गजब है एमपी : पांच लाख लोगों की सुरक्षा कर रहे हैं 48 पुलिसकर्मी

गजब है एमपी : पांच लाख लोगों की सुरक्षा कर रहे हैं 48 पुलिसकर्मी

monu sahu | Publish: Dec, 07 2017 06:40:46 PM (IST) Gwalior, Madhya Pradesh, India

पांच लाख की आबादी पर सिर्फ 48 पुलिसकर्मियों की तैनाती होने से न तो पुलिस समय पर घटनास्थल तक पहुंच पा रही है

ग्वालियर। पांच लाख की आबादी पर सिर्फ ४८ पुलिसकर्मियों की तैनाती होने से न तो पुलिस समय पर घटनास्थल तक पहुंच पा रही है और न ही विवेचना जैसे कार्य समय पर पूरे हो पा रहे हैं। फूप थानें में ४३ गांव आते हंै,राजस्व रिकार्ड के अनुसार उक्त गांवों की आबादी दो लाख से अधिक है। फूप थाने में थाना प्रभारी से लेकर आरक्षकों तक के ३८ पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में देखा जाए तो तैनाती सिर्फ १८ की है। यानि ५० फीसदी से अधिक पद रिक्त हैं।

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इसी प्रकार अटेर थानें में आने वाले गांवों की संख्या ४० है और आबादी पौने दो लाख। अटेर की स्थिति फूप से भी खराब हैं यहां पर सिर्फ १८ पुलिसकर्मी मय थाना प्रभारी के तैनात हैं। सुरपुरा थाने के २२ गंावों की आबादी सवा लाख से अधिक है, जबकि थाना प्रभारी समेत तैनाती १३ पुलिसकर्मियों की है। उक्त दोनों थानों में ५० से लेकर ६० फीसदी तक पद रिक्त हैं।

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करीब १०४१६ लोगोंं की आबादी की सुरक्षा की जिम्मेदारी एक पुलिसकर्मी पर हैं। थानों में पुलिस बल की कमी कानून व्यवस्था के मार्ग में भी बाधक बनी हुई है। महिला पुलिसकर्मियों तैनाती तो और भी चिंताजनक है। आधी आबादी को सुरक्षा प्रदान करने के लिए तीनों थानों में एक या दो महिला आरक्षकों की ही तैनाती है।

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ऑफिशियल कार्य में खप रहे हैं डेढ़ दर्जन पुलिसकर्मी
पुलिसकर्मियों की कमी से जूझ रहे तीनों पुलिस थानों में डेढ़ दर्जन से अधिक आरक्षक ऑफिशियल कार्य में ही खपे हुए हैं। तीन आरक्षक वारंट, सम्मन तामीली, एक कोर्ट मुंशी, दो कम्प्यूटर, दो ऑफिस मदद में कार्यरत रहते हंै। इसके अलावा औसतन दो पुलिसकर्मी अवकाश पर रहते हैैं। बल की कर्मीके चलते आवश्यक कार्य होने पर ही पुलिसकर्मियों को अवकाश स्वीकृत हो पा रहा हैं। पुलिस के आला अधिकारी भी हकीकत से वाकिफ हैं।

 

"बल की कमी से पुलिसिंग में परेशानी आ रही हैं।सबसे अधिक विवेचना के कार्य प्रभावित हो रहे हंै।हाइवे का थाना होने के कारण कानून व्यवस्था पर भी नजर रखनी होती है।अधिकारियों को भी जानकारी है।"
विजयसिंह तोमर टीआई फूप

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