गीता और आत्माराम को आसमान निगल गया या जमीन

गीता और आत्माराम को आसमान निगल गया या जमीन
गीता को लेकर 15० लोगों से पूछताछ, फिर भी नहीं मिली गीता
हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस परेशान
लोढ़ा के बाद तरुण के लिए भी होंगी यह दोनों चुनौती

गुना। आरोन थाना क्षेत्र से दो वर्ष पहले गायब हुई गीता को लेकर 15० लोगों से पूछताछ पुलिस कर चुकी है, लेकिन गीता का अभी तक पुलिस को कोई पता नहीं लग पाया है। इसको लेकर चर्चा ये है कि गीता को जमीन निगल गई या आसमान। अपनी लाड़ली बेटी को लेकर उसका पिता परेशान है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस गीता को लेकर हैरान है। उसकी तलाश में दिन-रात एक कर रही है, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिल पा रही है। इस मामले में सबसे बड़ी लापरवाही उसके पिता के अनुसार आरोन पुलिस थाने के तत्कालीन प्रभारी एपी सिंह की बताई जा रही है। इसकी जांच-पड़ताल करने ग्वालियर रेंज के डीआईजी एके पांडे बीते दिनों गुना आए थे, उन्होंने गीता के पिता से इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल के दौरान पूछताछ भी की। खबर है कि आज भी इसी मामले को लेकर डीआईजी गुना आए थे। गीता को लेकर तत्कालीन एसपी राहुल लोढ़ा को भी पुलिस मु यालय और हाईकोर्ट के समय-समय पर आदेश आते रहे, वे काम कराते रहे। इसके बाद भी गीता का पता नहीं चल पाया।अब नए पुलिस अधीक्षक तरुण नायक के लिए गीता को तलाशना भी एक चुनौती होगी।
ये है मामला
आरोन थाना क्षेत्र के सिरसी गांव में रहने वाले गजेन्द्र चंदेल की पुत्री 1 अगस्त 2०17 को अपहरण हो गया था, उसकी रिपोर्ट 9 अगस्त 2०17 को आरोन पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 444/17 धारा 363,366 आईपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ था। तत्कालीन थाना प्रभारी एपी सिंह ने इस मामले की कायमी कर एक आरोपी जितेन्द्र प्रजापति को गिर तार कर लिया था। लेकिन गीता बरामद नहीं हो पाई थी।जिसकी ऊंचाई लगभग 4 फुट 5 इंच, बाल घुंघराले, रंग सांवला, व चेहरा गोल है। उक्त युवती के बारे में सूचना देने वाले को तीस हजार रुपए का इनाम पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर की ओर से घोषित किया गया है।
इन पुलिस अधिकारियों पर लगे आरोप
गीता के पिता के बयान के बाद यह बात सामने आई है कि आरोन पुलिस थाने के तीन पुलिस अधिकारियों ने लापरवाही न बरती होती तो गीता भी मिल जाती और उसके आरोपी भी मिल जाते। डीआईजी एके पांडे के अनुसार जार्ज क्रिस्टो एसआई, सुल्तान सिंह रावत एसआई और तत्कालीन थाना प्रभारी एपी सिंह के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू हो गई थी, इसके तहत इन तीनों को नोटिस दिए गए थे। क्रिस्टो ने चालान पेश किया था, सुल्तान सिंह रावत ने आरोपी जितेन्द्र प्रजापति की गिर तारी दिखाई थी। अभी तक डेढ़ सौ से अधिक लोगों से गीता के मामले में पूछताछ कर चुके हैं।
कोर्ट में भी पहुंचा मामला
अपहृत युवती के न मिलने के बाद उसके पिता गजेन्द्र चंदेल ने ग्वालियर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। जिसमें हाईकोर्ट ने इस गंभीर मामले में संज्ञान लेते हुए अब मप्र के पुलिस महानिदेशक को हलफनामा देने के लिए नोटिस जारी किया था।इस संवेदनशील मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट ने जिले के पुलिस कप्तान और संभागीय आईजी से भी हलफनामा मांगकर केस की स्टेट्स रिपोर्ट तलब की थी। गीता बाई के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी आरोन अभय प्रताप सिंह की लापरवाही सरासर तौर पर देखी जा रही है। इस मामले में प्रतिवेदन डीजीपी के पास पहुंच गया है। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा ने अपने आदेश में गीता की तलाश के लिए अलग से एक दल बनाया था, वह अभी तलाश रहा है, लेकिन गीता पुलिस के हाथ अभी तक नहीं आ पाई है। इस मामले में लापरवाही मानकर तत्कालीन टीआई एपी सिंह का एक इंक्रीमेन्ट तत्कालीन पुलिस अधीक्षक रोक चुके हैं।
आत्माराम का भी नहीं लगा पता
स्मरण रहे कि धरनावदा थाना क्षेत्र से गायब आत्माराम पारदी का भी अभी तक पता नहीं लग पाया है। आत्माराम पारदी की मां उसको ढूंढऩे के लिए पुलिस के कई अधिकारियों को दर्जनों आवेदन दे चुकी है, इसके बाद उसने हाईकोर्ट में भी यह मामला लगाया है। इसके बाद भी आत्माराम का अभी तक पता नहीं लग पाया है, जिसको लेकर समय-समय पर पुलिस के एक दरोगा समेत दो-तीन लोगों पर आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं। इस मामले में कुछ समय पूर्व ही धरनावदा पुलिस थाने में एक मामला दर्ज हुआ था।

praveen mishra
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