असम के 6 डिटेंशन सेंटर्स में रह रहे 1381 लोग-केंद्र सरकार

Assam News: इन नजरबंद लोगों को लेकर कहा गया कि इन सभी के पास कोई भी प्रमाणित दस्तावेज़ नहीं पाए गए जिनसे इनकी नागरिकता साबित हो सके...

गुवाहाटी,सुवालाल जांगु: देशभर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए)और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर बवाल मचा है। इसी बीच देश में डिटेंशन सेंटर्स की उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच मंगवार को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार की ओर से गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि असम में कुल छह डिटेंशन सेंटर्स में 1381 लोग रह रहे हैं।


यह भी बताया गया कि असम सरकार ने कोई भी सेंटर नहीं बनाया है। इन नजरबंद लोगों को लेकर कहा गया कि इन सभी के पास कोई भी प्रमाणित दस्तावेज़ नहीं पाए गए जिनसे इनकी नागरिकता साबित हो सके। इन सेंटर्स को असम में होल्डिंग सेंटर कहा जाता हैं। सदन में चंदन सिंह और नमा नागेश्वर राव के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक एनआरसी को राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।


उल्लेखनीय है कि 31 अगस्त 2019 को असम में अंतिम एनआरसी सूची का प्रकाशन किया गया था। 3.29 करोड़ आवेदकों में से 19 लाख से अधिक लोगों के नाम बाहर रह गए थे। हालांकि असम सरकार ने स्वीकार किया कि एनआरसी सूची से बाहर रह गए लोगों में से कई लोग राज्य के वैध निवासी हैं। जिन लोगों के नाम इस सूची में शामिल नहीं है वे असम में विदेशी न्यायाधिकरण में चुनौती दे सकते हैं। असम सरकार द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार पिछले 3 सालों में विदेशी न्यायाधिकरण में कुल 12,113 मामले दर्ज़ हुए हैं। इनमें 2017 में 9,451, 2018 में 2051 और नवम्बर 2019 तक 599 मामले दर्ज़ हुए। विदेशी न्यायाधिकरण ने 1381 लोगों को विदेशी घोषित किया हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने इन्हें डिटेंशन सेंटर्स में भेज दिया।

Prateek Desk
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