कोई पत्नी-बच्चे के लिए अनुमति मांगने पहुंचा, तो किसी ने कहा-मुझे करनी है शादी, समारोह करने दी जाए मंजूरी

-ये जाना चाहते हैं गुना से बाहर
-हर दिन 20 से 30 आवेदक पहुंच रहे हैं कलेक्ट्रेट

By: Mohar Singh Lodhi

Published: 21 Apr 2020, 02:05 PM IST

गुना. साहब! बेटा बीमार है। उसे डाक्टर को दिखाना है, अगर नहीं दिखाया तो तबियत और ज्यादा खराब हो सकती है। तो किसी ने कहा, मेरे बच्चे एक महीने से ससुराल में फंसे हैं, उनको लाना है। इतना ही नहीं, एक ने कहा कि मेरी शादी है, मुझे विवाह समारोह करने की अनुमति दी जाए।
ये कारण हर दिन जिला प्रशासन के पास पहुंच रहे हैं, लेकिन उनके आवेदन निरस्त कर दिए। दरअसल, लॉक डाउन बीते 28 दिनों से जारी है। जिले और प्रदेश की बॉर्डर सील कर दी गई है। इस वजह से कई लोग बाहर के गुना में फंस गए तो गुना के कई लोग दूसरे शहरों और प्रदेशों में फंसे हुए हैं। जिनको लाने लोग प्रशासन से अनुमति लेने पहुंच रहे हैं। एक आवेदक रोहित चंदेल ने बताया कि उनकी पत्नी और सात माह की बच्ची अशोकनगर में रिश्तेदार के यहां फंसे हैं। घर लाना चाहते हैं। एक दिन का पास दिया जाए।
हर दिन पहुंच रहे हैं आवेदन लेकर
इस तरह के आवेदन लेकर हर दिन 20 से 30 लोग पहुंच रहे हैं। एक हफ्ते से आवेदन आनलाइन भराए हैं। जहां तरह-तरह के कारणों को बताकर शहर से बाहर जाने की अनुमति मांग रहा है। उधर, प्रशासन ने बाहर से ट्रेवलिंग करके आए लोगों को क्वारंटाइन करा दिया है। जो सवारी छोडऩे गए थे, उनको भी गुना आने पर घर जाने नहीं दिया।
डबरा में फंसे हैं मेरी पत्नी और बच्चा
केस एक: गुना निवासी दीपक रावत अपने दो साल के बच्चे और पत्नी को डबरा से गुना लाने गुहार लगा रहे हैं। बच्चा बीमार है। ऑनलाइन आवेदन दिया, जिसे रिजेक्ट कर दिया है। उनका कहना है कि 14 अप्रैल को सामान्य होने का अनुमान था, लेकिन फिर से लॉक डाउन बढ़ गया। आगे भी खुलने की उम्मीद नहीं हैं। बच्चों की चिंता सता रही है, प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा है।
27 अप्रैल को है शादी, नहीं दी अनुमति
केस दो: गुना निवासी सौरभ शर्मा की 27 अप्रैल को शादी है, वे अनुमति लेने गए, लेकिन आवेदन नहीं लिया है। अगर, इस साल शादी नहीं हुई तो डेढ़ साल आगे बढ़ जाएगी। सौरभ के पिता का कहना है कि हमसे कहा जा रहा पहले आरोन एसडीएम से अनुमति लो। इसके बाद ही कुछ किया जा सकेगा। इस तरह कई लोग अनुमति लेने के लिए कलेक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे हैं।
सिस्टर को कर रहे प्रताडि़त, हमें जाना है ग्वालियर
केस तीन: गुना निवासी धर्मेंद्र सोनी भी गुना से ग्वालियर जाने की अनुमति लेने पहुंचे। उनका कहना है कि उनकी बहन ग्वालियर में है। ससुराल वाले प्रताडि़त कर रहे हैं। 15 अप्रैल को शिकायत की, लेकिन आवेदन रिजेक्ट कर दिया। कोतवाली में आवेदन दिया है। पिता के साथ मैं ग्वालियर जाना चाहता हूं। लेकिन परमिशन नहीं मिल रही है। बहन की चिंता सता रही है।

Mohar Singh Lodhi
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