त्रिपुरा में ब्रू-शरणार्थी शिविरों में खाद्य आपूर्ति मे देरी से बिगड़े हालात, ब्रू संगठन ने दी प्रदर्शन की चेतावनी

त्रिपुरा में ब्रू-शरणार्थी शिविरों में खाद्य आपूर्ति मे देरी से बिगड़े हालात, ब्रू संगठन ने दी प्रदर्शन की चेतावनी

Prateek Saini | Publish: Apr, 24 2019 08:19:48 PM (IST) | Updated: Apr, 24 2019 08:19:49 PM (IST) Guwahati, Kamrup Metropolitan, Assam, India

एसडीएम ने दो दिन के अंदर राहत शिविरों में राशन सामग्री की आपूर्ति करने की बात कही...

(अगरतला,सुवालाल जांगू): उत्तरी-त्रिपुरा जिले के कंचनपुर और पानीसागर उपखंडों में स्थित 7 ब्रू-शरणार्थी शिविरों में पिछले 20 दिनों से राशन सामग्री की आपूर्ति नहीं होने से हालात बिगड़ रहे हैं। हालात इस कदर खराब है कि ब्रू-शरणार्थियों ने जल्द खाद्य आपूर्ति नहीं होने पर नजदीकी भारतीय खाद्य भंडार के गोदाम को लूटने की चेतनी तक दे डाली हैं।


मिज़ोरम ब्रू विस्थापित जन फॉरम (एमबीडीपीएफ़) ने शिविरों में राशन सामग्री की आपूर्ति में देरी होने पर गंभीर चिंता जताई हैं। संगठन की ओर से उत्तरी-त्रिपुरा जिले के डीएम सीके जमीयत को पत्र लिखकर राहत शिविरों में राशन सामग्री की आपूर्ति में देरी होने की शिकायत की गई हैं। संगठन ने जल्द कोई कदम नहीं उठाने पर प्रदर्शन करने के साथ ही शरणार्थी शिविरों के पास स्थित गोदाम को लूटने की चेतावनी तक दे डाली। संगठन ने मांग की है कि राहत शिविरों में पिछले 4 साल से कभी समय पर राहत सामग्री नहीं पहुंची हैं हर महीने में 15-20 दिनों के बाद ही शिविरों में राशन सामग्री आती हैं जिससे हालात बिगड़ जाते हैं। इसलिए शिविरों में राशन सामग्री की आपूर्ति प्रत्येक महीने की 1 से 5 तारीख के बीच की जाए।

 

क्या कहता है प्रशासन?

कंचनपुर के एसडीएम अभेदनन्दा बैद्य ने बताया कि राशन सामग्री की आपूर्ति को 30 सितम्बर तक ही बढ़ाया गया है जिसके फलस्वरूप सरकारी प्रक्रिया पूरी करने में समय लग रहा है यही कारण है कि शिविरों में राशन सामग्री अभी तक नहीं पहुंच पाई हैं। एसडीएम ने दो दिन के अंदर राहत शिविरों में राशन सामग्री की आपूर्ति करने की बात कही।


गौरतलब है कि त्रिपुरा में 7 राहत शिविरों में 37 हज़ार मिज़ोरम के ब्रू शरणार्थी रह रहे हैं। 1997 में मिज़ो और ब्रू के बीच जातीय हिंसा होने कि वजह से हजारों ब्रू समुदाय के लोगों ने मिज़ोरम के कोलासिब, ममित और लुंगलाई जिलों से भाग कर त्रिपुरा में शरण ली थी।

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