आपसी गुटबंदी से तीसरे बोडो समझौते में उभरे विरोध के स्वर

( Assam News ) तीसरे बोड़ो समझौते को ( Protest of 3rd Bodo Agreement ) हुए एक महीना भी नहीं बीता है और विरोध के स्वर मुखर हो गए हैं। विरोध करनेवाले और कोई नहीं खुद बोड़ो टेरोटेरियल कौसिल (बीटीसी) के प्रमुख तथा बोड़ो पीपुल्स फ्रंट(बीपीएफ) के प्रमुख हग्रामा महिलारी हैं।उन्होंने भी समझौते पर हस्ताक्षर किया है।

गुवाहाटी(राजीव कुमार): ( Assam News ) तीसरे बोड़ो समझौते को ( Protest of 3rd Bodo Agreement ) हुए एक महीना भी नहीं बीता है और विरोध के स्वर मुखर हो गए हैं। विरोध करनेवाले और कोई नहीं खुद बोड़ो टेरोटेरियल कौसिल (बीटीसी) के प्रमुख तथा बोड़ो पीपुल्स फ्रंट(बीपीएफ) के प्रमुख हग्रामा महिलारी हैं।उन्होंने भी समझौते पर हस्ताक्षर किया है। साथ ही 7 फरवरी को इस समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने के लिए कोकराझाड़ में आयोजित धन्यवाद रैली मे भी हग्रामा ने प्रधानमंत्री के लिए कसीदे पढ़े थे। लेकिन जैसे ही अखिल बोड़ो छात्र संघ(अब्सू) के निवर्तमान अध्यक्ष प्रमोद बोड़ो ने अब्सू छोड़कर समझौते के बाद राजनीति में कदम बढ़ाने का एलान किया तो हग्रामा प्रमोद बोड़ो और समझौते के खिलाफ बोलने लगे। अब हग्रामा ने कहा कि वे समझौते को नहीं मानते। साथ ही कहा कि यह बोड़ो समझौता कोई परिवर्तन नहीं लाएगा।

हग्रामा ने बीटीआर समझौते को मानने से किया इंकार
उन्होंने कहा कि वे नए बोड़ो टेरोटेरियल रीजन(बीटीआर)के नाम का उच्चारण तक नहीं करेंगे। अप्रेल के पहले होनेवाले बीटीसी के चुनाव के पहले हग्रामा की यह घोषणा काफी महत्वपूर्ण है। चुनाव को लेकर पार्टी के चल रहे जनअभियान में हग्रामा ने समझौता न मानने की बात कही है। हग्रामा ने कहा कि समझौते से जो बीटीआर होगा उसमें बीटीसी से कम इलाके होंगे। यह बोड़ो जाति के लिए सबसे खराब इतिहास होगा। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि बीटीआर समझौते के कोई उपयुक्त कागजात तक नहीं है। इसलिए हम बीटीआर समझौते को नहीं मानते।

प्रमोद बोडो के खिलाफ खोला मोर्चा
बीटीआर समझौते से बोड़ो संप्रदाय का कोई बदलाव नहीं होगा। सिर्फ यह उग्रवादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोड़ोलैंड (एनडीएफबी) के चार गुटों को मुख्यधारा में लाने में सफल हुआ है। हग्रामा ने कहा कि एनडीएफबी के चारों गुटों में से एक भी बीपीएफ के साथ नहीं है। हग्रामा ने चार गुटों से अपील की कि वे बीपीएफ में शामिल हो जाएं। लेकिन प्रमोद बोड़ो के खिलाफ उन्होंने पूरा मोर्चा खोल दिया है। जहां हग्रामा कह रहे हैं कि वे पहले की तरह भाजपा के साथ गठबंधन में रहेंगे वहीं प्रदेश भाजपाध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने कहा कि बीपीएफ के साथ बीटीसी में सरकार नहीं बना पाने से वहां गठित होनेवाली नई पार्टी के साथ सरकार बनाएंगे। यदि बीपीएफ बीटीसी की सत्ता में नहीं आया तो वहां फिर एक नए उग्रवादी संगठन का जन्म होना तय है।

pm modi news
Show More
Yogendra Yogi Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned