चीन से आए एएसएफ से उत्तर पूर्वी राज्यों में अब तक 13 हजार सुअरों की मौत

( Assam News ) कोरोना ( Corona ) वायरस के बाद चीन से ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmaputra-River) के जरिए मृत सुअरों से आया अफ्रीकन स्वाइन फीवर (एएसएफ) असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में सुअरों पर कहर ढा रहा है। असम में अब एएसएफ से सूअरों के ( 13 thousand pigs died ) मरने की संख्या 13033 हो गई है। इस संक्रमण के फैलने से उत्तरी-पूर्वी राज्य सरकारों के हाथ पैर फूल गए हैं।

By: Yogendra Yogi

Published: 10 May 2020, 07:57 PM IST

गुवाहाटी(असम)राजीव कुमार: ( Assam News ) कोरोना ( Corona ) वायरस के बाद चीन से ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmaputra-River) के जरिए मृत सुअरों से आया अफ्रीकन स्वाइन फीवर (एएसएफ) असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में सुअरों पर कहर ढा रहा है। असम में अब एएसएफ से सूअरों के ( 13 thousand pigs died ) मरने की संख्या 13033 हो गई है। पहले असम का पशुपालन विभाग इस बीमारी से सूअरों के मरने की संख्या में गिरावट आने की बात कर रहा था। लेकिन अब उसने कहा कि इस संक्रमण से सूअरों के मरने की संख्या में तेजी आई है। इस संक्रमण के फैलने से उत्तरी-पूर्वी राज्य सरकारों के हाथ पैर फूल गए हैं। पहले ही कोरोना और लॉक डाउन के चलते राज्यों की हालत पस्त हो चली है। अब इस नई बीमारी ने हालत करेला और नीम चढ़ा जैसी कर दी है।

तीन नए जिले आए चपेट में
पहले असम के छह जिले ही इस बीमारी की चपेट में आए थे। लेकिन अब नए सिरे से माजुली, गोलाघाट और कामरुप मेट्रो जिले में भी इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं। यह बीमारी काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में न फैले इसके लिए खुद पशुपालन मंत्री अतुल बोरा ने वहां का दौरा कर अधिकारियों के साथ बैठक की। अधिकारियों को बीमारी के संक्रमण से बचाने के लिए एहतियाती उपाय करने का निर्देश दिए। गौरतलब है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में जंगली सूअर भी बड़ी तादाद में है। यदि संक्रमण यहां तक पहुंच गया तो सरकार के लिए संभालना भारी पड़ जाएगा।

सुरक्षा के लिए छह फीट का गड्ढा
इस बीच जंगली सूअरों बाहर से संक्रमित न हो जाए इसके लिए उद्यान के आगरातली रेंज के पास दो किमी तक छह फीट गड्ढा बनाया गया है। जंगली सूअर पास के गांवों में न जाए तथा घरेलू सूअर जंगल के सूअरों के पास न आए, इसलिए यह इंतजाम किया गया है। राज्य के पशुपालन मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि सूअरों का मरना काफी चिंता की बात है। इसके लिए राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल लगातार केंद्र से संपर्क साधे हुए हैं। केंद्र से कहा गया है कि वह हर प्रकार का सहयोग दे।

तीन टीमें जायजा ले रही है प्रभावित इलाकों में
इस बीच गुवाहाटी से डाक्टरों और अधिकारियों की तीन टीमें प्रभावित जिलों में गई है। ये टीमें स्थिति का मुआयना कर रही है। मंत्री ने बताया कि अधिक नमूने संग्रहित किए जा रहे हैं। इन नमूनों की जांच से ही पता चलेगा कि एएफएस से ही सूअर मर रहे हैं या कोई दूसरी बीमारी है। मंत्री ने लोगों से अपील की कि सूअर मरने पर उसे दस फीट का गड्ढा कर दफनाएं। मेघालय में सूअर मर रहे है। इनके 79 नमूने संग्रह कर जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं वल्र्ड आर्गेनााइजेशन फॉर एनिमल हेल्थ को भारत ने एएसएफ फैलने की बात से अब तक अवगत नहीं कराया है। असम के पशुपालन विभाग ने दो मई को इसके फैलने की बात कही थी।

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