रेलवे में लगवाई नौकरी,तीन माह जॉब करने के बाद,सामने आई यह बड़ी सच्चाई

रेलवे में लगवाई नौकरी,तीन माह जॉब करने के बाद,सामने आई यह बड़ी सच्चाई

By: monu sahu

Updated: 17 Apr 2019, 11:37 AM IST

ग्वालियर। रेलवे में टिकट कलेक्टर की नौकरी दिलाने का वादा कर ठगों की गैंग ने 11 बेरोजगार युवकों से 66 लाख रुपए ठग लिए। युवकों को विश्वास में लेने के लिए गैंग ने बकायदा ज्वॉइनिंग लेटर दिया, फिर दूसरे शहर ले जाकर मेडिकल कराया। इसके बाद ट्रेनिंग भी कराई। हद तो तब हो गई जब 3 महीने की नौकरी कराने के बाद उन्हें वेतन दिया,लेकिन शक तब हुआ जब गैंग ने उनसे किसी अधिकारी से बात न करने की बात कही।

 

युवकों ने रेलवे के ऑफिस जाकर पता किया तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तब ठगी के शिकार युवक क्राइम ब्रांच थाने पहुंचे और एफआइआर कराई। पुलिस के मुताबिक सबलगढ़ मुरैना निवासी शिवकुमार शर्मा के साथ ठगी हुई है। शिवकुमार गेंडेवाली सडक़ पर रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसकी मुलाकत वर्ष 2017 में करौली निवासी रूप सिंह मीणा से हुई। जो कोचिंग चलाता था। उसने कहा कि रेलवे में उसकी अच्छी पहचान है।

 

उसकी और उसके साथियों की रेलवे में टिकट कलेक्टर की नौकरी लगवा देगा। इसके एवज में 6 लाख रुपए प्रत्येक लडक़े को देना होंगे। शिवकुमार ने साथ रहने वाले 4 अन्य लडक़ों को भी बताया। वह भी पैसे देने के लिए तैयार हो गए। सब कुछ तय होने के बाद रूपसिंह ने विश्वास जताने के लिए उन सभी को परीक्षा दिलवाई। इसके बाद मेडिकल कराने गोरखपुर ले गया। वहां मेडिकल में पास होने की बात कहकर 10 लाख रुपए ले लिए। इसके बाद पश्चिम बंगाल ले जाकर ज्वॉइनिंग लेटर थमाकर 10 लाख रुपए और ले लिए। इसके बाद खडगपुर ले जाकर सभी को ट्रेनिंग दिलवाई।

 

फर्जी वाड़ा यहां भी खत्म नहंी हुआ। सभी लडक़ों को 3 महीने नौकरी कराकर 7300 रुपए प्रत्येक महीना वेतन दिया। जब शिवकुमार को शक हुआ तो कलकत्ता के रेलवे ऑफिस जाकर ज्वॉइनिंग लेटर दिखाया तब पता चला कि वह फर्जी है। इसके बाद ठगों से पैसे मांगे तो वह टालते रहे। परेशान होकर ग्वालियर क्राइम ब्रांच थाने में विनोद, रूपसिंह, प्रीतम, शिवानी, लोकेश, जलसागर, शहजाद, इमरान खान, सलीम और सतीश पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया।

 

बोला था, रिश्तेदारों की भी लगवा देंगे नौकरी
ठगों ने उन लडक़ों से कहा कि अगर उनके कोई रिश्तेदार हैं तो उन्हें भी नौकरी पर लगवा देगा। इस तरह लडक़े अपने 6 और रिश्तेदारों को और ले आए। उन्होंने भी 6 लाख रुपए प्रति के हिसाब से 36 लाख रुपए उन्हें दिए थे। इस प्रकार कुल 11 लडक़ों से ठगी हुई।


सरगना बनाता है पूरा प्लान
इस गैंग का सरगना विनोद यादव है। वहीं पूरी प्लॉनिंग करता है। मेडिकल, ट्रेनिंग और नौकरी करवाने के सभी ठिकाने इन लोगों ने तय कर रखे हैं। पूरी प्लानिंग इस तरह बनाते हैं कोई इन पर शक नहीं करता। बताया जाता है इस तरह यह गैंग कई और लोगों को भी ठग चुकी है।


कई राज्यों में नेटवर्क
इस गैंग का कई राज्यो में नेटवर्क है। पश्चिम बंगाल में ज्वॉइनिग लेटर देते समय रूप सिंह ने गैंग के विनोद यादव से मुलाकात कराई। इसके बाद गोरखपुर में जब ट्रेनिंग हुई तब सतीश यादव वहां मिला। धीरे-धीरे करके गैंग के सभी सदस्य मिलते गए।

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