बढ़ता ही जा रहा है। जिससे जनता की परेशानियों में भी इजाफा होने लगा है। कोरोना कफ्र्यू और संपूर्ण बाजार बंद करने की घोषणा से सबसे पहले तो अधिकांश लोगों का रोजगार छिना और अब किराना दुकानों को पूरी तरह से बंद किए जाने के फैसले से लोगों का घर पर रहना भी मुश्किल हो गया है। क्योंकि जिनके घरों में राशन नहीं है या खत्म हो चुका है वह अपने परिवार व बच्चों का भरण पोषण नहीं कर पा रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात तो यह है कि लोगों को जरूरी काम से घर के बाहर तक नहीं निकलने दिया जा रहा है। वहीं अधिकांश दुकानदार होम डिलेवरी की सुविधा देने में अपने आपको असमर्थ बता रहे हैं। ऐसे में 27 अप्रैल तक जारी रहने वाले कफ्र्यू ने लोगों की चिंता बहुत ज्यादा बढ़ा दी है।
जानकारी के मुताबिक अप्रैल माह के पहले दिन से कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या बढऩा शुरू हो गई थी। जो अब काफी खतरनाक स्टेज पर पहुंच चुकी है। क्योंकि एक ही दिन में 100 से अधिक संक्रमित सामने आने लगे हैं। ऐसे में कोरोना की चैन तोडऩे प्रशासन के समक्ष बंदिशें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। लेकिन वह जनता की परेशानी कम करने के लिए अन्य विकल्पों पर गौर नहीं कर रही है। ऐसी स्थिति में हालात और ज्यादा चिंताजनक हो सकते हैं।
प्रशासन के किराना दुकानों को पूरी तरह से बंद करने तथा केवल रात 8 बजे तक होम डिलेवरी की सुविधा देने के आदेश को लेकर जनता व दुकानदार क्या सोचते हैं, इसे लेकर पत्रिका ने दोनों पक्षों से उनकी राय जानी। जिसमें सामने आया है कि इस तरह के आदेश से जनता व दुुकानदार दोनों की परेशानी बढ़ेगी ही। क्योंकि अधिकांश दुकानदार होम डिलेवरी की सुविधा देने में सक्षम नहीं है। वहीं शहर की अधिकांश आबादी होम डिलेवरी लेने में सक्षम नहीं है। पत्रिका ने शहर के कई दुकानदारों को फोन लगाकर नगर की अलग-अलग कॉलोनी में किराना सामान की होम डिलेवरी के लिए कहा। जिस पर कुछ दुकानदारों ने दूरी अधिक बताकर मना कर दिया तो वहीं कुछ दुकानदार ने कर्मचारी न होने की बात कहकर असमर्थता जताई।
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Narendra Kushwah Reporting
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