यह मित्र देश घूमने पर वसूलेगा भारतीयों से शुल्क!...विदेश मंत्री के साथ हुई वार्ता

वर्तमान में क्षेत्रीय पर्यटकों के अलावा अन्य देशों से आने वाले पर्यटकों को 250 डॉलर प्रति व्यक्ति देना पड़ता हैं...

(आइज़ोल,सुवालाल जांगु): भूटान अपनी नई पर्यटन नीति के प्रारूप में दक्षिण एशिया के तीन देशों भारत, मालद्वीप और बांग्लादेश से आने वाले क्षेत्रीय पर्यटकों से शुल्क लेने का प्रस्ताव रखा हैं। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भूटान के विदेशमंत्री तंडि दोर्जी ने इस पर्यटन नीति पर नई दिल्ली में बातचीत की। अगले महीने इस पर्यटन नीति के मसौदे को भूटान की केबिनेट में रखा जाएगा।

 

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भूटान की पर्यटन काउंसिल–टीसीबी के द्वारा तैयार की गई नई पर्यटन नीति के प्रारूप में पर्यटकों पर शुल्क लगाने की जरूरत बताई गई है। टीसीबी का कहना हैं कि भूटान में आने वाले क्षेत्रीय पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफ़ा हुआ हैं। अभी तक क्षेत्रीय पर्यटकों को भूटान आने के लिए न तो वीज़ा लेना पड़ता हैं और न ही शुल्क देना पड़ता हैं। लेकिन अब नई पर्यटन नीति के अनुसार भूटान सरकार पर्यटकों से सतत विकास शुल्क के साथ परमिट प्रक्रिया शुल्क लिया जाएगा। वर्तमान में क्षेत्रीय पर्यटकों के अलावा अन्य देशों से आने वाले पर्यटकों को भूटान में 250 डॉलर प्रति व्यक्ति देना पड़ता हैं।

 

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टीसीबी के महानिर्देशक दोर्जी ध्रधु ने बताया हमारी नीति – जिसको हाई वैल्यू, लो इंपेक्ट (जिसको हाई वैल्यू, लो वॉल्यूम भी कहते हैं) के अंतर्गत आने वाले पर्यटकों का मूल्यांकन किया जाता हैं। यह नीति पर्यटकों के भार को झलने की हमारी क्षमता को बताती हैं। पिछले एक दशक में भूटान आने वाले क्षेत्रीय पर्यटकों की संख्या में 10 गुना आश्चर्यजनक बढ़ोतरी हुई हैं जो मौजूदा पर्यटन नीति पर संकट की तरह हैं। इसके अलावा स्थानीय पर्यावरण संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं। 2017 में भारत, मलद्वीप और बांग्लादेश के पर्यटकों की संख्या 1,70,000 थी जो 2018 में 2, 02, 300 हो गई।

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Prateek Desk
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