गुुरुग्राम में अवैध हॉर्डिंग से नगर निगम को करोड़ों की चपत

अधिकारियों पर पार्षद ने लगाए हॉर्डिंग माफिया के साथ मिलीभगत के आरोप
गुरुग्राम के पॉश इलाकों में लगे हैं अवैध हॉर्डिंग
वार्ड-21 के पार्षद ने निगम सदन की बैठक में उठाया था मुद्दा
अब मेयर ने संज्ञान लेकर अधिकारियों से मांगा जवाब

By: Devkumar Singodiya

Published: 05 Apr 2021, 06:22 PM IST

गुरुग्राम। नगर निगम की जमीन से झोंपडिय़ों को ढहाकर वाहवाही लूटने वाले नगर निगम के अधिकारियों की नजर शायद उन हॉर्डिंग पर नहीं जा रही, जो कि अवैध रूप से लगे हैं या फिर जिनका नगर निगम में किराया जमा नहीं करवा जा रहा। अधिकारियों पर आरोप यह भी लग रहे हैं कि उनकी मिलीभगत से हॉर्डिंग का गौरख धंधा चल रहा है। अधिकारियों भी करोड़ों के वारे-न्यारे कर रहे हैं।


सबसे अधिक हॉर्डिंग गुरुग्राम के अति पॉश इलाके नगर निगम के जोन-३ में लगे हैं। यहां एमजी रोड, गोल्फ कोर्स रोड पर कई यूनिपोल पर लंबे समय से विज्ञापन लगे हुए हैं। गुरुग्राम नगर निगम की सबसे अधिक कमाई विज्ञापनों से होती है। कई वर्षों से गुरुग्राम में नगर निगम के यूनिपोल पर लगाए जा रहे विज्ञापनों का पैसा कहां जा रहा है, कौन ले रहा है, इसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। वार्ड-२१ के पार्षद धर्मबीर ने इसे बड़ा घोटाला बताकर १८ मार्च २०२१ को नगर निगम सदन की सामान्य बैठक में प्रमुखता से उठाया था।

पार्षद हर नगर निगम के यूनिपोल पर अवैध रूप से लगे विज्ञापनों की तस्वीरें के साथ शिकायत पटल पर रखी। इसके बाद इस पर कोई कार्यवाही नगर निगम के अधिकारियों द्वारा नहीं की गई। पार्षद धर्मबीर ने इसकी शिकायत की प्रति मेयर मधु आजाद को भी दी। मेयर मधु आजाद ने अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि इस पर कड़ा संज्ञान लेकर रिपोर्ट पेश करें। अतिरिक्त निगमायुक्त ने विज्ञापन इंचार्ज एसडीओ कुलदीप को इस पर रिपोर्ट देने के आदेश जारी किए हैं।

Devkumar Singodiya Desk
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