आज भी सात मौतें, शहर के मुक्तिधामों में पडऩे लगी जगह कम,लकड़ी का बना संकट

-कोविड को लेकर चारों तरफ हाहाकार, नहीं रुक रहा मौतों का सिलसिला, तीन दिन में गुना में 16 मौतें
-निजी अस्पतालों में लूट-खसोट, कलेक्टर ने किया निरीक्षण, आंकड़ों को छिपाने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

By: praveen mishra

Published: 16 Apr 2021, 11:40 PM IST

गुना। कोरोना का प्रकोप गुना में बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसके चलते कोरोना पॉजीटिव होकर जिला और निजी अस्पताल पहुंचने वालों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। अब तो मौतों का सिलसिला भी गुना में बढ़ रहा है। शुक्रवार को गुना के सात लोगों की मौत हुई है। कोरोना से पीडि़त केवल चार लोगों की बूढ़े बालाजी क्षेत्र के मुक्तिधाम में नगर पालिका के ही कर्मियों ने पीपी किट पहनकर दाह संस्कार दिया। लेकिन स्वास्थ्य विभाग मात्र दो मौत होने की बात स्वीकार रहा है। उधर लगातार हो रही मौतों को लेकर मुक्तिधामों में भी लकड़ी के साथ दाह संस्कार तक का संकट गहराने लगा है। बीते तीन दिन में गुना जिले में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें कोरोना से मरे लोग भी शामिल हैं।
अस्पताल सूत्रों ने बताया कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप से एक झागर के एक शिक्षक और उद्योग विभाग के एक स्टेनो की मृत्यु हो गई। उधर ग्वालियर में कोरोना पॉजीटिव के बाद इलाज करा रहे एक अभिभाषक की मृत्यु हो गई। नत्थूखेड़ी गुना में रहने वाले एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। बूढ़े बालाजी क्षेत्र में एक महिला को बे्रन हेमरेज से मौत होना बताई गई है।

ऐसे लूट रहे हैं निजी अस्पताल संचालक
कलेक्टर के आदेश पर गुना के निजी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों का इलाज हो रहा है। लेकिन एक-दो निजी अस्पतालों में कोविड से पीडि़त मरीजों के परिजनों ने पत्रिका को बताया कि निजी अस्पताल में तो इलाज के नाम पर लूट मची हुई है। उनका कहना था कि बीमा पॉलिसी के तहत हम इलाज कराने की बात डॉक्टर और वहां के प्रबंधन से कहते रहे, लेकिन उन्होंने पॉलिसी से इलाज करने में असमर्थता जाहिर की। एक पीडि़त ने तो यहां तक कहा कि उसका भाई दुबे कॉलोनी स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती था, उसका अभी तक डेढ़ लाख रुपए हॉस्पिटल संचालक ले चुका है। अभी तो उसका वहीं इलाज चल रहा है।

रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिमांड
कोरोना के मरीजोंं की संख्या गुना में बढऩे पर यहां भी रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिमांड बढ़ गई है। मेडिकल स्टोरों पर यह इंजेक्शन फिलहाल नहीं मिल रहे हैं, सूत्र बताते हैं कि एक-दो मेडिकल स्टोर इस इंजेक्शन की कालाबाजारी करने में जुटे हुए हैं। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के आदेश पर रेमडेसिविर इंजेक्शन बड़ी संख्या में गुना आ गए हैं, जिनका मिलना रेडक्रास सोसायटी से 1568 रुपए जमा करने पर निजी अस्पताल भी खरीद सकेंगे। कलेक्टर ने कहा कि यहां रेमडेसिविर इंजेक्शन की कोई कमी नहीं हैं।
मुक्तिधाम में पडऩे लगी जगह
नगर पालिका के एक अधिकारी के अनुसार बूढ़े बालाजी, कैंट, बांसखेड़ी जैसे मुक्तिधाम यहां हैं। सबसे अधिक दाह संस्कार आजकल बूढ़े बालाजी स्थित मुक्तिधाम पर हो रहे हैं। वहां यह स्थिति है कि एक की चिता पूरी तरह ठंडी नहीं हो पा रही है, जब तक दूसरे की चिता वहां जलाई जा रही है। कोरोना और सामान्य स्थिति में मरने वाले लोगों की चिताएं एक जगह जलने से शहर के कई लोगों को अपने स्वास्थ्य की चिंता सताने लगी है।
कलेक्टर ने किया जिला अस्पताल का निरीक्षण
कोरोना के संक्रमण काल में सबसे अधिक भूमिका स्वास्थ्य विभाग की रह रही है। कोरोना का प्रकोप जैसे ही बढ़ा वैसे ही सीएमएचओ डा. पी. बुनकर कोरोना पॉजीटिव हो गए, वे अपना इलाज कराने ग्वालियर चले गए। उनका प्रभार जिला टीकाकरण अधिकारी अनिल विंचुरकर को दिया, वे काम करते कि इसी बीच उनकी मां कोरोना पॉजीटिव भी निकल आईं। गुरुवार को सीएमएचओ बुनकर लौट आए और उन्होंने अपना काम शुरू कर दिया है। कलेक्टर के तमाम प्रयासों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्थाएं एक-दो अधिकारियों की वजह से सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार को दोपहर के समय कलेक्टर कुमार पुरुषोत्त्तम जिला अस्पताल पहुंचे और वहां की व्यवस्थाएं देखीं और उनमें सुधार करने के निर्देश दिए।
मौत के साथ-साथ कोरोना के आंकड़े भी छिपाने में सफल
स्वास्थ्य विभाग के एक-दो अधिकारियों के मनमाने रवैये का आलम ये है कि पूर्व से ही मौत के आंकड़े छिपाए जा रहे थे, अब तो कोरोना पॉजीटिव के आंकड़े भी छिपाए जा रहे हैं। इसके साथ ही मीडिया को जारी की जाने वाली हेल्थ बुलेटिन भी बंद कर दी है। ऐसी स्थिति प्रदेश के पंचायत मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया के प्रभार वाले जिले की है। जबकि शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि कोरोना से संबंधित सारी जानकारी मीडिया को भेजी जाए।
कलेक्टर को भेजा ये सुझाव
पूर्व पार्षद आनंद भार्गव ने कलेक्टर को सुझाव दिया है कि कोरोना पॉजीटिव के शिकार हुए लोगों का दाह संस्कार बूढ़े बालाजी स्थित मुक्तिधाम में किया जा रहा है। वहीं सामान्य मौत वाले लोगों का भी दाह संस्कार हो रहा है, इससे वहां संक्रमण फैलने की आशंका ज्यादा रहती है। उन्होंने कहा कि सकतपुर जहां नगर पालिका कचरा डंप करती है वहां कोरोना पॉजीटिव के शिकार हुए लोगों का दाह संस्कार नगर पालिका के जरिए होने लगे तो यह एक अच्छी पहल होगी और बूढ़े बालाजी व कैंट क्षेत्र के मुक्तिधाम में बिना किसी डर से मृतक का क्रिया कर्म कर सकेंगे।
हाट बाजार और सामूहिक विवाह पर रोक
उधर एसडीएम गुना अंकिता जैन ने धारा 144 के अन्तर्गत गुना ग्रामीण एवं बमौरी क्षेत्रान्तर्गत सामूहिक विवाह/ निकाह समारोह, और हाट बाजार एवं अन्य समूह के एकत्रीकरण को पूर्ण रूप से आगामी आदेश तक प्रतिबंधित कर दिया है।
इस आदेश में कहा है कि इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/संगठन पर महामारी अधिनियम 1897 की धारा 2 एवं 3 आईपीसी की धारा 188 एवं अन्य उपयुक्त कानूनी प्रावधानों की सुंसंगत धाराओं के अंतर्गत वैधानिक/दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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