हरियाणा का ये हाल, पूर्व मंत्री से ली दो लाख रिश्वत

हरियाणा का ये हाल, पूर्व मंत्री से ली दो लाख रिश्वत
हरियाणा का ये हाल, पूर्व मंत्री से ली दो लाख रिश्वत

Chandra Prakash sain | Updated: 04 Sep 2019, 09:45:41 PM (IST) Gurgaon, Gurgaon, Haryana, India

Haryana: खुद वरिष्ठ नेता ने किया खुलासा

गणेश सिंह चौहान/गुरुग्राम. हरियाणा की खट्टर सरकार में भ्रष्टाचार किस कदर फैल गया है इस ताजा उदाहरण है, जब पूर्व मंत्री से भी अधिकारी ने रिश्वत ले ली। भ्रष्ट अधिकरियों को किसी का भी डर नहीं है और खुल्लेआम रिश्वत का खेल चल रहा है। अधिकारियों की भूख कितनी बढ़ गई है कि हरियाणा के पूर्व मंत्री कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता के अलावा आम जनता को भी बगैर रिश्वत राहत नहीं मिल रही हैं। जबकि हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त होने की संज्ञा दे रहे । मगर मुख्यमंत्री के सभी दावों को हरियाणा में बैठे भ्रष्ट अधिकारी तार-तार करने में जुटे हुए हैं। मामला हरियाणा के पूर्व मंत्री व गुरुग्राम क्षेत्र से पंाच बार हरियाणा की विधानसभा में रहे धर्मबीर गाबा का है।
उन्होंने बातों बातों में अपने साथ बीती कहानी की सच्चाई उजागर कर दी। पूर्व मंत्री ने आफ द रिकार्ड बताया कि खट्टर सरकार में वरिष्ठ अधिकारियों की फौज है और वह ईमानदार छवि के मुख्यमंत्री को बदनाम करने में कहीं भी कसर कमी नहीं छोड़ रहे। उन्होंने कहा अधिकारियों की हिम्मत देखिए भाजपा सरकार में उनके रेट दो गुना हो गए । हुड्डा विभाग का जिक्र करते हुए कहा विभाग के अधिकारी तो किसी को नहीं छोड़ते है उन्होंने अपने मकान का कंप्लीशन प्रमाण पत्र लेना था लगातार दो महीने तक चक्कर काटने पड़े और आखिरकार रिश्वत का शिकार होना पड़ा।

कहां खट्टर ईमानदार है लेकिन मंडली भष्ट्र
पूर्व मंत्री चर्चा करते हुए बताया की उनसे ही दो लाख की रिश्वत ले ली उसके बाद काम हुआ और उन्हें घर का कंपिलेशन प्रमाण पत्र दिया गया। उन्होंने यह भी कहा मुख्यमंत्री को अधिकारी अंधेरे में रखे हुए और मुख्यमंत्री के पास इतना समय नहीं है की भष्ट्र अधिकारियों पर कार्यवाही कर सके। पूर्व मंत्री ने कहा, मनोहर लाल खट्टर स्वयं ईमानदार है मगर उनके इर्द.गिर्द भ्रष्ट अधिकारियों की मंडली है। उन्होंने यह भी कहा सरकार के मुखिया की सख्ती के बावजूद भी अधिकारी बाज नहीं आ रहे। जबकि अधिकारियों को जानकारी थी जिनसे वह रिश्वत मांग रहे हैं वह पांच बार हरियाणा विधानसभा के सदस्य रहे और पूर्व मंत्री रहे मगर एक कहावत है कुर्सी हटते ही है आंख बदल ली जाती है और उनके साथ ऐसा ही हुआ। उन्होंने रिश्वत देनी पड़ी उसके बाद ही उनके मकान को प्रमाण पत्र दिया गया। जब मैं मंत्री था तो मैंने हर समाज का खुलकर काम किया मगर आज मैं कुछ नहीं हूं मेरा बुढ़ापा आ गया है। अधिकारी उसका गलत फायदा उठाते हैं। जब पूछा गया क्या मुख्यमंत्री से पूरी जानकारी दी तो उन्होंने कहा जो कुछ होना था हो गया इसकी क्या चर्चा की जाए।

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