सीमा पार बेची जा रही थी हजारों गाय, BSF ने रोका, करोड़ों कमाने की फिराक में थे तस्कर

Meghalaya News: मेघालय का ईस्ट जैंतिया और वेस्ट जैंतिया जिला भारत से बांग्लादेश में गौ तस्करी (Cow Smuggling) के लिए ( Cow Smuggling In India) बहुत संवेदनशील माना (Bangladesh News) जाता है। बीएसएफ (BSF)...

(शिलांग,सुवालाल जांगु): गौ तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चला रही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) की टीम ने मेघालय में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बड़ी तादाद में गायों को बरामद किया है। पिछले 21 दिनों से यह अभियान जारी है। आंकड़ों की माने तो बीएसएफ़ मेघालय फ्रंटियर ट्रूप्स ने 18 दिनों में 1,348 देशी गायों को बरामद कर सीमापार जाने से रोका है। इनकी कीमत स्थानीय बाजार के अनुसार 2 करोड़ 20 लाख रुपए है।

 

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यूं होती है गायों की तस्करी...

मेघालय का ईस्ट जैंतिया और वेस्ट जैंतिया जिला भारत से बांग्लादेश में गौ तस्करी के लिए बहुत संवेदनशील माना जाता है। बीएसएफ़ तस्करी कर भेजे जाने वाली गायों को पकड़ कर सीमा के नजदीक के पुलिस स्टेशन को सुपुर्द कर देती है। पुलिस गायों को या तो किसी पशुधन सरंक्षण केंद्र को भेज देती हैं या नीलामी कर देती हैं। हालांकि मेघालय में एक भी पशुधन आश्रय केंद्र नहीं है। त्रिपुरा और असम में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास कुछ पशुधन आश्रय केंद्र हैं। मेघालय में सीमा पर तस्करों से पकड़ी गई गायों को पुलिस नीलम करती है जिन्हें तस्कर फिर से खरीद लेते है और सीमापार भेजने की कोशिश में जुट जाते हैं। इस प्रकार से भारत-बांग्लादेश सीमा पर गायों की तस्करी का चक्र चलता रहता है। 2019 में गौ तस्करी की घटनाएं 2018 के मुक़ाबले बढ़ी है।

 

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बीएसएफ के प्रयास से रुकती है तस्करी...

बीएसएफ ने बताया कि तस्कर असम से गायों को खरीद कर मेघालय से सीमापार कर बांग्लादेश भेजने का प्रयास करते हैं। असम-मेघालय हाइवे पर गायों को ट्रक पर लोड करने के लिए अस्थाई बसेरे बनाए जाते हैं। गायों को सीमा के पास घने जंगलों में रखा जाता है। मौका देख कर गायों को बिना तारबंदी की जगह से सीमापार भेजने की कोशिश करते हैं। बीएसएफ़ के रोके जाने के बावजूद तस्कर इस काम में जुटे रहते है। मेघालय सरकार राज्य के पशु व्यापारियों को आसानी से नो ऑबजेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) दे देती है। बीएसएफ़ सीमापार गायों को बेचने के लिए व्यापारियों से आवश्यक सरकारी प्रमाणपत्र की जांच पड़ताल करने के बाद ही व्यापारियों को गायों को सीमापार बिक्री की इजाज़त देती है। एनओसी प्राप्त होने पर बीएसएफ इन्हें रोक लेती है। इस तरह से बीएसएफ़ गायों के अवैध सीमापार व्यापार को नियंत्रित करती हैं।


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Prateek Desk
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