इलेक्शन 2019 स्पेशल...गुवाहाटी संसदीय सीट पर कांग्रेस व भाजपा की महिला उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला

इलेक्शन 2019 स्पेशल...गुवाहाटी संसदीय सीट पर कांग्रेस व भाजपा की महिला उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला

Prateek Saini | Publish: Apr, 22 2019 06:00:17 PM (IST) | Updated: Apr, 22 2019 06:00:18 PM (IST) Guwahati, Kamrup Metropolitan, Assam, India

भाजपा ने गुवाहाटी संसदीय सीट की निवर्तमान सांसद विजया चक्रवर्ती को टिकट न देकर क्वीन ओझा को टिकट दिया है...

(गुवाहाटी,राजीव कुमार): असम की प्रतिष्ठित गुवाहाटी संसदीय सीट पर मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है। दोनों ने महिला उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। भाजपा ने गुवाहाटी की पूर्व मेयर क्वीन ओझा को टिकट दिया है तो कांग्रेस ने असमिया फिल्म अभिनेत्री बबिता शर्मा को मैदान में उतारा है। इस सीट पर तीसरे चरण में 23 अप्रैल को चुनाव होगा।

 

यह है गुवाहाटी सीट का चुनावी इतिहास

भाजपा ने गुवाहाटी संसदीय सीट की निवर्तमान सांसद विजया चक्रवर्ती को टिकट न देकर क्वीन ओझा को टिकट दिया है। श्रीमती चक्रवर्ती भाजपा की टिकट पर 1999, 2009 और 2014 में चुनाव भारी मतों से जीती थी। भाजपा ने 2004 में श्रीमती चक्रवर्ती को टिकट न देकर संगीतकार डा.भूपेन हजारिका को टिकट दिया था। डा.हजारिका कांग्रेस के किरीप चालिहा के हाथों हार गए थे। 1951 में कांग्रेस के रोहिणी कुमार चौधरी, 1956 में कांग्रेस के देवेंद्र नाथ शर्मा, 1957 और 1962 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के हेम बरुवा, 1967 में माकपा के धीरेश्वर कलिता, 1971 में कांग्रेस से दिनेश गोस्वामी, 1977 में भारतीय लोक दल की उम्मीदवार रेणुका देवी बरकटकी, 1985 में निर्दलीय दिनेश गोस्वामी, 1991 में किरीप चालिहा, 1996 में अगप के प्रवीण चंद्र शर्मा और 1998 में कांग्रेस के भुवनेश्वर कलिता विजयी हुए थे।


गुवाहाटी संसदीय सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 21,78,617 है। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 11,00,746 और महिला मतदाताओं की संख्या 10,77,793 है। इस संसदीय सीट के तहत दस विधानसभा सीटें आती है।इनमें दूधनै, बोको, छयगांव, पलाशबाड़ी, हाजो, जालुकबाड़ी, दिसपुर, गुवाहाटी पश्चिम, गुवाहाटी पूर्व और बरखेत्री शामिल है। दस विधानसभा सीटों में सात भाजपा ,दो कांग्रेस और एक अगप के पास है। भाजपा के पास रहनेवाली सीटों में दूधनै, पलाशबाड़ी, हाजो, जालुकबाड़ी, दिसपुर, गुवाहाटी पूर्व और बरखेत्री शामिल है। वहीं कांग्रेस के पास बोको और छयगांव है। भाजपा की सहयोगी अगप के पास गुवाहाटी पश्चिम सीट है। इस तरह देखें तो भाजपा के उम्मीदवार का पलड़ा भारी है। पर 2004 के चुनाव को देखें तो कुछ भी हो सकता है। भाजपा ने मशहूर संगीतकार डा. भूपेन हजारिका को उतारा फिर भी हार का सामना करना पड़ा। पर 2014 के चुनाव में भाजपा की विजया चक्रवर्ती को 7,64,985 मत मिले थे। वहीं कांग्रेस के मानस बोरा को 4,49,201 वोट प्राप्त हुए थे। उस चुनाव में एआईयूडीएफ के उम्मीदवार के तौर पर गोपीनाथ दास मैदान में थे। उन्हें 1,37,254 मत मिले।अगप के बीरेन प्रसाद वैश्य को 86,546 वोटों से संतोष करना पड़ा। इस बार एआईयूडीएफ और अगप ने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। अगप का तो भाजपा के साथ गठबंधन है।

 

इन 17 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर

गुवाहाटी संसदीय सीट पर कुल 17 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें भाजपा की क्वीन ओझा, कांग्रेस की बबीता शर्मा के अलावा पूर्वांचल जनता पार्टी सेकुलर की मामोनि शर्मा, तृणमूल कांग्रेस के मनोज शर्मा, भारतीय गण परिषद के डा.अभीजित चक्रवर्ती, स्वर्ण भारत पार्टी के पंकज दास, हिंदुस्तान निर्माण दल के राजीव काकोती, वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के पार्थ प्रतीम बरुवा, समजावादी पार्टी के रातुल कुमार चौधरी, निर्दलीय सादेक अली, शंख सिन्हा, उत्पल बुढ़ागोहाईँ, आलीमुद्दीन अहमद, रुबी नेउग, जूनमोणि देवी खाउंड, उपमन्यु हजारिका और डा. फारुक अहमद बरभुइयां शामिल हैं।

 

क्या कहते है सियासी समीकरण

एआईयूडीएफ का उम्मीदवार न रहने से कांग्रेस को कुछ फायदा होगा। मुस्लिम वोट कांग्रेस की झोली में जा सकते हैं। वहीं नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर भाजपा की स्थिति के चलते काफी वोट कांग्रेस के खाते में जा सकते हैं। इसलिए भाजपा और कांग्रेस में इस बार कांटे की टक्कर होगी। वर्ष 2004 के नतीजों की तरह कुछ भी उलटफेर हो सकता है। भाजपा उम्मीदवार की जीत हुई भी तो विजया चक्रवर्ती की 2014 की जीत की तुलना में कम अंतरों से जीत होगी।

 

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned