हरियाणा में सौर ऊर्जा क्षमता 4 हजार मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य

हरियाणा में सौर ऊर्जा क्षमता 4 हजार मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य
solar penal file photo

| Publish: Jul, 21 2018 06:58:46 PM (IST) Gurugram, Haryana, India

इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमने हरियाणा सौर ऊर्जा नीति बनाई है जिसका उद्देश्य प्रदेश में सौर ऊर्जा निवेशको को अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाना है

(गणेश सिंह चौहान की रिपोर्ट)
गुरुग्राम। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2022
तक हरियाणा की सौर ऊर्जा क्षमता 4 हजार मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमने हरियाणा सौर ऊर्जा नीति बनाई है जिसका उद्देश्य प्रदेश में सौर ऊर्जा निवेशको को अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाना है। वे गुरुग्राम के सैक्टर-56 स्थित देवेंद्र विहार, आर्मी वैलफेयर हाउसिंग ओरगेनाईजेशन सोसायटी, में स्थापित किए गए 348 किलोवाट क्षमता के सोलर पॉवर प्रोजैक्ट का उद्घाटन करने के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा का विषय उन्हें बहुत प्रिय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में अब तक कुल 85 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनैक्टिड रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट लग चुके हैं।

 

 

गुरुग्राम जिले में लगे 430 प्रोजेक्ट

 

 

जिला गुरुग्राम मेें पिछले चार वर्ष में अनुदान योजना के तहत घरेलु क्षेत्र, निजी शिक्षण संस्थाओं तथा सामाजिक भवन के क्षेत्र पर 5.7 क्षमता के 430 प्रोजेक्ट लग चुके हैं जिनमें लगभग 3 करोड़ की सबसिडी दी जा चुकी है। इनके अलावा, 19 मेगावाट के 250 प्रोजैक्ट बिना सबसिडी के भी स्थापित हुए हैं। इस प्रकार अकेले जिला गुरुग्राम में ही लगभग 25 मेगावाट क्षमता के ग्रिड क्नैक्टिड रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट लग चुके हैं। उन्होंने देवेंद्र विहार सोसायटी द्वारा सोलर पॉवर प्लांट लगाने पर बधाई दी और कहा कि अन्य गु्रप हाउसिंग सोसायटियों को भी इसका अनुसरण करना चाहिए।


सामाजिक समस्याओं पर काम करना जरूरी

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के नाते हमने बहुत काम किए हैं और कर भी रहे हैं लेकिन सामाजिक समस्याओं पर काम करना जरूरी है। सामाजिक सरोकार के कार्यों में बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, पानी की बचत आदि आते हैं। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को हमने कई महत्वपूर्ण फैसले किए जिनमें वृक्षा रोपण और भूमिगत जल की रीचार्जिंग करने की व्यवस्था के अलावा, सरकारी कार्यालयों में पानी की प्लास्टिक बोतलो के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे एक बार प्रयोग होने वाली प्लास्टिक की वस्तुओं का त्याग करें और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप कई बार प्रयोग में लाई जा सकने वाली प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल कर सकते हैं या धातु अथवा मिट्टी या शीशे से बनी हुई बोतल का प्रयोग
कर सकते हैं।

 

रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य

 

सौर ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मनोहर लाल ने कहा कि पर्यावरण
संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व के देशों, जहां सूर्य का प्रकाश ज्यादा रहता है, में सौर ऊर्जा अलायंस बनाने का सुझाव दिया जिस पर उन देशों ने सहमति जताई और सौर ऊर्जा अलायंस का कार्यालय गुरुग्राम जिला के ग्वालपहाड़ी में बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने वर्ष-2022 तक देश में एक लाख मेगावाट सौर ऊर्जा पैदा करने का लक्ष्य रखा है। भूमिगत जल रिचार्ज करने की जरूरत पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकसित सैक्टरों एवं परिसरों में 500 वर्ग गज या इससे बड़े भवनों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया हुआ है। उन्होंने कहा कि देवेंद्र विहार में भी आते ही उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि यहां पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग का सिस्टम लगा हुआ है अथवा नहीं लेकिन उन्हें बताया गया कि इस सोसायटी में यह सिस्टम चालू है। साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा 500 वर्ग गज या इससे बड़े प्लाटो में बने भवनों के लिए छत पर सोलर पॉवर प्लांट लगाना अनिवार्य किया गया है। इस तरह के सयंत्र लगाने पर भवन मालिक को 12 प्रतिशत तक अतिरिक्त फलोर एरिया कवरेज का लाभ दिया जा रहा है।

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