बोड़ो समझौते के बाद क्षेत्र में हो सकता है नई पार्टी का गठन

Assam News: अब्सू के अध्यक्ष प्रमोद बोड़ो ने कहा कि बोड़ोलैंड टेरोटेरियल रीजन (बीटीआर) के होने वाले चुनाव को देखते हुए तामुलपुर के सम्मेलन में फैसला किया जाएगा...

गुवाहाटी,राजीव कुमार: तीसरे बोड़ो समझौते के साथ ही बोड़ो इलाके में एक नई पार्टी के गठन की सुगबुगाहट शुरु हो गई है। बोड़ो समझौता करने वाले बोड़ो छात्र संगठन अखिल बोड़ो छात्र संघ(अब्सू) और नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोड़ोलैंड(एनडीएफबी) के चारों गुट इस नई पार्टी के गठन में भूमिका अदा करेंगे। इसका फैसला 12 और 13 फरवरी को तामुलपुर में होने वाले अब्सू के सम्मेलन में होगा। अब्सू के अध्यक्ष प्रमोद बोड़ो ने कहा कि बोड़ोलैंड टेरोटेरियल रीजन(बीटीआर) के होने वाले चुनाव को देखते हुए तामुलपुर के सम्मेलन में फैसला किया जाएगा। बोड़ो ने कहा कि तामुलपुर सम्मेलन में अब्सू के आगे की रणनीति तय की जाएगी।


उन्होंने कहा कि बीटीआर के आर्थिक-सामाजिक क्षेत्र में परिवर्तन के लिए एक नए रोडमैप तैयार करने की जरुरत है। अब्सू इलाके के युवाओं के विकास और शिक्षा पर और अधिक कार्य करेगा।साथ ही हम चाहेंगे कि बीटीआर समझौता अच्छी तरह लागू हो। इसलिए तामुलपुर सम्मेलन सभी बोड़ो लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।


एनडीएफबी नेता धीरेन बोड़ो ने कहा कि फिलहाल सक्रिय राजनीति में आने की उनकी कोई इच्छा नहीं है। हमारा अभी ध्यान बीटीआर के समझौते को अच्छी तरह लागू करना है। इसके लिए हमें सशक्त सरकारी मशीनरी चाहिए। इसलिए हम आने वाले बीटीआर के चुनाव में किसी मुख्य पार्टी को समर्थन देने के बारे में सोच रहे हैं। कोई नई पार्टी बनाने के लिए अब बेहद कम समय बचा है। उन्होंने कहा कि बोड़ोलैंड के हितों के लिए एनडीएफबी के सभी गुटों को एकजुट होने की जरुरत है। अन्य एनडीएफबी गुट के नेता रंजन दैमारी ने कहा कि फिलहाल वे एनडीएफबी के सभी गुटों में एकीकरण का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि सक्रिय राजनीति के बारे में कोई फैसला अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है।

Prateek Desk
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