यहां के लोग बूंद-बूंद तरस रहें है पानी को, जानिएं कारण

praveen mishra

Publish: Apr, 17 2018 01:58:28 PM (IST)

Guna, Madhya Pradesh, India
यहां के लोग बूंद-बूंद तरस रहें है पानी को, जानिएं कारण

शहर के ट्यूबबेल नगर पालिका ने बंद करा दिए, वहीं दूसरी ओर जनता से प्रति माह 160 रुपया बिल लिया जा रहा है...

गुना. जहां एक और शहर के ट्यूबबेल नगर पालिका ने बंद करा दिए। वहीं दूसरी ओर जनता से प्रति माह 160 रुपया बिल लिया जा रहा है। अन्य नगर पालिकाओं से जलकर के रूप में अधिक पैसा लेकर एक घंटे भी पानी नहीं दिया जा रहा है, इसको लेकर जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।


कुछ क्षेत्रों में दूषित पानी आ रहा है। सोमवार को तो बिजली सप्लाई बाधित होने से कई क्षेत्रों में नलों से पानी की सप्लाई तक नहीं हो सकी। उधर ग्रामीण क्षेत्र में हैण्डपंपों और नलकूप योजना के बंद होने से पीने के पानी का संकट बढ़ता जा रहा है।

गर्मी की शुरूआत होते ही शहर में पानी की किल्लत शुरू हो गई थी, अब यह काफी बढ़ गई है। बूढ़े बालाजी क्षेत्र, घोसीपुरा, श्रीराम कॉलोनी जैसे कई क्षेत्र हैं जहां लोगों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। इसकी वजह यह है कि पूर्व में शहर के 37 वार्डों के 415 ट्यूवबेल से चार से पांच घंटे तक पानी सप्लाई होती थी। जिसको कुछ समय पूर्व नगर पालिका ने बंद करा दिया है।

 

इसकी जगह उसने सिंध नदी पर ट्यूवबेलों के जरिए शहर की टंकियां भरने के बाद नलों से मात्र एक घंटे पानी की सप्लाई शुरू कराई है। सूत्रों ने बताया कि पानी की बचत के उद्देश्य से अपनी रणनीति के तहत शुरू की गई योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।

 

एक घंटे मात्र पानी दिए जाने से लोगों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है क्यों कि धनाढ्य लोग नलों के आने से पूर्व टिल्लू पम्प के जरिए पानी सारा खींच लेते हैं, जिससे उनके पीछे वाले घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

नयापुरा में पानी के लिए लगती है कतार
शास्त्री पार्क पर पानी की टंकी होने के बाद भी नया पुरा में पानी के लिए लोग सुबह से कतार लगाते हैं। दरअसल, जो लोग पहले भर लें तो पानी आसानी से भरा हो जाता है, इसके बाद उनको काफी मशक्कत करनी पड़ती है।

 

नयापुरा समेत शहर के अधिकतर मोहल्लों व कॉलोनियों में लगभग 200 ट्यूबवेल के अलावा टैंकरों से भी पानी सप्लाई हो रहा है। लोगों ने बताया, शहर में पानी की दिक्कत हो रही है। सुबह से पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। सुबह से लेकर रात तक पानी के लिए लोग परेशान होते दिखाई देते हैं।

दूषित पानी की सप्लाई
शहर के वीआईपी कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने पत्रिका को बताया कि इस कॉलोनी में कुछ समय पूर्व सीवर लाइन फूट गई थी, यह सीवर लाइन पानी की पाइप लाइन से मिल गई।

 

जिसका परिणाम ये है कि बीते एक सप्ताह से नलों के जरिए दूषित पानी आ रहा है। जिसकी शिकायत सीएम हेल्प लाइन व नगर पालिका के अधिकारियों से की। यहां के अधिकारी जानकारी तो लेते रहे, लेकिन किसी ने वह पाइप लाइन सही नहीं कराई।

लोग बोले क्यों दें 160 रुपए जल कर
शहर के कई लोगों ने पत्रिका को बताया कि अशोकनगर, राघौगढ़, शिवपुरी जैसी नगर पालिका पानी का बिल गुना नगर पालिका से काफी कम ले रही है। लेकिन यहां नगर पालिका द्वारा पीने का पानी तक नहीं दिया जा रहा है, इसके बाद भी हमसे 160 रुपए प्रति माह जलकर लिया जा रहा है।

 

जबकि नगर पालिका अध्यक्ष राजेन्द्र सलूजा ने एक वर्ष पूर्व यह घोषणा की थी कि अब पानी का बिल 160 रुपए की जगह 100 रुपए लिया जाएगा। मगर यह घोषणा आज तक पूरी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि हमको एक घंटे की जगह कम से कम दो घंटे तो पानी दिया जाए ऐसा नहीं हुआ तो हम पानी का बिल देना भी बंद कर देंगे।

नहीं आया पानी
शहर के घोसीपुरा वासियों ने बताया कि कुछ समय से तो पानी की व्यवस्था सारी गड़बड़ा गई है। सोमवार को सुबह के समय नल नहीं आए, जिससे पीने के पानी के लिए खाली बर्तन लेकर लोग घूमते रहे।

 

पानी की कोई कमी नहीं हैं। बिजली सप्लाई बाधित होने से सुबह के समय पानी सप्लाई नहीं हो पाया होगा। हम दो सौ टैंकरों से पानी की सप्लाई करा रहे हैं। अन्य जगह से हम कम पैसा लेकर पर्याप्त पानी दे रहे हैं।
- राजेन्द्र सलूजा अध्यक्ष नगरपालिका

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