script15 thousand destitute out of 1.87 cows, most of them disease | 1.87 गायों में से 15 हजार बेसहारा, इन्हीं में सबसे ज्यादा बीमारी, आइसोलेशन सेंटर फुल | Patrika News

1.87 गायों में से 15 हजार बेसहारा, इन्हीं में सबसे ज्यादा बीमारी, आइसोलेशन सेंटर फुल

locationग्वालियरPublished: Oct 09, 2022 01:13:09 am

Submitted by:

Dharmendra Trivedi

-शनिवार को रात तक गोला का मंदिर गोशाला पहुंचाई 20 गायें
-अगले दो दिन में शुरू होंगे दो नए आइसोलेशन सेंटर

1.87 गायों में से 15 हजार बेसहारा, इन्हीं में सबसे ज्यादा बीमारी, आइसोलेशन सेंटर फुल
1.87 गायों में से 15 हजार बेसहारा, इन्हीं में सबसे ज्यादा बीमारी, आइसोलेशन सेंटर फुल
ग्वालियर। जिले की 1 लाख 87 हजार से अधिक गायों में तेजी से फैल रहे लंपी वायरस के संक्रमण ने अब भयावह रूप लेना शुरू कर दिया है। इनमें से 15 हजार बेसहारा गायों की जान पर ज्यादा खतरा है। बरेठा में 70 और बंधौली आइसोलेशन सेंटर में 115 संक्रमित गायें पहुंच गई हैं। आइसोलेशन सेंटर लगभग फुल हो चुके हैं और संख्या ज्यादा होने से सही इलाज नहीं मिल रहा। इससे गायों की हालत खराब हो रही है। गोसेवकों के अनुसार शहर में अभी तक करीब 200 गायों की मौत हो चुकी है और हर दिन 10 से 15 गायों की मौत हो रही है। शनिवार को विनयनगर, हुरावली, बंधौली, गोला का मंदिर और डीडी नगर क्षेत्र में गायों की मौत हुई है, ग्रामीण क्षेत्र में मरने वाली गायों की संख्या भी बढ़ रही है। यह सब होने के बाद भी विभाग गायों की मौत की संख्या को लेकर सही जानकारी नहीं दे रहा है। पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार अभी तक सिर्फ 512 गायों में संक्रमण के लक्षण मिलने की जानकारी सामने आई है, जबकि सडक़ों पर घूमने वाली गायों में गांठें साफ दिख रही हैं। गायों की देखभाल और इलाज में लापरवाही होने के कारण गोसेवकों ने दो दिन में व्यवस्थाएं न सुधरने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने गायों को रखने के लिए दो नए आइसोलेशन सेंटर खोलने की कहा है। इसमें से एक सेंटर लदवाया गांव में शुरू होगा।
16 से पहले व्यवस्था ठीक करने की चुनौती
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को हुई बैठक में कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 16 अक्टूबर से पहले गायों की व्यवस्था ठीक हो जानी चाहिए। अब अधिकारी किसी भी तरह से देश के ग्रहमंत्री के आने से पहले जल्दबाजी में इंतजाम करने में लगे हैं।
संतों ने 22 सितंबर को ही चेता दिया था
लंपी वायरस के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रख कृष्णायन गोशाला के संत ऋषभदेवानंद ने ग्वालियर में भी सावधानियां बढ़ाने के लिए चेताया था। उन्होंने 22 सितंबर को पत्र लिखकर संक्रमण पर नियंत्रण और लंपी से ग्रसित गायों के शरीर को सुरक्षित निस्तारण करने के लिए सुझााव भी दिया था। ग्राम पंचायत स्तर पर गायों का इंतजाम करने का भी सुझाव देते हुए लिखा था कि गांवों की सीमा में घूमने वाली गायों की व्यवस्था के लिए संबंधित पंचायत सरपंच, सचिव को जिम्मेदारी दी जाए। इसके बावजूद प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया अब गायों में संक्रमण की रफ्तार बढऩे लगी तो भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गायों की संख्या
-गौवंश की संख्या 1 लाख 87 हजार 944 है, विभाग के अनुसार सिर्फ 15 हजार गायें सडक़ों पर हैं। बाकी की जंगल में या गांवों में हैं। लंपी के लक्षण वाली गयों की संख्या 10 से 15 प्रतिशत तक पहुंच गई हैं। जबकि विभाग के पास 512 गायों की सूचना है।
इतने हैं अन्य पशु
-भैस वंश की संख्या 2 लाख 26 हजार 89 है। ये सभी पशु पालक किसानों के घरों में हैं।
-भेड़ों की संख्या 25 हजार 211 है। ये सभी पालतू हैं।
-बकरियों की संख्या 1 लाख 90 हजार से अधिक है। ये सभी पालतू हैं।
वर्सन
-लंपी वायरस का संक्रमण राजस्थान से आया है। इसको लेकर पूर्व की कोई रीसर्च भी उपलब्ध नहीं है, अभी वैक्सीन ही सहारा है, हम जिले की 35 हजार गायों को वैक्सीन लगा चुके हैं। अभी 15 हजार गायों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य और है। लंपी के लक्षणों से पीडि़त 512 गायों की सूचना हमारे पास आई है। इलाज जारी है और गायों में सुधार भी हो रहा है। बरेठा और बंधौली आइसोलेशन सेंटर लगभग फुल हो चुके हैं, अगले दो दिन में लदवाया में एक और आइसोलेशन सेंटर शुरू कर देंगे।
डॉ केशव बघेल, उप संचालक-पशु चिकित्सा
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