असम में भीड़ के 2 हमलों में 1 की मौत व 1 घायल, इस साल की चौथी घटना

(Assam News ) असम में भीड़ (Mob lynching in Assam ) के हमले की दो घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। असम में इस (Mob lynching death ) वर्ष भीड़ के हमले की यह चौथी (Mob lynching 4 incident ) घटना है। इससे पूर्व ऐसी ही दो अन्य घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई थी।

By: Yogendra Yogi

Published: 31 Aug 2020, 08:22 PM IST

गुवाहाटी(असम): (Assam News ) असम में भीड़ (Mob lynching in Assam ) के हमले की दो घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। असम में इस (Mob lynching death ) वर्ष भीड़ के हमले की यह चौथी (Mob lynching 4 incident ) घटना है। इससे पूर्व ऐसी ही दो अन्य घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई थी।

आपसी विवाद बताया गया
मध्य असम के बिश्वनाथ में कुछ लोगों द्वारा पेड़ से बांध कर निर्ममता से पिटाई करने से करने से एक युवक की मौत हो गई। यह मामला आपसी विवाद का बताया जाता है। जिला मुख्यालय बिश्वनाथ चाराली से लगभग 9 किमी दूर प्रतापगढ़ टी इस्टेट में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले युवक सबिन को कुछ लोगों ने पेड़ से बांध कर पीटा। बताया जाता है कि सबिन गौर के भाई नबीन गौर के दोस्तों ने इस घटना को अंजाम दिया।

पिटाई से हुई मौत
साबिन और नबीन, दोनों दिहाड़ी मजदूर हैं। किसी विवाद को लेकर उनमें आपस में झगड़ा हो गया। झगड़े के दौरान भिड़ गए। झगड़े में साबिन ने नबीन को एक नुकीली चीज से वार कर दिया। लहूलुहान हालत में नबीन को तुरंत पास के अस्पताल में ले जाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। इस घटना की जानकारी जब नबिन के दोस्तों को मिली तो उन्होंने तलाश करने के दौरान उसे पकड़ लिया। भाई के दोस्तों ने साबिन को एक पेड़ से बांध कर बुरी तरह से मारपीट की। जब तक बिस्वनाथ पुलिस साबिन को अस्पताल ले जाती, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लेपा नायक, भाया नायक, लाला नायक और महेश गोर को गिरफ्तार कर लिया।

घर में घुसने पर भीड़ ने पीटा
भीड़ द्वारा पिटाई बनाए जाने की दूसरी घटना जिला मुख्यालय, बोंगईगांव शहर से लगभग 18 किलोमीटर दूर देवगांव में हुई। पुलिस के मुताबिक गांव में आदतन नशेड़ी मजन ने शनिवार को कमलेश्वर नाथ के घर के अंदर घंटे तक हंगामा किया और वहीं सो गया। एक महिला ने उसे फर्श पर पड़ा पाया और पहचान न पाने पर उसे अंदर बंद कर दिया और स्थानीय लोगों को बुलाया. वे आए और उसकी पिटाई शुरू कर दी। मजन को नज़दीकी, बोइतमारी पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां पाया गया कि वह एक चोर नहीं था, बल्कि एक नशेड़ी था जिसने दरवाज़ा ढूंढा और नशे में सो गया।

इस साल में चौथी वारदात
गौरतलब है कि इस साल असम में भीड़ द्वारा हमला किए जाने की यह चौथी वारदात है। इससे पहले, कामरूप ग्रामीण में स्थानीय लोगों द्वारा एक सब्जी विक्रेता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी तरह असम के जोरहाट जिले में चाय बागान के श्रमिकों द्वारा एक महिला के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने के कारण हुई पिटाई में युवक की मौत हो गई थी। इसमें गिरफ्तारियां हुई थी।

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