Worry about ranking: अफसरों के यहां चाकरी, कैसे सुधरे शहर की साफ-सफाई व्यवस्था, रैंकिंग को लेकर चिंता

कोई तो सुधारे शहर की सफाई व्यवस्था

गुना. स्वच्छ शहरों के मामले में गुना टॉप टेन में शामिल हो, इसके प्रयास नाकाफी दिख रहे हैं। एक तरफ जहां कलेक्टर सफाई के लिए अपने स्तर पर प्रयासरत हैं, वहीं नगर पालिका अध्यक्ष राजेन्द्र सलूजा और नगर पालिका के सीएमओ संजय श्रीवास्तव के बीच चल रही खींचतान के चलते सफाई व्यवस्था सुधर ही नहीं पा रही है।

अधिकतर पार्षद और क्षेत्र की जनता ने सफाई के लिए पूरी तरह सीएमओ और अध्यक्ष की खींचतान के चलते सफाई कर्मियों पर अंकुश न होना बताया। उन्होंने कहा कि कलेक्टर यदि अपने हाथ में सफाई व्यवस्था का जिम्मा लेते हैं तो यह अच्छी बात है, कोई तो हमारे वार्ड और क्षेत्र की सफाई व्यवस्था सुधारे। नगर पालिका में सफाई कर्मी के रूप में पंजीकृत 495 में से 8०-82 घर पर बैठे पगार ले रहे हैं तो ६० से अधिक सफाई कर्मी अफसरों के यहां या तो चाकरी कर रहे हैं या ड्राइवरी। रविवार को पत्रिका ने 35 पार्षदों व 2०० से अधिक क्षेत्रीय जनता से शहर और वार्ड की सफाई व्यवस्था को लेकर बातचीत की। 35 में से 29 और 2०० में से 167 लोगों ने सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। अधिकतर पार्षदों ने सफाई कर्मियों का वार्डों में असमानता बंटवारा और क्षेत्र के हिसाब से सफाई कर्मियों की तैनाती न होना बताया। हाल ही में सफाई दरोगा की अदला-बदली से भी व्यवस्था सुधरने की बजाय बिगडऩा बताया।


स्वच्छता के लिए पार्षदों व जनता ने दिए सुझाव

एक दर्जन से अधिक पार्षदों ने कलेक्टर द्वारा स्वच्छता रैकिंग की दिशा में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा तो की, साथ में उन्होंने पार्षदों को उस अभियान से न जोडऩे पर नाराजगी जाहिर की, उनका कहना था कि स्वच्छता रैकिंग की टॉप टेन की सूची में गुना आए, इसमें पार्षदों को भी शामिल करके उनकी राय ली जाना चाहिए। सफाई को सुधारने कलेक्टर को कड़े कदम उठाना पड़ेंगे।

-बायोमैट्रिक हाजिरी लगवाई जाए।
-सभी वार्डों में कचरावाहन भेजे जाएं।
-कचरा फेंकने वाले आम नागरिक व दुकानदारों पर जुर्माना कार्रवाई कड़ी हो।
-सफाई की मॉनीटरिंग सुबह के समय प्रतिदिन की जाए।
-दोपहर और रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था लागू की जाए।
-मिशन टॉप टेन के बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल दागी लोगों को बाहर किया जाए।


इनका कहना है

सफाई हो रही है। लेकिन कचरा डंपिंग की व्यवस्था ठीक नहीं है। लोग भी कचरा डाल रहे हैं। अध्यक्ष सीएमओ के विवाद से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्वच्छता के लिए जागरुक बनें।

-डॉ. नीरू शर्मा, पार्षद

गुना को प्रदेश के टॉपटेन शहरों में शामिल कराने के लिए स्वच्छता मुहिम में पार्षदों को साथ लेकर चलना जरूरी है। क्योंकि वही वार्ड की वास्तविक स्थिति से अवगत करा सकते हैं। सफाई कर्मियों का वर्गीकरण वार्ड के हिसाब से नहीं है।

अंजना जाट, पार्षद वार्ड 25

Manoj vishwakarma
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