Smart CIty Gwalior: स्वर्ण रेखा पर फिर से 120 करोड़ खर्च करने की तैयारी,  स्मार्ट सिटी के तहत नए सिरे से प्लानिंग

Smart CIty Gwalior: स्वर्ण रेखा पर फिर से 120 करोड़ खर्च करने की तैयारी,  स्मार्ट सिटी के तहत नए सिरे से प्लानिंग

Gaurav Sen | Updated: 12 Aug 2019, 11:45:46 AM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

सौंदर्यीकरण के लिए पहले 100 करोड़ खर्च, न साफ पानी बहा, न नाव चली,

ग्वालियर. स्वर्ण रेखा में साफ पानी बहाने और नाव चलाने के नाम पर 100 करोड़ से अधिक रुपए खर्च कर दिए गए, लेकिन न तो इसमें साफ पानी बहा, न नाव चली। बोट क्लब में नाव पड़े-पड़े खराब हो गईं। अब स्मार्ट सिटी के अफसरों द्वारा इसके सौंदर्यीकरण की बात कही जा रही है, जिस पर 120 करोड़ खर्च होंगे। अधिकारी इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं।

अनदेखी के चलते नाले में तब्दील हो गई स्वर्ण रेखा को साफ नदी में बदलने की घोषणा कई बार हुई और इस पर खर्च भी खूब किया गया। जल संसाधन विभाग द्वारा करोड़ों खर्च कर इसे पक्का कर दिया गया, इसके बावजूद इसमें नाले के पानी को बहने से नहीं रोक पाए। जगह-जगह सीवर का पानी इसमें आ रहा था, जिसके कारण इसमें साफ पानी बहा ही नहीं। वहीं जल संसाधन विभाग ने 2010-11 में बोट क्लब की स्थापना की और कहा कि यहां साफ पानी में बोट चलेगी। इसके लिए नगर निगम ने 10 लाख रुपए की बोट भी खरीदीं, शुरू में कुछ दिन बोटिंग हुई, उसके बाद बोट पड़ी-पड़ी खराब हो गईं। अब स्मार्ट सिटी द्वारा स्वर्ण रेखा के सौंदर्यीकरण के लिए प्लानिंग की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार नदी के बांधों को संवारा जाएगा और इसके दोनों ओर सडक़ बनाई जाएगी, जिससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी।

40 करोड़ से बढ़ा बजट
स्मार्ट सिटी के तहत पहले स्वर्ण रेखा के सौंदर्यीकरण के लिए 40 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 120 करोड़ करने की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार प्रोजेक्ट बड़ा है, इसलिए बजट बढ़ गया है। हालांकि अभी इसे स्वीकृति नहीं मिली है।

यह दिखाए थे सपने

  • स्वर्ण रेखा नदी में हनुमान बांध से शर्मा फार्म हाउस तक 13 किमी के क्षेत्र में साफ पानी बहाने और नाव चलाने के सपने दिखाए गए थे। कुछ दिन नाव चली भी, लेकिन इसमें साफ पानी नहीं बह सका।
  • रानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा स्थल के नजदीक पुल से रानीपुरा तक नदी किनारे सडक़ बनाने की योजना थी, जो कभी पूरी नहीं हो सकी।
  • नाले को पक्का करने से क्षेत्र में वाटर रिचार्जिंग की समस्या है। लोगों के अनुसार कच्चा रहने से रिचार्जिंग होती रहती थी।

पहले यह किए गए थे काम
स्वर्ण रेखा पर खर्च किए गए करोड़ों रुपए में जो काम कराए गए, उनमें हनुमान बांध से लेकर लक्ष्मीबाई समाधि स्थल तक सीसी लाइनिंग का कार्य किया गया। सीवर लाइन डाली गई, मेन ***** में जालियां लगाई गईं। फूलबाग चौपाटी के पास पानी को रोकने के लिए रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के पास गेट लगाए गए, यह गेट अब खराब हो चुके हैं।

फिर साफ पानी बहाने का दावा

स्मार्ट सिटी द्वारा 120 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है, उसमें भी साफ पानी बहाने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा स्वर्ण रेखा पर जो 5 ब्रिज पड़ते हैं, उन्हें भी संवारा जाएगा, इन पर लाइटिंग की जाएगी और फूलबाग बारादरी पर बोट क्लब को फिर चालू किया जाएगा।

डीपीआर बना रहे हैं
&स्वर्ण रेखा पर हमने पहले कोई खर्च नहीं किया है। हमारा प्रोजेक्ट करीब 120 करोड़ का है, फिलहाल डीपीआर बनाने का काम किया जा रहा है। हमारी प्राथमिकता नदी में साफ पानी लाने की है। इसके बाद ही आगे के काम किए जाएंगे।
महीप तेजस्वी, सीईओ स्मार्ट सिटी

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned