असम: NRC में फिर हुई गफ़लत, 1952 से रह रही महिला को भेजा डिटेंशन सेंटर

असम: NRC में फिर हुई गफ़लत, 1952 से रह रही महिला को भेजा डिटेंशन सेंटर

Prateek Saini | Updated: 13 Jun 2019, 08:59:51 PM (IST) Guwahati, Kamrup Metropolitan, Assam, India

आपको बता दें कि अंतिम एनआरसी सूची को जुलाई के अंत में प्रकाशित किया जायेगा...

गुवाहाटी: असम NRC में खामियों को लेकर आए दिन नए—नए मामले सामने आते रहते हैं। हाल ही में सेना के रिटायर्ड अधिकारी सनाउल्ला खान को भी इसकी सजा भुगतनी पड़ी थी, लेकिन अब एक ओर ऐसा ही एक और मामला सामने आया है, जिसके तहत 1952 से यहां रहने का दावा करने वाली महिला को डिटेंशन कैप मे भेज दिया गया। यह महिला तीन बार दी गई मोहलत में अपनी नागरिकता सिद्ध नहीं कर पाई थी।


ये है मामला

असम के गोलाघाट कस्बे में रहने वाली डॉली रॉय नाम की यह महिला जोरहाट विदेशी प्राधिकरण के समक्ष अपने खराब स्वास्थ्य कारणों के चलते तीन बार हाजिर होने में असफल रही थी। रॉय का दावा है किया कि उसने पुलिस के पास चिकित्सा प्रमाणपत्र जमा कराए हैं। इसके बावजूद उसकी बात नहीं सुनी गई। महिला का कहना है कि उसके पास जो दस्तावेज हैं उनसे साबित होता है कि वह 1952 से ही यहां रह रही है। उसने यह भी दावा किया है कि उसके माता पिता का नाम मतदाता सूची में है। यहां तक कि उसके भाई बहनों के नाम पिछले साल प्रकाशित एनआरसी सूची में शामिल हैं। असम NRC की कट ऑफ डेट 24 मार्च, 1971 है। असम में NRC लाने का उद्देश्य वास्तविक नागरिकों को ‘अवैध’ प्रवासियों से अलग करना है। आपको बता दें कि अंतिम एनआरसी सूची को जुलाई के अंत में प्रकाशित किया जायेगा।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned