डिस्टेंस के 19 कोर्स बंद, नहीं मिली मान्यता

यूजीसी के मानकों को पूरा नहीं करने के कारण जीवाजी विश्वविद्यालय में संचालित दूरस्थ शिक्षण संस्थान के 19 कोर्स बंद हो गए हैं। इनके बंद होने से उन छात्रों को नुकसान हुआ है, जो अपने काम के साथ दूरस्थ शिक्षा पद्धति से डिग्री करना चाहते हैं

ग्वालियर. यूजीसी के मानकों को पूरा नहीं करने के कारण जीवाजी विश्वविद्यालय में संचालित दूरस्थ शिक्षण संस्थान के 19 कोर्स बंद हो गए हैं। इनके बंद होने से उन छात्रों को नुकसान हुआ है, जो अपने काम के साथ दूरस्थ शिक्षा पद्धति से डिग्री करना चाहते हैं। अब उन्हें किसी अन्य विवि के डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर का रुख करना पड़ेगा। इसके साथ ही जेयू को हर साल इनसे फीस के रूप में मिलने वाले लगभग एक करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। अब विवि वोकेशनल कोर्सों के जरिए छात्रों को आकर्षित करने की कोशिश में है, लेकिन परंपरागत पाठ्यक्रमों के जरिए डिग्री हासिल करने की सोच रखने वाले छात्र फिलहाल वोकेशनल कोर्सों में रुचि नहीं ले रहे हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी यहां के छात्रों की
ग्वालियर-चंबल संभाग के गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया जिलों के 40 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं जीवाजी विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में हर साल परीक्षा देते हैं। इसके बाद अंकसूची, परीक्षा फॉर्म और नामांकन आदि कराने के लिए छात्रों को प्रशासनिक भवन आना पड़ता है।

इतने पैसे देता है एक छात्र
कॉपियां देखने, संशोधन कराने सहित अन्य कामों के लिए छात्रों से कम से कम 150 रुपए वसूले जाते हैं। इसमें 40 रुपए एमपी ऑनलाइन को मिलते हैं, 70 रुपए विवि को मिलते हैं, जबकि 70 रुपए संबंधित कॉलेज का हिस्सा रहता है। यह शुल्क परीक्षा आवेदन और सेमेस्टर फीस के अलावा है।

संस्थान फेल होने के दो मुख्य कारण
विभाग के मुखिया को परीक्षा नियंत्रक बना दिया गया, जिससे वे अपना मूल काम जिम्मेदारी से नहीं कर पाए और पाठ्यक्रमों का संचालन सही तरीके से नहीं हो सका।
समय पर यूजीसी के मानकों पर आधारित औपचारिकताएं पूरी नहीं करवाई गईं, जिसकी वजह से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कोर्सों को मान्यता देने से मना कर दिया।

रिज़वान खान Desk
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