खुद को कार शोरूम का मालिक बताकर लाखों की ठगी, एक फोन कॉल पर ट्रांसफर करा ली रकम

संचालक को पता चला तो एकांउटेंट भेजकर कराई एफआईआर

By: Gaurav Sen

Published: 30 Jun 2019, 02:28 PM IST

ग्वालियर. प्रेम मोटर्स के एसबीआई खाते से 27 लाख रुपए की रकम धोखाधड़ी कर ठग ने अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। ठग ने बैंक प्रबंधक को कंपनी का संचालक बनकर फोन किया और लाखों की रकम आरटीएस कराई। कंपनी के मुख्य एकांउटेंट की शिकायत पर क्राइम ब्रांच थाने में अज्ञात पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। हालांकि पुलिस रकम निकालने के तरीके को लेकर गफलत में है, इसलिए मामले की छानबीन करने में जुट गई है।

पुलिस के मुताबिक चरणजीत नागपाल का एजी ऑफिस पुल के पास प्रेम मोटर्स के नाम से शोरूम है। उनका रामबाग कॉलोनी एसबीआई बैंक में खाता है। 27 जून को बैंक मैनेजर प्रीती चौरसिया के पास 7535961939 नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने कहा वह प्रेम मोटर्स से चरणजीत नागपाल बोल रहे हैं। उन्हें मर्सडीज का शोरूम खोलना है। 20 करोड़ की एफडी करानी है। अभी वह रजिस्ट्रार कार्यालय में व्यस्त हैं इसलिए बैंक नहीं आ सकते। आरटीजीएस के द्वारा रकम डाल दें। उन्होंने बकायदा तीन चेक भी भेजे।

इसके बाद बैंक प्रबंधन ने आरटीजीएस के जरिए 26 लाख 65 हजार 177 रुपए डाल दिए। कंपनी के मुख्य एकांउटेंट तुलसीराम खाता चेक कर रहे थे तो उन्हें रकम कम दिखाई दी। उन्होंने चरणजीत से पूछा तो उन्होंने कहा इस बारे में कुछ नहीं मालूम। बैंक जाकर पूछा तो बताया कि चरणजीत का फोन आया था उन्होंने चेक दिए और यह रकम दूसरे बैंक में खाते में ट्रांसफर कराई। इसके बाद तुलसीराम एसपी से मिले। उन्हें पूरा मामला बताया। फिर क्राइम थाने में तुलसीराम की शिकायत पर एफआइआर हुई।

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क्या है आरटीजीएस
आरटीजीएस (रीयल टाइम ग्रास सेटलमेंट) इस सुविधा के जरिए करीब 25 से 30 मिनट मे एक बैंक से दूसरे बैंक में बड़़ी रकम 2 लाख से ज्यादा ट्रांसफर हो जाती है। यह एनइएफटी (नेशनल इलेक्ट्रोनिक फंड ट्रांसफर) से अलग है। इसके तहत फंड ट्रांसफर एक निर्धारित समय पर होता है।


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26 lac money fraud on phone call with car showroom

जांच की जा रही है
रकम कैसे ट्रांसफर हुई कब हुई। बैंक प्रबंधक का क्या रोल है। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। बैंक जाकर पूछताछ की जाएगी। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ एफआइआर कर ली है।
विनोद छावई, थाना प्रभारी क्राइम ब्रां

Gaurav Sen
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