असम में तेल के कुए में आग जारी, विशेषज्ञों ने केंद्र को सौंपी रिपोर्ट

(Asssam News ) तिनसुकिया जिले में ऑयल इंडिया के तेल के कुए में लगी (Fire in Oil India's well ) आग जारी है। हालांकि आस-पास फैली आग पर काबू पाने के बाद आम लोगों के फिलहाल खतरा टल गया है। इस अग्निकांड की जांच के बाद सिंगापुर के तथा अन्य विशेषज्ञों ने (Sepcialist submit report to Centre) केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है।

By: Yogendra Yogi

Updated: 13 Jun 2020, 07:54 PM IST

गुवाहाटी(असम): (Asssam News ) तिनसुकिया जिले में ऑयल इंडिया के तेल के कुए में लगी (Fire in Oil India's well ) आग जारी है। हालांकि आस-पास फैली आग पर काबू पाने के बाद आम लोगों के फिलहाल खतरा टल गया है। इस अग्निकांड की जांच के बाद सिंगापुर के तथा अन्य विशेषज्ञों ने (Sepcialist submit report to Centre) केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है। यह रिपोर्ट केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को सौंपी गई है। उधर तेल कुए में आग को लेकर गुवाहाटी उच्च न्यायालय में दायर एक जनहित याचिका को न्यायालय ने खारिज कर दिया।

तेल कुए में आग की रिपोर्ट केंद्र को सौंपी
ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के बयान के मुताबिक मंत्रालय को सौंपी गई योजना सिंगापुर की एक कंपनी और ओएनजीसी एवं ओआईएल के विशेषज्ञों ने तैयार की है। इसमें आग के कारणों और उस पर काबू पाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सुझाव भी शामिल हैं। गौरतलब है कि ऑयल इंडिया के कुए में गैस रिसाव के कई दिनों बाद धमाके के साथ आग लग गई। आग आस-पास के इलाके में फैल गई। आग इतनी भीषण थी कि इसकी लपटें दो किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थी। हालांकि अभी भी कुए में आग धधक रही है। इस अग्निकांड में दो दमकलकर्मियों की मौत हो गई। इससे समीप स्थित राष्ट्रीय उद्यान डिबू्र सहोवा को नुकसान पहुंचा है। यह उद्यान दुर्घटनास्थल से महज एक किलोमीटर की दूरी पर है।

जनहित याचिका खारिज
उधर गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने इस मुद्दे को लेकर दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। यह जनहित याचिका सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ऑयल इंडिया लिमिटेड, एक निजी कंपनी, केंद्र और राज्य सरकार पर लापरवाही बरतने के आरोप को लेकर दायर की गई थी। याचिका में मुआवजा मांगने के साथ जांच का अनुरोध किया गया था। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश अजय लांबा और न्यायाधीश सौमित्र सैकिया की खंडपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।

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