विदेश ले गए चमगादड़ों के नमूने, केंद्र अब करा रहा है जांच

( Nagaland News ) एक विदेशी जांच दल नागालैंड से चमगादड़ों के रक्त ( bats blood sample taken abroad ) नूमने ले गया और किसी सरकारी एजेंसी ( Government sleeping ) को पता तक नहीं चला। इसका खुलासा तब हुआ चमगादड़ों से विभिन्न तरह के वायरसों से संक्रमण की संभावना पर एक विदेशी जर्नल में रिपोर्ट प्रकाशित हुई। इसके बाद इस विदेशी दल के बारे में जांच की जा रही है।

कोहिमा(सुवालाल जांगु): ( Nagaland News ) एक विदेशी जांच दल नागालैंड से चमगादड़ों के रक्त ( bats blood sample taken abroad ) नूमने ले गया और किसी सरकारी एजेंसी ( Government sleeping ) को पता तक नहीं चला। इसका खुलासा तब हुआ चमगादड़ों से विभिन्न तरह के वायरसों से संक्रमण की संभावना पर एक विदेशी जर्नल में रिपोर्ट प्रकाशित हुई। इसके बाद इस विदेशी दल के बारे में जांच की जा रही है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) का एक दल इस बात की जांच कर रहा है कि कैसे केंद्र सरकार की स्वीकृति के बगैर एक विदेश जांच दल ने नागालैंड में चमगादड़ पर शोध किया।

नागालैंड को है केंद्र की रिपोर्ट का इंतजार
नागालैंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कीकोन ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन इंडियन मेडिकल रिसर्च काउंसिल (आईएमसीआर) की 5-सदस्यों की एक जांच-समिति राज्य में जनवरी के तीसरे सप्ताह में आयी थी। इस जांच समिति ने राज्य में चमगादड़ों और चमगड़ाद्पालकों और शिकारियों पर बिना सरकार की अनुमति के एक अंतराष्ट्रीय शोध-टीम के अध्ययन के मामले की जांच कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी हैं। डॉ. कीकोन ने बताया की राज्य सरकार इस जांच-समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं।

विदेशी जर्नल में रिपोर्ट हुई प्रकाशित
इस अनुसंधान टीम की रिपोर्ट अक्टूबर 2019 के पीएलओएस के नेगलेकटेड ट्रोपिकल डिजिजेज जर्नल में "पूर्वोत्तर भारत में चमगादड़ों और मानव में फाइलोवाइरस, प्रतिक्रिया एंटीबोडीज का जूनोटिक फैलाव" के शीर्षक से प्रकाशित हुयी थी। यह पीएलओएस जर्नल बिल और मेलिंडा गेट्स फ़ाउंडेशन के द्वारा स्थापित किया गया हैं। इस अनुसंधान कार्यक्रम को अमेरिका के रक्षा विभाग के अधीन रक्षा आशंका पराभव एजन्सि, डीटीआरए ने वित्त पौषित किया था। इस शोध-अध्ययन ने नागालैंड में चमगादड़ों में फाइलोवाइरस की मौजूदगी होने की पुष्टि की थी और साथ में चमगादड़ों से इस वाइरस समूह का चमगादड़ों के शिकारियों या पालको में प्रवेश होने की पुष्टि की थी। चमगादड़ों से भी कोरोनावाइरस का फैलाव हो सकता हैं क्योंकि कोरोनावाइरस भी फाइलोवाइरस समूह का ही एक वाइरस हैं।

12 सदस्यीय दल आया था
केंद्र सरकार ने यह जानने के लिए जांच करायी हैं कि कैसे विदेशी शोधार्थियों को बिना सरकार की अनुमति के नागालैंड में चमगादड़ों और चमगादड़-शिकारियों के सैंपल लेने दिया गया। 12 सदस्यों की एक शोध-टीम ने नागालैंड के किफिरे जिला के मिमी गांव में चमगादड़ों और चमगादड़-मानव शिकारियों के 85 सैंपल प्राप्त किए थे। मंत्री ने बताया की कोरोनावाइरस के वैश्विक संक्रामण को मदï्देनजर राज्य ने म्यांमार के साथ सीमा-व्यापार केन्द्र को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया और अंतराष्ट्रीय सीमा पर लोगों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही हैं। डॉ. कीकोन के अनुसार राज्य में अब तक 38 लोगों को कोरोना वाइरस जांच के लिए निगरानी में रखा गया हैं।

सरकार दे रही है मामले पर ध्यान
नागालैंड के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अभी राज्य सरकार का पूरा ध्यान कोरोनावाइरस पर हैं जैसे ही इस बीमारी का खतरा समाप्त होता हैं सरकार इस मामले की जांच पर ध्यान देगी। 2017 में भारत, चीन, सिंगापुर और अमेरिका के 12 अनुसंधानकर्ताओं ने नागालैंड में चमगादड़ों और चमगादड़पालको पर "पूर्वोत्तर भरते में चमगादड़ों और मानव में फाइलोवाइरस प्रतिक्रिया एंटीबोडीज का जूनोटिक फैलाव" को लेकर एक अनुसंधान किया था। इस अध्ययन टीम में कुल 12 अनुसंधानकर्ता शामिल थे जिनमें भारत से टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामैंटल रिसर्च, टीआईएफ़आर और नेशनल सेंटर फॉर बायोलोजिकल साइनसेज, एनसीबीएस, चीन से वुहन इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलोजी, अमेरिका से यूनिफ़ोर्मेड सर्विसेस यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइनसेज और सिंगापुर से ड्यूक-नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर शामिल है।

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