Rohingya Refugees:अवैध रोहिंग्याओं के खिलाफ मोदी सरकार सख़्त, वापस म्यांमार भेजने का आदेश

Rohingya Refugees:अवैध रोहिंग्याओं के खिलाफ मोदी सरकार सख़्त, वापस म्यांमार भेजने का आदेश

Prateek Saini | Publish: Jun, 18 2019 10:06:03 PM (IST) Guwahati, Kamrup Metropolitan, Assam, India

Rohingya Refugees बड़ी संख्या में दक्षिण मिजोरम में घुस तो आए थे लेकिन वापस नहीं लौटे...

(आईजोल): केंद्र सरकार ( Modi government ) ने मिज़ोरम में रह रहे 220 म्यांमार के रोहिंग्या नागरिकों को तुरंत म्यांमार में वापिस भेजने को कहा हैं। राज्य के लोंगतलाई जिला के 4 गांवों में नवम्बर 2017 से 54 परिवारों के 220 रोहिंग्या शरणार्थी ( Rohingya refugees ) रह रहे हैं। 2017 में म्यांमार के अराकान (रखाइने) राज्य में म्यांमार सेना और अराकान आर्मी के बीच संघर्ष के चलते मिज़ोरम में घुस आये थे। मिज़ोरम में उनको मानवीय आधार पर शरण दी गयी थी। मिज़ोरम सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने राज्य सरकार को रोहिंग्या शरणार्थियों को जल्द से जल्द म्यांमार भेजने को कहा हैं।


राज्य विधानसभा में एक सवाल के जवाब में राज्य के गृह मंत्री ललचामलिआना ने सदन को बताया कि असम राइफल और जिला प्रशासन से शरणार्थी स्थिति रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राज्य सरकार ने इन शरणार्थियों की पहचान की जांच करने के आदेश दे दिया हैं।


प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट में इन 220 रोहिंग्या समुदाय के लोगों को राज्य में अवैध शरणार्थी बताया गया था। मंत्री ने सदन को बताया कि इस समय शरणार्थियों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही हैं और इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद इन शरणार्थियों को वापिस म्यांमार भेज दिया जाएगा। मिज़ोरम के गृह मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि नवम्बर 2017 में म्यांमार सेना और रखाइने राज्य में अराकान आर्मी के बीच संघर्ष Rohingya Crisis के चलते म्यांमार के पड़ौसी गांवों के 17,00 से अधिक शरणार्थी दक्षिण मिज़ोरम के लोंगतलाई जिला में घुस आये थे। मिज़ोरम में घुस आये इन शरणार्थियों में चिन ईसाई और रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल थे लेकिन कुछ समय बाद म्यांमार के चिन ईसाई समुदाय के लोग वापिस अपने देश को लौट गये थे लेकिन उनमें से रोहिंग्या लोग नहीं लौटे थे।

 

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