scriptThis train will run at a speed of 200 kmph, journey will be comfortab | 200 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी ये ट्रेन, आरामदेह होगी यात्रा | Patrika News

200 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी ये ट्रेन, आरामदेह होगी यात्रा

6 दिसंबर से एलएचबी कोच के साथ शुरू हो रही है जबलपुर-दयोदया एक्सप्रेस

गुना

Published: December 03, 2021 08:05:36 pm

गुना. जबलपुर से अजमेर के बीच संचालित होने वाली दयोदय एक्सप्रेस अब एलएचबी कोच से दौड़ेगी। इस कोच की खासियत ये है कि इससे 200 किमी की स्पीड से चलाया जा सकता है। इसके बावजूद अंदर बैठे यात्रियों को झटका नहीं लगेगा। जबलपुर से अजमेर के बीच सफर करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलने वाली है।

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एलएचबी कोच की सीट जहां लंबाई में बड़ी होती है, वहीं झटका नहीं लगता है। ये कोच जर्मन तकनीक से बनाए गए हैं। इस तरह के कोच अभी शताब्दी और राजधानी जैसी सुपरफास्ट ट्रेनों में लगाए गए हैं। पश्चिम मध्य रेलवे अब अपने रेल मंडल में चलने वाली ट्रेनों में ये कोच लगवा रहा है। सीपीआरओ राहुल जयपुरिया ने बताया कि जबलपुर-अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस ट्रेन 6 दिसंबर से एलएचबी कोच के साथ चलेगी। इस नए सुरक्षित और अत्याधुनिक कोच से इस गाड़ी की सुरक्षा और गति दोनों बढ़ जाएगी।

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दयोदया एक्सप्रेस फिलहाल 24 कोच के साथ चलती है। जबलपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम विश्वरंजन के मुताबिक दयोदया एक्सप्रेस जिसकी गाड़ी नंबर 1218 1/1218 2 है, 6 दिसंबर से जर्मन तकनीकी से निर्मित एलएचबी (लिंक हाफमन बुश) कोचों से चलेगी। पुराने कोच की तुलना में 1.7 मीटर अधिक लंबा होगा नया कोच नए कोच पुराने कोच की अपेक्षा 1.7 मीटर अधिक लंबे हैं। इसमें यात्रियों के लिए सभी श्रेणियों में बर्थ भी सामान्य कोच की तुलना में अधिक हैं। साथ ही इस कोच के साथ ट्रेन को अधिकतम 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा सकता है। ये कोच ज्यादा सुरक्षित हैं। अप्रत्याशित दुर्घटना होने पर एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते हैं। झटका नहीं लगने से यात्रा भी ज्यादा आरामदायक होती है। जबलपुर रेल मंडल कई मेल/एक्सप्रेस गाडिय़ों में ये कोच लगा चुका है।

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चरणबद्ध तरीके से लग रहे एलएचबी कोच
रेलवे के लिए एलएचबी कोच पंजाब की कपूरथला रेल कोच फैक्टरी में बनाए जाते हैं। एलएचबी कोच सबसे पहले गतिमान एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में लगाए गए थे। बाद में भारतीय रेलवे ने सभी ट्रेनों में ये कोच लगाने का फैसला किया। यह कोच सुरक्षा, गति, क्षमता, आराम के मामलों में पुराने कोच से बेहतर हैं। एल्युमीनियम से बने ये कोच वजन में हल्के होते हैं। इन कोचों में डिस्कब्रेक का प्रयोग होता है। इसकी अधिकतम रफ्तार 200 किमी प्रति घंटे होती है और इसमें 80 यात्री बैठते हैं। पुराने कोच में 72 यात्रियों के लिए ही सीट होती है। इसी तरह एसी में 64 के मुकाबले इसमें 72 सीट होंगी।

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