वार्ड आरक्षण का बेसब्री से इंतजार, घर-घर दस्तक देने लगे नेताजी

वार्ड आरक्षण का बेसब्री से इंतजार, घर-घर दस्तक देने लगे नेताजी

बढाने लगे जनता से नजदीकियां, पड़ौसी वार्डों पर भी नेताजी की नजर
-समस्या सुना रही है जनता, दावेदार नपा अफसरों को लगा रहे हैं फोन

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ीं राजनीति सरगर्मियां

गुना। भले ही गुना नगर पालिका में वार्डों का आरक्षण नहीं हुआ हो, चुनाव की संभावित तिथि घोषित नही हुई हो, एक वार्ड बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को गजट नोटिफिकेशन के इंतजार में स्वीकृति न मिली हो। हां इतना जरूर नगरीय क्षेत्र में चालू हो गया है कि सुबह हो या शाम। घरों पर दस्तक देने लगे हैं। शादी-समारोह हो या मृत्यु भोज, वहां भी पार्षद पद के दावेदार अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं जैसे ही उक्त दावेदार को जनता ने अपनी पीड़ा समस्या बताकर रखी उसको सुनते ही दावेदार नगर पालिका के सीएमओ या किसी दूसरे अधिकारी को फोन लगाते देखे जा सकते हैं। भले ही उनकी समस्या का निराकरण न हो। घर-घर दस्तक देने का नजारा गुना नगर पालिका के क्षेत्र शीतला माता मंदिर, पठार मोहल्ला, लक्ष्मीगंज और हनुमान कॉलोनी में देखा जा सकता है। इस बार के चुनाव में लगभग बारह-पन्द्रह पिछली बार की नगर पालिका परिषद में रहे पार्षद पुन: लडऩे की तैयारी मेंं हैं।उनका कहना है कि यदि हमारा वार्ड आरक्षित हुआ तो पड़ौसी वार्ड से चुनाव जरूर लड़ेंगे।
राजनीतिज्ञों के अनुसार गुना नगर पालिका का अध्यक्ष पद इस बार सामान्य महिला या पिछड़ा वर्ग पुरुष या महिला के लिए आरक्षित हो सकता है।मजेदार बात ये है कि इस बार हर वार्ड में पार्षद पद के लिए आठ से दस दावेदार बताए जा रहे हैं।उधर ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए प्रदेश शासन ने आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली है।इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीति गरमा गई है। अपने-अपने गुट का सरपंच, पंच बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
वरिष्ठ पदाधिकारी भी चुनाव लडऩे की तैयारी में
प्रदेश सरकार ने हाल ही में नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए सीधे चुनाव की जगह पार्षदों द्वारा चुने जाने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद पार्षद पद के लिए वे दावेदार भी चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में लग गए हैं जो पार्टी में ब्लॉक, मंडल के अलावा जिले में वरिष्ठ पदों पर हैं। उनसे जब पूछा गया कि इस बार क्या है कि चुनाव लडऩे के लिए वरिष्ठ पदाधिकारी भी दौड़ में लगे हुए हैं, उनका कहना था कि अध्यक्ष जीता हुआ पार्षद ही चुनेगा, इससे जहां एक ओर वार्ड के साथ-साथ स्वयं के विकास की अपार संभावनाएं हैं। सबसे ज्यादा पार्षद पद के दावेदार कांग्रेस में अभी से दिखाई देने लगे हैं।
दो- तीन बार टली आरक्षण की तिथि
सूत्रों ने बताया कि प्रदेश सरकार पूर्व में गुना नगर पालिका के वार्ड आरक्षण की तिथि तीन बार घोषित कर चुकी है, लेकिन हर बार प्रदेश सरकार इस तिथि को स्थगित करती रही है। कुछ समय पूर्व प्रदेश की अधिकतर नगर पालिका और नगर निगमों में वार्ड आरक्षण हो चुके हैं।गुना नगर पालिका में एक वार्ड बढ़ाए जाने के लिए कुछ समय पूर्व परिसीमन हुआ था, उसके बाद एक वार्ड बढ़ाए जाने के लिए प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा था, जिसको अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है, इसकी वजह गजट नोटिफिकेशन न होना बताया गया है।
जनता के लिए कुछ न कर पाने का गम
गुना नगर पालिका में पार्षद रहे कुछ लोगों से जब पत्रिका ने पूछा तो उनका कहना था कि हमने जो चुनाव के समय जनता से वादे किए थे, वह पूरे नहीं कर पाए। एक पार्षद ने तो कहा कि मैं अपना वार्ड आदर्श वार्ड बनाना चाहता था, लेकिन सीएमओ और नगर पालिका अध्यक्ष के विवाद में आदर्श वार्ड तो दूर विकास भी नहीं करा पाया। अधिकतर पार्षदों ने अपने वार्ड में विकास न कराने के लिए विवाद को कारण बताया। पुन: चुनाव मैदान में उतरने की बात भी कही।
मार्च के प्रथम सप्ताह में हो सकता है वार्ड आरक्षण
नगरीय विकास एवं प्रशासन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस माह के अंत या मार्च माह के प्रथम सप्ताह में गुना नगर पालिका के वार्ड आरक्षण होने की घोषणा हो सकती है।गुना नगर पालिका के चुनाव के लिए आरक्षण के आधार पर सीटें तय होना है। 37 सीटों में 54 प्रतिशत सवर्ण, 27 प्रतिशत ओबीसी एवं 18 प्रतिशत एससी और एसटी उ मीदवार तय किए जाना है। इसमें 5० प्रतिशत सीटों पर महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगी।
ऐसे तय होती है प्रत्याशियों की सं या
-नगर पालिका में 37 वार्ड हैं, जहां पार्षद लड़ेंगे।
-सवर्णों का 54 प्रतिशत में वार्ड २१आते हैं जिन पर चुनाव लड़ा जाएगा।
-ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण में वार्ड 9 आते हैं।
-एससीएसटी के 18 प्रतिशत आरक्षण में वार्ड 7 आते हैं।
-कुल 37 सीटों में से 5० प्रतिशत पर महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगी।
सन् 2०14 में वार्डों के जातीय आरक्षण पर डालें नजर
वार्ड न बर- 2०14 में
1- सामान्य पुरुष
2- सामान्य महिला
3- सामान्य पुरुष
4- सामान्य महिला
5- पिछड़ा महिला
6- सामान्य महिला
7- सामान्य पुरुष
8- पिछड़ा पुरुष
9- पिछड़ा महिला
1०- पिछड़ा महिला
11- सामान्य पुरुष
12- पिछड़ा पुरुष
13- सामान्य पुरुष
14- सामान्य महिला
15- सामान्य महिला
16- पिछड़ा महिला
17- सामान्य महिला
18- सामान्य पुरुष
19- सामान्य महिला
2०- अजा महिला
21- अजा महिला
22- पिछड़ा पुरुष
23- अजा पुरुष
24- अजा महिला
25- सामान्य महिला
26- सामान्य महिला
27- पिछड़ा महिला
28- सामान्य पुरुष
29- सामान्य पुरुष
3०- अजजा अनारक्षित
31- सामान्य महिला
32- सामान्य पुरुष
33- पिछड़ा पुरुष
34- अजा पुरुष
35- सामान्य पुरुष
36- सामान्य पुरुष
37- अजा पुरुष

चौपालों पर हो रही हैं चर्चाएं
सूत्रों ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की भी तिथि अभी घोषित नहीं हुई है लेकिन यहां के चुनाव के लिए राजनीतिक माहौल काफी तेजी से गरमाने लगा है। कई गांवों में चौपालों पर सरपंच, पंच, जनपद सदस्य आदि को लेकर अलग-अलग चर्चाएं चल निकली हैं। जानकार बताते हैं कि कई गांव ऐसे हैं जहां सरपंच पद के लिए आरक्षण अनुसार एक या दो ही व्यक्ति उस गांव में निवास कर रहे हैं, उनको ही मनाने और चुनाव में उतारने के लिए गांव के अलग-अलग गुट प्रयासों में जुट गए हैं।

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-अफसरों व जनप्रतिनिधियों में समन्वय नहीं, कैसे हो जिले का विकास
जिला योजना समिति की बैठकोंं में हुए निर्णय, धरातल पर कुछ भी नहीं, जनता मूलभूत सुविधाओं तक के लिए परेशान
-करोड़ों की योजनाएं सिमटी कागजों पर, न ट्रांसफार्मर लग पाए और न ही सुधर पाईं बदहाल सड़कें,स्कूल भवन तक रह गए अधूरे, समय से नहीं हो पा रही जिला योजना समिति की बैठक
गुना। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर जिले का समुचित विकास हो। इसके लिए गुना समेत पूरे प्रदेश में जिला योजना समिति बना रखी हैं, जिसका अध्यक्ष प्रभारी मंत्री है, उसकी अध्यक्षता में गुना में भी पूर्व में भी बैठकें होती रही हैं, करोड़ों रुपए के निर्माण कार्यों के प्रस्ताव को स्वीकृति दी जाती रही है। लेकिन कुछ समय से जहां एक ओर जिला योजना समिति की बैठक समय पर नहीं हो पा रही है, वहीं पूर्व में लिए गए निर्णयों पर अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के आपसी समन्वय न होने से समय-सीमा बीत जाने के बाद भी पूरे होते नजर नहीं आ रही हैं। आपसी समन्वय न होने की बात जिले की प्रभारी मंत्री इमरती देवी भी स्वीकार रही हैं। जबकि पिछली बैठक में समय पर काम न होने पर दो-तीन अधिकारियों के प्रति श्रम मंत्री और कलेक्टर अपनी नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं, इसके बाद भी विकास संबंधी कामों में तेजी नहीं आई। विकास संबंधी काम न होने से जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। जिससे न तो जनता को अच्छी सड़कें मिल पा रही हैं और न पीने के लिए साफ पानी।
बिजली
केन्द्र व प्रदेश की योजनानुसार बिजली कंपनी ने जिले की विद्युत व्यवस्था सुधार के लिए एक प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ था। प्रणाली सुदृढ़ीकरण के तहत बमौरी, आरोन, राघौगढ़ विकासखण्ड के कई गांवों में नवीन उपकेन्द्र बनाने, उपकेन्द्र क्षमता वृद्धि, अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर, 33 केवी और 11 केवी लाइन डालने, वितरण ट्रांसफार्मर लगाने आदि के लिए अलग-अलग राशि स्वीकृत थी। 15 करोड़ की लागत वाली इस योजना के तहत ये सारे काम वर्ष 2०19 में पूरे हो जाने थे। लेकिन ये काम फरवरी के मध्यावधि तक पूरे नहीं हो पाए हैं। मजेदार बात ये है कि कई कार्य ऐसे हैं जिनकी शुरूआत तक नहीं हुई, उनमें बमौरी विकासखण्ड के ग्राम मुरादपुर, टगर से ग्राम सिलेपुर, नदी से ग्राम मड़ीखेड़ा, मडीखेड़ा टगर से ग्राम खड़ेला तक, भमावद से ग्राम गणेशपुरा तक, कुंभराज से ग्राम कुंजाखेड़ा और मूडराकला से ग्राम खुजराई तक का जो काम विद्युत कार्य होना शामिल है। इसके तहत कई गांव ऐसे हैं जहां अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई है।
पानी
गुना जिले की पेयजल व्यवस्था दे ाी जाए तो कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां भू-जल स्तर नीचे चले जाने से बोरिंगों ने दम तोड़ दिया है। गुना नगरीय क्षेत्र में आधा सैकड़ा से अधिक नलकूप बंद हो गए हैं। जिले की पेयजल व्यवस्था पर नजर डाली जाए तो जिले में 7399 हैण्डप पों में 879 हैण्डप प बंद पड़े हुए हैं। जिससे आरोन, चांचौड़ा, बमोरी के कई मजरे-टोले में रहने वाले लोगों को पीने का पानी एक-एक किलोमीटर दूर से लाना पड़ रहा है। पीएचई का दावा है कि 2०2 नल-जल योजनाओं में मात्र 9 बंद हैं, जबकि ग्रामीणों के अनुसार आधा सैकड़ा से अधिक नल-जल योजनाएं दम तोड़ चुकी हैं। चांचौड़ा में पानी को लेकर कई गांव के लोग परेशान हैं।
समयावधि नजदीक, नहीं बन पाई सड़कें
जिला योजना समिति के एजेन्डे के आंकड़े बताते हैं कि गुना तहसील के पगारा-करोद पिपरौदा-भूतमढ़ी-रूसल्ला- खामखेड़ा मार्ग का काम 31 जुलाई 2०19 तक पूरा होना थे, लेकिन यह काम इतनी धीमा चल चला कि साल बीत गई, लेकिन यह काम पूरा नहीं हो पाया। इसी तरह चांचौड़ा तहसील के भमावद से एनएफएल मार्ग का काम पूरा नहीं हो पाया है। इसी तरह बमौरी के ग्राम फतेहगढ़ से बीलखेड़ी व्हाया झिरी मार्ग जिसकी लागत 31० लाख रुपए है, उसकी अभी तक वन विभाग से स्वीकृति नहीं हो पाई है जबकि यह काम 31 अक्टूबर 2०19 तक पूरा हो जाना था, वह भी पूरा नहीं हो पा रहा है। इसी तरह ग्राम लोड़ेरा से झुमका, ग्राम मगरोड़ा से अजरोड़ा मार्ग, पिपरौदा खुर्द से नानाखेड़ी मंडी मु य मार्ग तक, ग्राम खेजरा से हिंगोनी होकर कानेड़ तक, विजयपुर से शेखपुर तक, गुना -ऊमरी-सिरसी एन एच 3 वायपास से महूगढ़ा मार्ग तक, गुना आरोन से बरखेड़ा गिर्द मार्ग, पिपरौदा गांव बंसल की बाड़ी से लवकुश मंदिर एनएच-3 बायपास मार्ग तक, राघौगढ़ रामनगर सागर मार्ग, माता मूंडरा पहुंच मार्ग जैसे एक दर्जन से अधिक ऐसे मार्ग हैं जिनका काम मजबूतीकरण के तहत होना था, समयावधि बीत जाने के बाद यह काम पूरे नहीं हो पाए।
स्कूल भवन
लोक निर्माण विभाग पीआईयू के अनुसार जिन स्कूलों का काम 31 जुलाई 2०19 तक पूरा हो जाना था, वे स्कूलों का काम अधूरा रह गया है। इसकी वजह आवंटन का अभाव बताया जा रहा है। स्कूल भवनों के काम अधूरे रहने से गड़बड़ाई शैक्षणिक व्यवस्था अगले शैक्षणिक सत्र में भी बनी रह सकती है। इनमें हाईस्कूल अमोदा, हाईस्कूल गुलवाड़ा, हाईस्कूल झागर, हायर सेकेन्डरी स्कूल पगारा, हायर सेकेन्डरी स्कूल राघौगढ़, हायर सेकेन्डरी स्कूल चांचौड़ा आदि शामिल हैं।
समय पर नहीं हो पा रहीं जिला योजना समिति की बैठकें
जिला योजना समिति की बैठकें हर बार की तरह इस बार भी अभी तक नहीं हो पाई है। जिसमें विकास सेे जुड़े कई मुद्दे रखे जाने के प्रस्ताव आ चुके हैं। एक जनप्रतिनिधि का कहना था कि जिला योजना समिति की बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों पर तत्काल कार्रवाई होना चाहिए।
इनका कहना है
-जिला योजना समिति की बैठक जल्द लेने मैं गुना आऊंगी। समय-सीमा बीत जाने के बाद काम पूरे क्यों नहीं हो पा रहे हैं इस संबंध में पूछताछ करेंगे और दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।
इमरती देवी प्रभारी मंत्री गुना
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आबकारी विभाग ने मारा छापा, बरामद की शराब
गुना। कैंट थाना अन्तर्गत पिपरिया में आबकारी विभाग की टीम ने छापा मारा, जहां से लाखों रुपए की अवैध शराब पकड़ी। आरोपी राम राज एवं संजय जाट के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1)और (2) के तहत मामला दर्ज किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिपरिया क्षेत्र में अवैध शराब बिकने की सूचना कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार के पास आ रही थी, इस सूचना को कलेक्टर ने गंभीरता से लेकर आबकारी अधिकारी वीसी चौहान को कार्रवाई के निर्देश दिए। आबकारी अधिकारी ने अपनी टीम के साथ पिपरिया जाकर आरोपी रामराज और संजय जाट को मय शराब के पकड़ा। इनके कब्जे से 37 पेटियां देशी मदिरा की जब्त की हैं।
उधर कैंट थाना पुलिस ने पिपरिया गांव से अजीत जाट के कब्जे से 15 लीटर देशी मसाला शराब जब्त की और आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
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-एसपी राहुल लोढ़ा के विदाई समारोह में कलेक्टर के बोल
हमारे विचार और सोच एक जैसी, काम करने में कभी नहीं रही परेशानी
-एसपी बोले मेरे अवनीत और मालवीय दो अनमोल रत्न
गुना। जिले के कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार ने कहा कि एसपी राहुल लोढ़ा बहुत ही गंभीर व्यक्ति हैं। उतावलापन उनमें नहीं हैं। वे बहुत गंभीर, सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं।अभी तक तो यह होता रहा है कि किसी एसपी के तबादले के बाद खुशियां मनाई जाती हैं, यहां उल्टा यह हुआ कि उनका तबादला रुकवाने के लिए जनता सड़़कों पर उतरी। इसकी वजह ये रही कि राहुल लोढ़ा ने अपनी कार्यशैली व बेहतर पुलिसिंग करके यहां के लोगों का दिल जीता।हमारे और राहुल के विचार और सोच लगभग एक जैसी रहती थी।इसलिए काम करने में समन्वयक बैठाने में आसानी होती थी। इसलिए मेरे लिए उनका कार्यकाल हमेशा याद रहेगा। वे रविवार को निर्वतमान पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा के विदाई समारोह को संबोधित करने पहुंचे थे।
कलेक्टर एवं नगर पालिका के प्रशासक मैंने राहुल लोढ़ा के बारे में कई बार एलाइमेंट किया है कि पुलिस विभाग के अधिकारियों में नेगेटेविटी रहती है, क्यों कि पुलिस विभाग में लोगों की शिकायतों पर शिकायत आती रहती है। लेकिन राहुल लोढ़ा इसके उल्टे हैं वे काम से काम रखते थे, इस कारण उनमें नेगेटेविटी की जगह पोजीविलिटी दिखाई देती थी। उन्होंंने हंसी-ठिठोली के साथ-साथ राहुल लोढ़ा की काफी प्रशंसा भी की।
गुना कलेक्टर जैसा अधिकारी मुझे कहीं नहीं मिला
निर्वतमान एसपी राहुल लोढ़ा ने अपने संबोधन में कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि मैं मंडला, भोपाल और गुना में रहा किन्तु गुना कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार जैसा अधिकारी मुझे कहीं नहीं मिला। वेस्ट अधिकारी, समन्वय, वेस्ट पर्सनल मेटेंन करने वाला और प्रोफेशनल चीजें किस तरह गोपनीय रखी जाती हैं, ये जानने वाला व्यक्ति कोई है तो कलेक्टर साहब हैं। उनका कहना था कि मेरे एक वर्ष के कार्यकाल में मैंने जो कुछ कलेक्टर से मांगा, उन्होंने कभी मना नहीं किया। राहुल लोढ़ा ने कलेक्टर को फोरेसियल लीडर कहकर यह कहा कि कलेक्टर साहब घर पर रहते हैं तो संस्कृत में बातें करते हैं उनके बारे में मैं जितना भी कहूं, वह बहुत कम हैं।
अवनीत और मालवीय मेरे दो अनमोल रत्न
निर्वतमान पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा ने अपने संबोधन में एएसपी टीएस बघेल की प्रशंसा करते हुए कोतवाली प्रभारी अवनीत शर्मा और कैंट थाना प्रभारी एमएम मालवीय को अपने दो अनमोल रत्न बताए, जिस पर सभागार में जमकर तालियां बजीं। कार्यक्रम के प्रारंभ में समाजसेवी नूरूल हसन नूर ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन मिसवा नूर और आभार व्यक्त विकास दीक्षित ने किया।
पुलिस विभाग ने दी विदाई
वहीं देर शाम पुलिस विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में निर्वतमान पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा को विदाई दी गई, जिसमें पुलिस वि ााग के अलावा प्रशासनिक अधिकारी आदि उपस्थित थे।

Narendra Kushwah Reporting
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