10 हजार या 1 लाख, भरने पड़ेंगे साब!

जानिए अब जुर्माना वसूलना नहीं होगा मुश्किल
लोकायुक्त में शिकायत का असर
गुरुग्राम. चंडीगढ़. एक सवाल: सूचना के अधिकार के जरिए आप कोई भी सूचना मांगते हैं...क्या वह समय पर मिलती है? हॉ या नहीं दूसरा सवाल: यदि नहीं मिलती है तो आप क्या करते हैं? सोचिए... जवाब है: नजर रखिए, इस खबर पर जो आपको अवगत करा रही है कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी समय पर नहीं देना किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर कितना भारी पड़ सकता है।

By: satyendra porwal

Published: 30 Mar 2021, 11:09 PM IST

उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी गठित
राज्य सूचना आयोग के आदेश के बावजूद जुर्माना राशि ना जमा कराने वाले डिफाल्टर जनसूचना अधिकारियों की अब खैर नहीं है। लोकायुक्त कोर्ट में शिकायत दर्ज होने के बाद हरियाणा सरकार ने चीफ सैक्रेटरी की अध्यक्षता में बकाया जुर्माना वसूली के लिए उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी गठित की है।
डिफाल्टर जनसूचना अधिकारियों की सूची सौंपी
आयोग ने सभी डिफाल्टर जनूसचना अधिकारियों की सूची सरकार को सौंपते हुए आयोग के कार्य सुचारू करने के लिए रजिस्ट्रार सहित पांच कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग भी की है। अगली सुनवाई लोकायुक्त जस्टिस एन.के. अग्रवाल 13 मई को करेंगे।
पानीपत के आरटीआई एक्टिविस्ट पी.पी. कपूर ने 21 जुलाई 2020 को लोकायुक्त को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि हरियाणा में अधिकांश जन सूचना अधिकारी ना तो निर्धारित 30 दिन में सूचना देते हैं ना ही राज्य सूचना आयोग द्वारा लगाई जुर्माना राशि जमा कराते हैं।
राज्य सूचना आयोग ने वर्ष 2006 से दिसम्बर 2019 तक प्रदेश में राज्य जनसूचना अधिकारियों पर 3,50,54,740/- रुपए जुर्माना लगाया था। लेकिन 1726 डिफाल्टर जनसूचना अधिकारी 2.27 करोड़ रुपए से ज्यादा की जुर्माना राशि दबाए बैठे हैं।
लोकायुक्त ने संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार व राज्य सूचना आयोग से जवाब तलब किया। प्रदेश सरकार व राज्य सूचना आयोग ने लोकायुक्त को सूचित किया कि हरियाणा सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जुर्माना राशि वसूली के लिए मॉनिटरिंग कमेटी गठित की है। कमेटी हर तीन महीने बाद मीटिंग करके जुर्माना राशि वसूली कार्य की समीक्षा करेगी व त्वरित वसूली के लिए निर्देश जारी करेगी। राज्य सूचना आयोग को हर तीन महीने बाद डिफाल्टर जनसूचना अधिकारियों की सूची प्रशासनिक सुधार विभाग के एडिशनल चीफ सैक्रेटरी/प्रिंसिपल सैक्रेटरी को देनी होगी।
ये है मॉनिटरिंग कमेटी
चीफ सैक्रेटरी(चेयरमैन), प्रशासनिक सुधार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव (सदस्य सचिव), संबंधित विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (सदस्य) व राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार(सदस्य)।
प्रमुख डिफाल्टर एचसीएस अधिकारी
बिजेन्द्र हुड्डा (1,0 0000/-);गायत्री अहलावत (5,000/-) ; कु. शालिनी चेतल(25,000/-); प्रवीन कुमार (15,000/-); अरविंद मलहान (40,000/-), प्रशांत इस्कान (7500/-), मुकेश सोलंकी (1500/-), रीगन कुमार (10,000/-), संजय सिंगला (25,000/-), मनोज कुमार (5,000/-), राजेश कौथ (25,000/-), सतबीर झांगू (25,000/-), आरपी मक्कड़ (25,000/-)
अन्य प्रमुख डिफॉल्टर अधिकारी
वीएन भारती तत्कालीन ईओ नगर परिषद हांसी(1,82,000);अमन ढांडा तत्कालीन ईओ नगर परिषद हांसी(1,50,000); दीपक सूरा तत्कालीन ईओ नगर निगम यमुनानगर(1,10,000); नवीन अग्रवाल तत्कालीन अधीक्षक स्कूली शिक्षा विभाग निदेशालय (1,06,000); सतीश यादव तत्कालीन भूमि अधिग्रहण अधिकारी गुरुग्राम (75,000);योगेंद्र यादव तत्कालीन डीएफएसओ पलवल(25,000)।

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