असम में बाढ़ से मचा हुआ है कोहराम, 113 मौतें

(Assam News ) देश में मानसूनी (Flood in Assam ) बारिश की वजह से कई राज्यों में लगातार बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इनमें बाढ़ से सबसे अधिक प्रभाव बिहार और असम पर (113 deaths in assam ) पड़ा हैं। इन दोनों ही राज्यों में लाखों लोग बाढ़ की गिरफ्त में हैं और कई जिले बाढ़ के (30 District of Assam affected by flood ) पानी में डूबे हुए हैं। असम की बात करें तो सूबे में भी बाढ़ से कोहराम मचा हुआ है।

By: Yogendra Yogi

Published: 21 Aug 2020, 05:23 PM IST

गुवाहाटी: (Assam News ) देश में मानसूनी (Flood in Assam ) बारिश की वजह से कई राज्यों में लगातार बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इनमें बाढ़ से सबसे अधिक प्रभाव बिहार और असम पर (113 deaths in assam ) पड़ा हैं। इन दोनों ही राज्यों में लाखों लोग बाढ़ की गिरफ्त में हैं और कई जिले बाढ़ के (30 District of Assam affected by flood ) पानी में डूबे हुए हैं। असम की बात करें तो सूबे में भी बाढ़ से कोहराम मचा हुआ है।

बचाव राहत कार्य जारी
एएसडीएमए, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सर्कल ऑफिस, सिविल डिफेंस, आईडब्ल्यूटी स्थानीय लोगों को बचाव कार्य में शामिल हैं। सहायता के लिए लगभग 384 नावें तैनात की गई हैं। राज्य पिछले कई हफ्तों से बाढ़ की स्थिति से जूझ रहा है।

16 जिलों में भारी तबाही
असम में बाढ़ की वजह से 30 जिलों में 56.9 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, राज्य में 16 जिलों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार को अपनी दैनिक बाढ़ रिपोर्ट में इस संबंध में जानकारी दी है।

50 लाख से अधिक प्रभावित
बाढ़ की वजह से असम के 30 जिलों में 56,91,694 व्यक्ति प्रभावित हुए हैं। साथ ही बताया कि बाढ़ के चलते 113 लोगों की मौत हो चुकी है। सूबे में बाढ़ पीडितों के लिए कुल 626 राहत शिविर बनाए गए हैं, जिसमें 1,56,874 पीडि़तों ने पनाह ले रखी हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल राज्य में 40 अलग अलग जगहों पर तैनात है।

काजीरंगा में हो चुकी है 116 वन्यजीवों की मौत
गौरतलब है कि बाढ़ से असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में 116 वन्यजीवों की मौत हो चुकी है। इनमें 11 एकसींग वाले गेंडे भी शामिल हैं। बाढ़ के कारण गेंडे पार्क के आस-पास के गावों में चले गए थे। वन विभाग और स्थानीय लोगों ने इन गेंडों की सुरक्षा की। वन विभाग ने बाढ़ बचाव अभियान के तहत कुल 143 वन्यजीवों को मौत के मुंह से बचाया है, जबकि पिछले वर्ष बाढ़ में फंसे 169 वन्यजीवों को बचाया था।

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