मां की ममता ने आखिरकार कोरोना को परास्त कर दिया

(Assam News ) जाको राखे साइयां मार सके न कोय। यह कहावत असम के गोलाघाट की पुष्पा सैकिया ने चरितार्थ कर दिखाई है। पुष्पा सैकिया अपनी तेरह साल की कोरोना संक्रमित (Mother corona negative ) बेटी चंपा बोरा के साथ 11 दिन अस्पताल में ( Corona infected daughter ) एक ही कमरे में गुजारने के बाद भी संक्रमित नहीं हुई।

By: Yogendra Yogi

Published: 26 May 2020, 07:59 PM IST

गुवाहाटी(असम)राजीव कुमार: (Assam News ) जाको राखे साइयां मार सके न कोय। यह कहावत असम के गोलाघाट की पुष्पा सैकिया ने चरितार्थ कर दिखाई है। पुष्पा सैकिया अपनी तेरह साल की कोरोना संक्रमित (Mother corona negative )बेटी चंपा बोरा के साथ 11 दिन अस्पताल में ( Corona infected daughter ) एक ही कमरे में गुजारने के बाद भी संक्रमित नहीं हुई। पुष्पा की बेटी की हार्ट सर्जरी मुंबई में हुई थी। मुंबई से लौट कर आने के बाद चंपा कोरोना पॉजिटिव पाई गई। अब तेरह साल की किशोरी जिसकी हार्ट सर्जरी हुई हो उसकी देखभाल अस्पताल में कैसे हो, इसके लिए मां खुद उसके साथ एक कमरे में रहने को तैयार हुई।

स्वास्थ्य मंत्री ने की प्रशंसा

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डा.हिमंत विश्व शमाज़् ने इसकी प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारा काम मां ने आसान कर दिया। मालूम हो कि 11 मई को पुष्पा अपनी बेटी चंपा के साथ मुंबई से पांच दिन का बस से सफर कर गुवाहाटी पहुंची थी। इसके बाद अन्य के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने नमूने संग्रह कर इन्हें क्वारंटाइन कर दिया था। नमूने के नतीजे आए तो चंपा कोरोना पॉजिटिव पाई गई। तब से मां पुष्पा अपनी बेटी चंपा की देखभाल करने के लिए गुवाहाटी मेडिकल कालेज अस्पताल में थी। वह चंपा की देखभाल करती रही। इस बीच चंपा के कोरोना के दो टेस्ट कराए गए। दोनों टेस्ट में चंपा की रिपोर्ट निगेटिव आई। चंपा की मां पुष्पा के तीन टेस्ट कराए गए तो वह भी निगेटिव ही पाई गई। इसके चलते सोमवार की शाम को दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

मां ने बरते थे एहतियात

इस अवसर पर खुद स्वास्थ्य मंत्री डा.हिमंत विश्व शर्मा मौजूद थे। उन्होंने चंपा को आर्ट के लिए कापी और कलर समेत कुछ चीजें भेंट की। मंत्री ने चंपा के स्वस्थ होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उसकी मां की भावनाओं को सलाम। उन्होंने कहा कि मां और डाक्टरों की देखभाल से ही चंपा जल्द स्वस्थ हो गई। चंपा ने तोतली आवाज में कहा कि वह स्वास्थ्य विभाग को धन्यवाद देती है। वहीं चंपा की मां पुष्पा ने कहा कि वह जब भी चंपा को खाना या दवा खिलाती तो एहतियात बरतती। उसे टेढा होने का कहकर किनारे से खाना खिलाती। फिर हाथ वगैरह अच्छी तरह से धो डालती।

लॉक डाउन में मुंबई में फंस गए थे

मुंबई में हार्ट सर्जरी के बाद चंपा और उसकी मां वहां फंस गई थी क्योंकि लॉकडाउन शुरु हो गया था। वे असम भवन में थे। वहां का कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। वहां कैंसर का इलाज कराने गए लोग भी फंस गए थे। न्हें छह बसों में 11 मई को गुवाहाटी लाया गया। इसमें से सात लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे।

Corona virus
Show More
Yogendra Yogi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned